नालंदा और विक्रमशिला विवि हमारे लिए गर्व की बात: प्रणब
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में शनिवार को यहाँ कहा कि बिहार में नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक महत्व के विश्वविद्यालय रहे हैं जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रहा है।राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने पहले सत्र के कुल बारह छात्रों को सम्मानित किया। जिनमें से दो छात्रों, शशि अहलावत और साना सालाह को राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल से नवाजा। साथ ही अन्य दस छात्रों को भी सम्मानित किया। सभी छात्रों को सर्टिफिकेट भी दिए गए। समारोह में सभी सम्मानित होने वाले छात्रों ने खादी का गाउन पहन रखा था।राष्ट्रगान के बाद वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने राष्ट्रपति का स्वागत भाषण पढा। स्वागत भाषण के बाद वीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 800 सौ साल के बाद आया है। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने नालंदा विवि के नये भवन का शिलान्यास किया। राजगीर पहुंचकर राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में बने पंडाल के बाहर लगी तस्वीरों को देखा। सभी सम्मानित होने वाले छात्रों के साथ राष्ट्रपति ने फोटोग्राफ भी खिंचवाये। उनके साथ नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन भी मौजूद थे।आज उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में मेकेन डैनियल इसाक,गणेश दीक्षित सरगाम, अरुण गांधी, ज्योर्तिमय कंडुला, लुबना खान, रंजीत कुमार, साना सालाह, अंशुमन शेखर, शशि अहलावत, अकीरो नाकामुरा, पवनी साई राम हैं।राष्ट्रपति आज सुबह हेलीकाप्टर से 10.43 बजे राजगीर पहुंचे। राष्ट्रपति का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर जॉर्ज यीओ और वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने किया। इस मौके पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने बिहार सरकार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को पुन: खड़ा करना मुश्किल काम था लेकिन नीतीश कुमार के सहयोग से यह काम संभव हो गया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा को विश्व धरोहर में शामिल होने पर खुशी जताई और कहा कि अब तेल्हाड़ा और विक्रमशिला को भी विकसित करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष '2006 में इस विवि की शुरूआत हुई। विवि के लिए बिहार सरकार द्वारा 70 एकड़ जमीन इनडाउनमेन्ट के लिये उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि विश्वविद्यालय राज्य और केंद्र सरकार पर आश्रित ना होकर स्वयं पर आश्रित हो जाए और जितना जल्द हो विवि अपने भवन में शिफ्ट हो जाये।विवि के प्रथम दीक्षांत समारोह में आठ देशों के प्रतिनिधिमंडल और राजदूत के साथ नालंदा विश्वविद्यालय के प्रबंध समिति के सदस्य लार्ड मेघनाथ देसाई, राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, भाजपा नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार, आद्री के अध्यक्ष शैबाल गुप्ता के साथ ही मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, जदयू नेता श्रवण कुमार और नालंदा के सांसद सहित स्थानीय विधायक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उनके साथ साथ विश्विद्यालय के वाइस चांसलर गोपाल सभरवाल मौजूद थे।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में शनिवार को यहाँ कहा कि बिहार में नालंदा और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक महत्व के विश्वविद्यालय रहे हैं जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का अपने आप में ऐतिहासिक महत्व रहा है।राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने पहले सत्र के कुल बारह छात्रों को सम्मानित किया। जिनमें से दो छात्रों, शशि अहलावत और साना सालाह को राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल से नवाजा। साथ ही अन्य दस छात्रों को भी सम्मानित किया। सभी छात्रों को सर्टिफिकेट भी दिए गए। समारोह में सभी सम्मानित होने वाले छात्रों ने खादी का गाउन पहन रखा था।राष्ट्रगान के बाद वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने राष्ट्रपति का स्वागत भाषण पढा। स्वागत भाषण के बाद वीसी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जो 800 सौ साल के बाद आया है। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने नालंदा विवि के नये भवन का शिलान्यास किया। राजगीर पहुंचकर राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में बने पंडाल के बाहर लगी तस्वीरों को देखा। सभी सम्मानित होने वाले छात्रों के साथ राष्ट्रपति ने फोटोग्राफ भी खिंचवाये। उनके साथ नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन भी मौजूद थे।आज उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों में मेकेन डैनियल इसाक,गणेश दीक्षित सरगाम, अरुण गांधी, ज्योर्तिमय कंडुला, लुबना खान, रंजीत कुमार, साना सालाह, अंशुमन शेखर, शशि अहलावत, अकीरो नाकामुरा, पवनी साई राम हैं।राष्ट्रपति आज सुबह हेलीकाप्टर से 10.43 बजे राजगीर पहुंचे। राष्ट्रपति का स्वागत विश्वविद्यालय के चांसलर जॉर्ज यीओ और वाइस चांसलर गोपा सभरवाल ने किया। इस मौके पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने बिहार सरकार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को पुन: खड़ा करना मुश्किल काम था लेकिन नीतीश कुमार के सहयोग से यह काम संभव हो गया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा को विश्व धरोहर में शामिल होने पर खुशी जताई और कहा कि अब तेल्हाड़ा और विक्रमशिला को भी विकसित करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष '2006 में इस विवि की शुरूआत हुई। विवि के लिए बिहार सरकार द्वारा 70 एकड़ जमीन इनडाउनमेन्ट के लिये उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि विश्वविद्यालय राज्य और केंद्र सरकार पर आश्रित ना होकर स्वयं पर आश्रित हो जाए और जितना जल्द हो विवि अपने भवन में शिफ्ट हो जाये।विवि के प्रथम दीक्षांत समारोह में आठ देशों के प्रतिनिधिमंडल और राजदूत के साथ नालंदा विश्वविद्यालय के प्रबंध समिति के सदस्य लार्ड मेघनाथ देसाई, राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, भाजपा नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार, आद्री के अध्यक्ष शैबाल गुप्ता के साथ ही मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, जदयू नेता श्रवण कुमार और नालंदा के सांसद सहित स्थानीय विधायक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उनके साथ साथ विश्विद्यालय के वाइस चांसलर गोपाल सभरवाल मौजूद थे।
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