Tuesday, 9 August 2016

8वीं क्लास के लड़के ने PM मोदी को लिखा खत- मोदी अंकल! क्या मेरी पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है आपकी रैली?

8वीं क्लास के लड़के ने PM मोदी को लिखा खत- मोदी अंकल! क्या मेरी पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है आपकी रैली?
 
मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में आठवीं क्लास के एक छात्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्कूल बसों को रैली के लिए भीड़ जुटाने में इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है। आठवीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र देवांश जैन ने अपने खत में लिखा है कि 9 अगस्त को अलीराजपुर में होने वाली पीएम मोदी की जनसभा के लिए स्कूल बसें अधिगृहित की जा रही हैं, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आठवीं क्लास के देवांश का पीएम मोदी को लिखा गया खुला खत सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।उसने पीएम मोदी को लिखे खत में कहा है कि मुझे आज क्लास में मेरी टीचर ने बताया कि 9 और 10 अगस्त को स्कूल बस नहीं आएगी। मैंने पूछा क्यों ? टीचर ने बताया कि आप मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले में शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की जन्मस्थली भाभरा में भारत छोडो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक संभा को संबोधित करने आ रहे हैं, जिसमें भीड़ ले जाने के लिए कलेक्टर ने स्कूल बस ले ली है। पर मोदी अंकल मुझे तो पता है कि आपको सुनने के लिए तो लोग स्वयं के साधन से, स्वयं के खर्च पर हर जगह पहुंचते हैं। चाहे देश हो या विदेश, सभी जगह आपको सुनने के लिए भारी भीड़ इकठ्ठा होती है। मैंने तो टीवी पर आपको अमेरिका में भी भाषण देते देखा था वहां भी बहुत भीड़ थी। मुझे पता है कि वहां तो लोग आपको सुनने स्कूल बस में बैठकर नहीं पहुंचे थे। मुझे तो यह भी पता है कि चुनाव के समय आपको सुनने के लिए लोग पैसे देकर सभागृह में पहुचते थे।अंकल मैं आपका बड़ा फैन हूं, रेडियो पर आपकी मन की बात सुनना कभी मिस नहीं करता। आपको लेकर मेरी अपने दोस्तों से लड़ाई तक हो जाती है जो आपको नाटक कंपनी बताते हुए मुझे चिढ़ाते हैं कि आपकी सभा में भीड़ इकट्ठी नहीं होती सरकारी वाहनों में ढो कर लाई जाती है। मैंने इस वज़ह से कुछ दोस्तों से बात ही बंद कर दी है। पर अंकल अब मुझे अपनी दोस्तों की बात सही लगने लगी है, क्योंकि जब पिछली बार जब आप सीहोर-विदिशा आये थे, तब भी मेरी स्कूल बस दो दिन नहीं आई थी। मैंने बस वाले अंकल से कहा कि हमारी बस तो बच्चों के लिए है न ! उसमें दूसरे लोगों को क्यों बैठा रहे हो ? तो वो कहने लगे बेटा, "कलेक्टर और आरटीओ के ऑर्डर हैं, नहीं मानेंगे तो बस बंद करवा देंगे। ज्यादा चीं-पों की तो स्कूल भी बंद करवा देंगे शिवराज मामा !"क्या सच में मेरी बस बंद करवा देंगे वे ? क्या मेरी स्कूल भी बंद हो जाएगी यदि कलेक्टर की बात नहीं मानी तो...? अंकल मेरी स्कूल बस नहीं आई तो दिन मैं स्कूल कैसे जा सकूंगा। मेरे तो पापा भी बाहर गए है जो मुझे बाइक से छोड़ देते, घर पर बस मम्मी और दीदी हैं। बताओ अब कैसे स्कूल जाऊंगा मैं ? क्या मेरी पढ़ाई से ज्यादा जरूरी आपकी सभा में लोगो को भिजवाना है ? मोदी अंकल आप तो कांग्रेसी नेताओं जैसे नहीं हो न... आपको तो हमारी, पढ़ाई और भविष्य की चिंता है न। प्लीज़ आप शिवराज मामा से बोल दो न कि आपकी सभा के लिए स्कूल बसों में लोगों को ढोकर लाने की ज़रूरत नहीं। आपके तो भाषण में इतना दम है की लोग खुद-ब-खुद खींचे चले आएंगे। आपने ऐसा किया तो फिर मैं अपने दोस्तों को ताल ठोककर कह सकूंगा कि मेरे मोदी अंकल की सभा में भीड़ जुटती है जुटायी नहीं जाती। पत्र का खात्मा देवांश जैन ने थैंक्यू के साथ किया है।

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