बाढ़-बारिश से हाहाकार, उप्र, मप्र और बिहार बेहाल
देश के कई राज्यों में अतिवृष्टि और बाढ़ से हालात बहुत ख़राब हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, झारखण्ड और असम में बारिश और बाढ़ का कहर बरपा है। इन राज्यों में जहाँ एक तरफ नदियां उफान पर हैं वहीँ दूसरी तरफ लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर सैलाब आ गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह के अनुसार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।इन राज्यों में अब तक बारिश और बाढ़ के चलते करीब 500 लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। अकेले मध्य प्रदेश में अब तक 25 लोगों की जान बाढ़ और बारिश से जा चुकी है। करीब 25 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। यूपी में भी हालात कमोबेश इसी तरह के हैं। बिहार में गंगा और कोसी समेत आधा दर्जन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।असम में सैकड़ों गांव पानी की वजह से कट गए हैं। यहां लाखों लोग बाढ़ और बारिश की वजह से अपना अपना आशियाना छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं। उत्तराखंड में भी बाढ़ और बारिश की वजह से हालात काफी खराब हैं। राज्य के मरखोला इलाके में बदल फटने से 5 लोगों की मौत हो गयी है और दो लोग घायल हैं। बचाव और रहत कार्य जारी हैबाढ़ से उत्तर प्रेदश भी बेहाल है। एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ गंगा यमुना समेत राज्य की सभी नदिया उफान पर हैं। बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसों की वजह से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। नदियों के तटीय इलाकों में जगह-जगह बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं।बिहार में भी बाढ का बड़े पैमाने पर कहर बरपा है। बाढ़ के चलते वहां भी जनजीवन अस्त व्यस्त है। नेपाल की नदियों से आ रहे पानी ने बिहार में हालात खराब कर रखे हैं। दरअसल, नेपाल की छोटी पहाड़ी नदियों में उफान का असर बिहार मे सीधे कोसी नदी पर पड़ता है। कोसी को यूं भी बिहार का कहर कहा जाता है लेकिन इस वक्त गंगा और बाकी नदियां भी उफान पर हैं।पटना में गंगा नदी ने इस बार वर्ष 1994 में बढ़े जलस्तर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। नदी के किनारे बने घरों में और सड़कों पर गंगा का पानी बह रहा है। पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, राज्य में गंगा, पुनपुन, घाघरा, बूढ़ी गंडक और सोन नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा नदी दीघा, गांधीघाट, हथिदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी गंगापुर सिसवन (सीवान) और बूढ़ी गंडक खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
देश के कई राज्यों में अतिवृष्टि और बाढ़ से हालात बहुत ख़राब हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, झारखण्ड और असम में बारिश और बाढ़ का कहर बरपा है। इन राज्यों में जहाँ एक तरफ नदियां उफान पर हैं वहीँ दूसरी तरफ लगातार हो रही बारिश से सड़कों पर सैलाब आ गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह के अनुसार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है।इन राज्यों में अब तक बारिश और बाढ़ के चलते करीब 500 लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। अकेले मध्य प्रदेश में अब तक 25 लोगों की जान बाढ़ और बारिश से जा चुकी है। करीब 25 हजार लोग बेघर हो चुके हैं। यूपी में भी हालात कमोबेश इसी तरह के हैं। बिहार में गंगा और कोसी समेत आधा दर्जन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।असम में सैकड़ों गांव पानी की वजह से कट गए हैं। यहां लाखों लोग बाढ़ और बारिश की वजह से अपना अपना आशियाना छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं। उत्तराखंड में भी बाढ़ और बारिश की वजह से हालात काफी खराब हैं। राज्य के मरखोला इलाके में बदल फटने से 5 लोगों की मौत हो गयी है और दो लोग घायल हैं। बचाव और रहत कार्य जारी हैबाढ़ से उत्तर प्रेदश भी बेहाल है। एक तरफ बारिश तो दूसरी तरफ गंगा यमुना समेत राज्य की सभी नदिया उफान पर हैं। बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसों की वजह से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। नदियों के तटीय इलाकों में जगह-जगह बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए हैं।बिहार में भी बाढ का बड़े पैमाने पर कहर बरपा है। बाढ़ के चलते वहां भी जनजीवन अस्त व्यस्त है। नेपाल की नदियों से आ रहे पानी ने बिहार में हालात खराब कर रखे हैं। दरअसल, नेपाल की छोटी पहाड़ी नदियों में उफान का असर बिहार मे सीधे कोसी नदी पर पड़ता है। कोसी को यूं भी बिहार का कहर कहा जाता है लेकिन इस वक्त गंगा और बाकी नदियां भी उफान पर हैं।पटना में गंगा नदी ने इस बार वर्ष 1994 में बढ़े जलस्तर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। नदी के किनारे बने घरों में और सड़कों पर गंगा का पानी बह रहा है। पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, राज्य में गंगा, पुनपुन, घाघरा, बूढ़ी गंडक और सोन नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा नदी दीघा, गांधीघाट, हथिदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि पुनपुन नदी श्रीपालपुर में, घाघरा नदी गंगापुर सिसवन (सीवान) और बूढ़ी गंडक खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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