तेलंगाना में गौरक्षकों पर बरसे मोदी, कहा फर्जी गोरक्षक देश बांटना चाहते हैं!
गौरक्षकों पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोगों से इन ‘फर्जी’ रक्षकों से सचेत रहने को कहा जो समाज और देश को बांटना चाहते हैं और राज्यों से इन्हें कड़ा दंड देने को कहा।पशुओं को देश की सम्पत्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गौरक्षा के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं कि ऐसे फर्जी गौरक्षकों से सेचत रहें।’ प्रधानमंत्री ने राज्यों से ऐसे लोगों की पहचान करने को कहा जो समाज के तानेबाने को नष्ट करना चाहते हैं और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।प्रधानमंत्री ने कार्यभार संभालने के बाद तेलंगाना के पहले दौरे पर आने के बाद एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऐसे गिने चुने कुछ लोगों को उनके निहित स्वार्थ के लिए आपके अच्छे कार्यो को नष्ट करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उनकी सरकार और भाजपा को उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में गौरक्षकों द्वारा दलितों, मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मोदी ने कहा कि इन लोगों का पर्दाफाश करने की जरूरत है ताकि ये अपनी कुटिल चाल में सफल नहीं हो सके।उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और ‘हमारे देश की एकता और एकजुटता की रक्षा करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसे पूरा करने के लिए सभी देशवासियों को गाय की रक्षा करनी है और गौ सेवा करें। इस तरह की सेवा से राष्ट्रीय सम्पत्ति बढ़ती है। यह देश के लिए समस्या पैदा नहीं करती है।’ यहां कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लेकिन फर्जी गौरक्षक देश और समाज को नष्ट करते हैं। हमें इन लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। इन लोगों को दंडित करने की जरूरत है। तब हम देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।’दिल्ली में पहले टाउनहाल संबोधन में कल मोदी ने कड़े शब्दों में गौरक्षकों को फटकार लगाई थी और कहा था कि इनमें से अधिकांश असामाजिक तत्व है और गौ रक्षा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं और इससे उन्हें नाराजगी होती है।
गौरक्षकों पर प्रहार जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोगों से इन ‘फर्जी’ रक्षकों से सचेत रहने को कहा जो समाज और देश को बांटना चाहते हैं और राज्यों से इन्हें कड़ा दंड देने को कहा।पशुओं को देश की सम्पत्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गौरक्षा के नाम पर समाज में तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘मैं देशवासियों को बताना चाहता हूं कि ऐसे फर्जी गौरक्षकों से सेचत रहें।’ प्रधानमंत्री ने राज्यों से ऐसे लोगों की पहचान करने को कहा जो समाज के तानेबाने को नष्ट करना चाहते हैं और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।प्रधानमंत्री ने कार्यभार संभालने के बाद तेलंगाना के पहले दौरे पर आने के बाद एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऐसे गिने चुने कुछ लोगों को उनके निहित स्वार्थ के लिए आपके अच्छे कार्यो को नष्ट करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उनकी सरकार और भाजपा को उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में गौरक्षकों द्वारा दलितों, मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। मोदी ने कहा कि इन लोगों का पर्दाफाश करने की जरूरत है ताकि ये अपनी कुटिल चाल में सफल नहीं हो सके।उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और ‘हमारे देश की एकता और एकजुटता की रक्षा करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसे पूरा करने के लिए सभी देशवासियों को गाय की रक्षा करनी है और गौ सेवा करें। इस तरह की सेवा से राष्ट्रीय सम्पत्ति बढ़ती है। यह देश के लिए समस्या पैदा नहीं करती है।’ यहां कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लेकिन फर्जी गौरक्षक देश और समाज को नष्ट करते हैं। हमें इन लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। इन लोगों को दंडित करने की जरूरत है। तब हम देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।’दिल्ली में पहले टाउनहाल संबोधन में कल मोदी ने कड़े शब्दों में गौरक्षकों को फटकार लगाई थी और कहा था कि इनमें से अधिकांश असामाजिक तत्व है और गौ रक्षा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं और इससे उन्हें नाराजगी होती है।
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