अब SLEEPER के किराए में करें AC COUCH की यात्रा , भरे AUTO UP GRADATION FORM
यदि आपको रेलवे रिजर्वेशन की थोड़ी सी जानकारी हो या आप रेलवे की सुविधाओं
से अपडेट रहते हों तो कई सहुलियतें ले सकते हैं। इनमें स्लीपर क्लास के
किराए में एसी का मजा भी लिया जा सकता है। यदि आप एसी कोच में सफर करना
चाहते हैं लेकिन एसी के महंगे टिकट के लिए आपकी जेब मंजूरी नहीं दे रही है
तब भी आप अपनी इच्छा पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आपको रिजर्वेशन फार्म के
आटो अपग्रेडेशन कॉलम को भरना होगा। इस कालम को भरने के बाद
रेलवे की तरफ से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। एसी कोच में बर्थ
खाली है तो स्लीपर के किराए पर ही एसी कोच में सफर करने का मौका मिल सकता
है। रेलवे की इस सुविधा के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। लिहाजा
वे फार्म भरते समय अपग्रेडेशन का कालम ही नहीं भरते।कई बार लंबी दूरी तक
एसी की कई बर्थें खाली जाती हैं। उन पर कोई यात्रा नहीं करता। जबकि स्लीपर
क्लास में लंबी वेटिंग होती है। ऐसे में यदि स्लीपर के कु छ यात्रियों को
एसी की खाली जा रही बर्थों पर अपग्रेड कर दिया जाता है तो स्लीपर क्लास की
कई बर्थें वेटिंग या आरएसी के यात्रियों को आवंटित हो सकती हैं।स्लीपर से
एसी में अपग्रेड होने की सुविधा ई-टिकट के साथ ही रेलवे की रिजर्वेशन
विंडों पर भी मिलती है। यहां से टिकट बुक करते समय यात्री को केवल आॅटो
अपग्रेडेशन के कॉलम को क्लिक करना होता है। इस अपग्रेडेशन का फायदा सभी
मेल,एक्सप्रेस ट्रेनों में उठाया जा सकता है। कंसेशन और पार्टी बुकिंग पर
ये सुविधा नहीं मिलती। एकमुश्त टिकट पर भी इसका फायदा नहीं मिलता। एक
पीएनआर पर यदि छह पैसेंजर सफर कर रहे हैं तो एक साथ सभी अपग्रेड होंगे नहीं
तो कोई नहीं। सिर्फ स्लीपर क्लास की वेटिंग को ही अपग्रेडिंग का फायदा
मिलता है।
यदि आपको रेलवे रिजर्वेशन की थोड़ी सी जानकारी हो या आप रेलवे की सुविधाओं
से अपडेट रहते हों तो कई सहुलियतें ले सकते हैं। इनमें स्लीपर क्लास के
किराए में एसी का मजा भी लिया जा सकता है। यदि आप एसी कोच में सफर करना
चाहते हैं लेकिन एसी के महंगे टिकट के लिए आपकी जेब मंजूरी नहीं दे रही है
तब भी आप अपनी इच्छा पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आपको रिजर्वेशन फार्म के
आटो अपग्रेडेशन कॉलम को भरना होगा। इस कालम को भरने के बाद
रेलवे की तरफ से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। एसी कोच में बर्थ
खाली है तो स्लीपर के किराए पर ही एसी कोच में सफर करने का मौका मिल सकता
है। रेलवे की इस सुविधा के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। लिहाजा
वे फार्म भरते समय अपग्रेडेशन का कालम ही नहीं भरते।कई बार लंबी दूरी तक
एसी की कई बर्थें खाली जाती हैं। उन पर कोई यात्रा नहीं करता। जबकि स्लीपर
क्लास में लंबी वेटिंग होती है। ऐसे में यदि स्लीपर के कु छ यात्रियों को
एसी की खाली जा रही बर्थों पर अपग्रेड कर दिया जाता है तो स्लीपर क्लास की
कई बर्थें वेटिंग या आरएसी के यात्रियों को आवंटित हो सकती हैं।स्लीपर से
एसी में अपग्रेड होने की सुविधा ई-टिकट के साथ ही रेलवे की रिजर्वेशन
विंडों पर भी मिलती है। यहां से टिकट बुक करते समय यात्री को केवल आॅटो
अपग्रेडेशन के कॉलम को क्लिक करना होता है। इस अपग्रेडेशन का फायदा सभी
मेल,एक्सप्रेस ट्रेनों में उठाया जा सकता है। कंसेशन और पार्टी बुकिंग पर
ये सुविधा नहीं मिलती। एकमुश्त टिकट पर भी इसका फायदा नहीं मिलता। एक
पीएनआर पर यदि छह पैसेंजर सफर कर रहे हैं तो एक साथ सभी अपग्रेड होंगे नहीं
तो कोई नहीं। सिर्फ स्लीपर क्लास की वेटिंग को ही अपग्रेडिंग का फायदा
मिलता है।
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