सीहोरा में नागों से पूछा काटने का कारण
गैरतगंज। तहसील के सिद्ध क्षेत्र सीहोरा खुर्द में नाग पंचमी के मौके पर नागों की अदालत का आयोजन किया गया। जहाँ पंडा अजब सिंह अखंडानंद ने सर्पदंश से पीड़ित रहे लोगों के शरीर में नागों की आत्मा ने प्रवेश कर काटने का कारण बताया। यह लोग गत वर्ष में नागों से सताने के बाद सीहोरा दरबार में पहुंचे थे। सीहोरा मे मंदिर रामरसिया धाम एवं शिव धाम के लिए प्रसिद्ध है।सीहोरा ग्राम के भीतरी क्षेत्र में नागदेव का चबूतरा है जहाँ प्रतिवर्ष नाग पंचमी के मौके पर नागों की अदालत लगती हैं। मान्यता है कि साल भर से सर्प दंश से पीड़ित लोग सीहोरा पहुंचकर पंडा से गांसी बंधवाते है। जिससे उन्हें लाभ प्राप्त होता है। बाद में उन्हें नाग पंचमी पर पुनः सीहोरा आना होता है।
गैरतगंज। तहसील के सिद्ध क्षेत्र सीहोरा खुर्द में नाग पंचमी के मौके पर नागों की अदालत का आयोजन किया गया। जहाँ पंडा अजब सिंह अखंडानंद ने सर्पदंश से पीड़ित रहे लोगों के शरीर में नागों की आत्मा ने प्रवेश कर काटने का कारण बताया। यह लोग गत वर्ष में नागों से सताने के बाद सीहोरा दरबार में पहुंचे थे। सीहोरा मे मंदिर रामरसिया धाम एवं शिव धाम के लिए प्रसिद्ध है।सीहोरा ग्राम के भीतरी क्षेत्र में नागदेव का चबूतरा है जहाँ प्रतिवर्ष नाग पंचमी के मौके पर नागों की अदालत लगती हैं। मान्यता है कि साल भर से सर्प दंश से पीड़ित लोग सीहोरा पहुंचकर पंडा से गांसी बंधवाते है। जिससे उन्हें लाभ प्राप्त होता है। बाद में उन्हें नाग पंचमी पर पुनः सीहोरा आना होता है।
इस आयोजन को आस्था कहे या अन्धविश्वाश। परन्तु लोग बड़ी संख्या में इस स्थान से जुड़े हुए है।
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