मशहूर संत प्रमुख स्वामी का निधन बुधवार को होगा अंतिम संस्कार
स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रमुख संत और बोचासणवासी अक्षरपुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान यानी बीएपीएस के अध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु प्रमुखस्वामी का आज निधन हो गया. गुजरात के बोटाद जिले के सारंगपुर में आज शाम छह बजे प्रमुखस्वामी ने अंतिम सांस ली. करीब 95 वर्ष के प्रमुखस्वामी लंबे समय से बीमार चल रहे थे.प्रमुख स्वामी का अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे होगा. इससे पहले तीन दिन तक उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा रहेगा. प्रमुखस्वामी के निधन की खबर मिलते ही पूरी दुनिया में फैले उनके भक्तों के बीच शोक की लहर फैल गई है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर प्रमुखस्वामी को अपनी श्रद्धांजल़ि दी है. मोदी ने कहा है, ‘’समाज के लिए किया गया उनका कार्य हमेशा याद रखा जाएगा.’कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी प्रमुखस्वामी को अपनी श्रद्धांजलि में इस बात पर खास तौर पर जोर दिया कि 24 सितंबर 2002 को गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के बावजूद प्रमुख स्वामी ने सांप्रदायिक सौहार्द की वकालत की थी.गौरतलब है कि प्रमुखस्वामी की अगुआई में बीएपीएस संस्था ने पूरी दुनिया में एक हजार से अधिक मंदिर बनाए हैं, जिसकी वजह से इनका नाम गिनेस बुक में रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज है. गांधीनगर और दिल्ली में यमुना के किनारे मौजूद अक्षरधाम मंदिर प्रमुखस्वामी की अगुआई में ही निर्मित हुए, जहां दुनिया भर से सैलानी इनकी भव्यता को निहारने के लिए आते हैं. बीएपीएस की तरफ से लंदन से लेकर न्यूजर्सी और शिकागो से लेकर दक्षिण अफ्रीका के कई देशों में भी मंदिरों का निर्माण कराया गया है.प्रमुखस्वामी पिछले कई महीनों से सारंगपुर में रह रहे थे और वही उन्होंने अंतिम सांस भी ली. पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रमुखस्वामी के आध्यात्मिक जीवन को लेकर ट्रांसेंडेंस नामक पुस्तक लिखी थी, जिसका विमोचन सारंगपुर में ही हुआ था. कलाम बतौर राष्ट्रपति कई दफा प्रमुखस्वामी से आकर मिले थे. प्रमुखस्वामी ने दुनिया के तमाम देशों का दौरा कर बीएपीएस के काम को लगातार आगे बढाया.’
स्वामीनारायण संप्रदाय के प्रमुख संत और बोचासणवासी अक्षरपुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्थान यानी बीएपीएस के अध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु प्रमुखस्वामी का आज निधन हो गया. गुजरात के बोटाद जिले के सारंगपुर में आज शाम छह बजे प्रमुखस्वामी ने अंतिम सांस ली. करीब 95 वर्ष के प्रमुखस्वामी लंबे समय से बीमार चल रहे थे.प्रमुख स्वामी का अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे होगा. इससे पहले तीन दिन तक उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा रहेगा. प्रमुखस्वामी के निधन की खबर मिलते ही पूरी दुनिया में फैले उनके भक्तों के बीच शोक की लहर फैल गई है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर प्रमुखस्वामी को अपनी श्रद्धांजल़ि दी है. मोदी ने कहा है, ‘’समाज के लिए किया गया उनका कार्य हमेशा याद रखा जाएगा.’कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी प्रमुखस्वामी को अपनी श्रद्धांजलि में इस बात पर खास तौर पर जोर दिया कि 24 सितंबर 2002 को गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के बावजूद प्रमुख स्वामी ने सांप्रदायिक सौहार्द की वकालत की थी.गौरतलब है कि प्रमुखस्वामी की अगुआई में बीएपीएस संस्था ने पूरी दुनिया में एक हजार से अधिक मंदिर बनाए हैं, जिसकी वजह से इनका नाम गिनेस बुक में रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज है. गांधीनगर और दिल्ली में यमुना के किनारे मौजूद अक्षरधाम मंदिर प्रमुखस्वामी की अगुआई में ही निर्मित हुए, जहां दुनिया भर से सैलानी इनकी भव्यता को निहारने के लिए आते हैं. बीएपीएस की तरफ से लंदन से लेकर न्यूजर्सी और शिकागो से लेकर दक्षिण अफ्रीका के कई देशों में भी मंदिरों का निर्माण कराया गया है.प्रमुखस्वामी पिछले कई महीनों से सारंगपुर में रह रहे थे और वही उन्होंने अंतिम सांस भी ली. पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम ने प्रमुखस्वामी के आध्यात्मिक जीवन को लेकर ट्रांसेंडेंस नामक पुस्तक लिखी थी, जिसका विमोचन सारंगपुर में ही हुआ था. कलाम बतौर राष्ट्रपति कई दफा प्रमुखस्वामी से आकर मिले थे. प्रमुखस्वामी ने दुनिया के तमाम देशों का दौरा कर बीएपीएस के काम को लगातार आगे बढाया.’
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