पीएम मोदी का किसानों को तोहफा, 15 साल में पहली बार 200 रुपए तक घटें खाद के दाम
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने केन्द्र सरकार द्वारा खाद की कीमतों में 100 रू. से 200 रू. प्रति बोरी की कमी किये जाने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसानों को तोहफा बताया है। 15 वर्षों में पहली बार रासायनिक खाद की कीमतों में कमी हुई है। फलस्वरूप डीएपी खाद की कीमतों में प्रतिटन 4 हजार रू. और प्रति बोरी 100 रू. कमी हो जायेगी। एमओपी और एमपी की कीमत में 200 रू. तक प्रतिबोरी की कमी हो जायेगी। देश में पहली बार रासायनिक खाद का प्रचुर भंडार उपलब्ध हुआ है, जिससे अब न तो कहीं खाद की कालाबाजारी हो रही है और न ही किल्लत की मारा-मारी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आने वाले वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होनें कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सिंचाई के लिए मिलने वाले बिजली के अस्थाई कनेक्शन को स्थायी करनें का निर्णय लिया है। किसानों को अस्थायी बिजली कनेक्शन से मुक्ति दिला दी है। इसमें भी अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को रियायत दी जा रही है।श्री गुर्जर ने कहा कि किसान के जल्द नष्ट होने वाले उत्पादन में राज्य सरकार ने चिंता व्यक्त की है, प्रदेश में 300 करोड़ रू. की राशि शीतगृह के निर्माण हेतु प्रावधान किया है। शीतगृह निर्माण में रूचि रखने वालों को सरकार ने 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने केन्द्र सरकार द्वारा खाद की कीमतों में 100 रू. से 200 रू. प्रति बोरी की कमी किये जाने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का किसानों को तोहफा बताया है। 15 वर्षों में पहली बार रासायनिक खाद की कीमतों में कमी हुई है। फलस्वरूप डीएपी खाद की कीमतों में प्रतिटन 4 हजार रू. और प्रति बोरी 100 रू. कमी हो जायेगी। एमओपी और एमपी की कीमत में 200 रू. तक प्रतिबोरी की कमी हो जायेगी। देश में पहली बार रासायनिक खाद का प्रचुर भंडार उपलब्ध हुआ है, जिससे अब न तो कहीं खाद की कालाबाजारी हो रही है और न ही किल्लत की मारा-मारी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आने वाले वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होनें कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सिंचाई के लिए मिलने वाले बिजली के अस्थाई कनेक्शन को स्थायी करनें का निर्णय लिया है। किसानों को अस्थायी बिजली कनेक्शन से मुक्ति दिला दी है। इसमें भी अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को रियायत दी जा रही है।श्री गुर्जर ने कहा कि किसान के जल्द नष्ट होने वाले उत्पादन में राज्य सरकार ने चिंता व्यक्त की है, प्रदेश में 300 करोड़ रू. की राशि शीतगृह के निर्माण हेतु प्रावधान किया है। शीतगृह निर्माण में रूचि रखने वालों को सरकार ने 50 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की है।
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