नर्मदा पहुंची खतरे के निशान से ऊपर, राजघाट का पुल किया आवागमन के लिए बंद
राजधानी भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में रविवार को सुबह से ही जोरदार बारिश हो रही है, जिसके चलते राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं। होशंगाबाद और जबलपुर क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते जहां तवा और बरगी बांधों के सभी गेट खुल गए हैं, वहीं इंदिरा सागर बांध के भी 9 गेट खोले गए हैं, जिससे प्रदेश की जीवन दायिनी माँ नर्मदा खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गई है, जिसके चलते प्रदेश में भयावह स्थिति बन गई है। प्रशासन ने नर्मदा तट पर बसे गांवों में अलर्ट जारी करते हुए खाली करने के निर्देश जारी किए हैं और अमला तैनात कर दिया है, ताकि अनहोनी को रोका जा सके।रविवार सुबह राजघाट बड़वानी में नर्मदा नदी खतरे के निशान से 1.47 मीटर के उपर बहने लगी। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने राजघाट पुल से होकर गुजरने वाले सवारी एवं बड़े वाहनो के यातायात को बैरियर लगाकर रूकवा दिया है। अब सवारी वाहन व बड़े वाहन छोटी कसरावद में बने बड़े पुल से होकर ही गुजर सकेंगे।इंदिरा सरोवर से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण राजघाट में नर्मदा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर एसडीएम बड़वानी हदयेश श्रीवास्तव एवं थाना प्रभारी बड़वानी सीबी सिंह ने जहां प्रात:काल भी राजघाट पहुंचकर कानून एवं अन्य व्यवस्थाओ की समीक्षा की वही होमगार्ड जवान एवं पुलिस बल को सतत् सजग रहकर स्थिति पर नजर बनाये रखने की हिदायत दी थी।जैसे ही दोपहर को नर्मदा का जल स्तर खतरे के निशान को छुआ, वैसे ही इन अधिकारी द्वय ने पुज पर लगे बैरियर को लगवाकर यातायात रूकवा दिया। साथ ही राजघाट पर पूजन सामग्री का व्यवसाय करने वालो को भी चेताया कि जैसे ही पुलिस बल या आपदा प्रबंधन के पदाधिकारी उन्हे हटने का निर्देश देते है वैसे ही वे अपनी दुकाने एवं घरो को छोडक़र सुरक्षित स्थान या बनाये गये बाढ़ आपदा राहत शिविर में चले जाये। जिससे किसी प्रकार की जन-धन की हानि न होने पायेज्ञातव्य है कि राजघाट में खतरे का निशान 128.28 मीटर पर है। इस स्थिति पर जल स्तर के पहुंचते ही आवागमन के लिए पुल को बंद कर दिया जाता हैं किन्तु राजघाट के पुल के उपर से पानी 127 मीटर पर पहुंचने पर ही गुजरता है।नर्मदा किनारे के ग्रामो में आपदा प्रबंधन के कलेक्टर तेजस्वी एस नायक ने नर्मदा नदी किनारे बसे ग्रामो में गठित आपदा प्रबंधन समिति के शासकीय एवं स्वयं सेवको को अपनी उपस्थिति सतत् बनाये रखने एवं किसी को भी नदी किनारे नही जाने देने के निर्देश दिये है। कलेक्टर ने बाढ़ आपदा राहत दल के मुख्य पदाधिकारियो को सतत् कन्ट्रोल रूम से जुड़े रहने एवं वहां से प्राप्त आदेशो-निर्देशो पर इन ग्रामो में समुचित कार्यवाही करवाने के निर्देश भी दिये है।
राजधानी भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में रविवार को सुबह से ही जोरदार बारिश हो रही है, जिसके चलते राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं। होशंगाबाद और जबलपुर क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते जहां तवा और बरगी बांधों के सभी गेट खुल गए हैं, वहीं इंदिरा सागर बांध के भी 9 गेट खोले गए हैं, जिससे प्रदेश की जीवन दायिनी माँ नर्मदा खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर पहुंच गई है, जिसके चलते प्रदेश में भयावह स्थिति बन गई है। प्रशासन ने नर्मदा तट पर बसे गांवों में अलर्ट जारी करते हुए खाली करने के निर्देश जारी किए हैं और अमला तैनात कर दिया है, ताकि अनहोनी को रोका जा सके।रविवार सुबह राजघाट बड़वानी में नर्मदा नदी खतरे के निशान से 1.47 मीटर के उपर बहने लगी। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने राजघाट पुल से होकर गुजरने वाले सवारी एवं बड़े वाहनो के यातायात को बैरियर लगाकर रूकवा दिया है। अब सवारी वाहन व बड़े वाहन छोटी कसरावद में बने बड़े पुल से होकर ही गुजर सकेंगे।इंदिरा सरोवर से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण राजघाट में नर्मदा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर एसडीएम बड़वानी हदयेश श्रीवास्तव एवं थाना प्रभारी बड़वानी सीबी सिंह ने जहां प्रात:काल भी राजघाट पहुंचकर कानून एवं अन्य व्यवस्थाओ की समीक्षा की वही होमगार्ड जवान एवं पुलिस बल को सतत् सजग रहकर स्थिति पर नजर बनाये रखने की हिदायत दी थी।जैसे ही दोपहर को नर्मदा का जल स्तर खतरे के निशान को छुआ, वैसे ही इन अधिकारी द्वय ने पुज पर लगे बैरियर को लगवाकर यातायात रूकवा दिया। साथ ही राजघाट पर पूजन सामग्री का व्यवसाय करने वालो को भी चेताया कि जैसे ही पुलिस बल या आपदा प्रबंधन के पदाधिकारी उन्हे हटने का निर्देश देते है वैसे ही वे अपनी दुकाने एवं घरो को छोडक़र सुरक्षित स्थान या बनाये गये बाढ़ आपदा राहत शिविर में चले जाये। जिससे किसी प्रकार की जन-धन की हानि न होने पायेज्ञातव्य है कि राजघाट में खतरे का निशान 128.28 मीटर पर है। इस स्थिति पर जल स्तर के पहुंचते ही आवागमन के लिए पुल को बंद कर दिया जाता हैं किन्तु राजघाट के पुल के उपर से पानी 127 मीटर पर पहुंचने पर ही गुजरता है।नर्मदा किनारे के ग्रामो में आपदा प्रबंधन के कलेक्टर तेजस्वी एस नायक ने नर्मदा नदी किनारे बसे ग्रामो में गठित आपदा प्रबंधन समिति के शासकीय एवं स्वयं सेवको को अपनी उपस्थिति सतत् बनाये रखने एवं किसी को भी नदी किनारे नही जाने देने के निर्देश दिये है। कलेक्टर ने बाढ़ आपदा राहत दल के मुख्य पदाधिकारियो को सतत् कन्ट्रोल रूम से जुड़े रहने एवं वहां से प्राप्त आदेशो-निर्देशो पर इन ग्रामो में समुचित कार्यवाही करवाने के निर्देश भी दिये है।
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