MODI'S CABINET में 19 NEW MINISTER हुए आज शामिल,दिखी UP ELECTION की झलक
बीस महीने बाद आज मोदी सरकार की कैबिनेट में दूसरी बार फेरबदल हुआ। आज 19
नए मंत्रियों को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शपथ दिलाई गई। हालांकि, पांच
मंत्रियों ने अपना इस्तीफा पीएम को भेज दिया है। आज हुए विस्तार में
बीजेपी के प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का प्रमोशन करते
हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।अगले साल होने वाले
विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्होंने इस विस्तार में उत्तर प्रदेश
को विशेष तरजीह दी। यहां से तीन सांसदों, डा. महेंद्र नाथ पांडेय, कृष्णा
राज और अनुप्रिया पटेल को राज्यमंत्री बनाकर मोदी ने उप्र के अगड़ा, पिछड़ा
और दलित यानी सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।मोदी का नारा है सबका
साथ सबका विकास। आज हुए मंत्रिपरिषद के विस्तार में मोदी ने अपने इस नारे
को व्यवहारिक रूप दिया। डा. महेंद्र नाथ पांडेय को मंत्रिपरिषद में शामिल
कर जहां उन्होंने अगड़ों विशेषकर ब्राह्मणों को खुश करने की कोशिश की वहीं
कृष्णा राज के सहारे दलितों को उनका हितैषी होने का संदेश दिया। इसके
अलावा अनुप्रिया पटेल को राज्यमंत्री बनाकर प्रदेश के पिछड़ों विशेषकर
पटेलों को लुभाने का प्रयास किया गया है।उप्र में अगले साल विधानसभा का
चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा यहां के सामाजिक समीकरण के अनुसार अपने
सियासी समीकरण को ठीक करने में लगी है। पूर्वांचल बसपा का गढ़ रहा है। सपा
भी यहां कमजोर नहीं है। ब्राह्मण और दलित गठजोड़ से बसपा यहां शक्तिशाली बनी
रही है। ऐसे में भाजपा ने ब्राह्मण नेता डा0 महेंद्र नाथ पाण्डेय और पिछड़ा
वर्ग की नेता अपुप्रिया पटेल के जरिये बसपा और सपा को शिकस्त देने की
कोशिश की गयी है। डा0 पाण्डेय पूर्वांचल में ब्राह्मणों के बड़े चेहरा माने
जाते हैं तो अनुप्रिया पटेल की पटेलों में अच्छी पकड़ है। प्रदेश में कानपुर
से वाराणसी तक पटेलों की अच्छी खासी जनसंख्या है।उधर, शाहजहांपुर से सांसद
कृष्णा राज को राज्यमंत्री बनाकर भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रूहेलखंड
में उन्हें दलित चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट कर उनका फायदा उठा सकती है।
कृष्णा राज पासी समाज की हैं। ऐसे में वह सीधे तौर पर बसपा के कोर वोट बैंक
में सेंध लगा सकती हैं।आगरा से सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया को
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद से बाहर कर दिया है। मोदी ने अपने
मंत्रिपरिषद के पहले विस्तार में नवम्बर 2014 में मानव संसाधन विकास
राज्यमंत्री बनाया था। वह आगरा से दूसरी बार सांसद चुने गये हैं। उप्र में
वह भाजपा के दलित चेहरा के रूप में जाने जाते रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें
उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा रही है। सियासी पंडितों
का कहना है कि अपने विवादित बयानों के चलते उन्हें मंत्रिपषिद से हटाया
गया। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जगह
देगी। पूर्व में भी वह पार्टी संगठन में थे और दो राज्यों पंजाब व छत्तीसगढ़
के प्रभारी थे।
बीस महीने बाद आज मोदी सरकार की कैबिनेट में दूसरी बार फेरबदल हुआ। आज 19
नए मंत्रियों को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शपथ दिलाई गई। हालांकि, पांच
मंत्रियों ने अपना इस्तीफा पीएम को भेज दिया है। आज हुए विस्तार में
बीजेपी के प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का प्रमोशन करते
हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।अगले साल होने वाले
विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्होंने इस विस्तार में उत्तर प्रदेश
को विशेष तरजीह दी। यहां से तीन सांसदों, डा. महेंद्र नाथ पांडेय, कृष्णा
राज और अनुप्रिया पटेल को राज्यमंत्री बनाकर मोदी ने उप्र के अगड़ा, पिछड़ा
और दलित यानी सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।मोदी का नारा है सबका
साथ सबका विकास। आज हुए मंत्रिपरिषद के विस्तार में मोदी ने अपने इस नारे
को व्यवहारिक रूप दिया। डा. महेंद्र नाथ पांडेय को मंत्रिपरिषद में शामिल
कर जहां उन्होंने अगड़ों विशेषकर ब्राह्मणों को खुश करने की कोशिश की वहीं
कृष्णा राज के सहारे दलितों को उनका हितैषी होने का संदेश दिया। इसके
अलावा अनुप्रिया पटेल को राज्यमंत्री बनाकर प्रदेश के पिछड़ों विशेषकर
पटेलों को लुभाने का प्रयास किया गया है।उप्र में अगले साल विधानसभा का
चुनाव होना है। ऐसे में भाजपा यहां के सामाजिक समीकरण के अनुसार अपने
सियासी समीकरण को ठीक करने में लगी है। पूर्वांचल बसपा का गढ़ रहा है। सपा
भी यहां कमजोर नहीं है। ब्राह्मण और दलित गठजोड़ से बसपा यहां शक्तिशाली बनी
रही है। ऐसे में भाजपा ने ब्राह्मण नेता डा0 महेंद्र नाथ पाण्डेय और पिछड़ा
वर्ग की नेता अपुप्रिया पटेल के जरिये बसपा और सपा को शिकस्त देने की
कोशिश की गयी है। डा0 पाण्डेय पूर्वांचल में ब्राह्मणों के बड़े चेहरा माने
जाते हैं तो अनुप्रिया पटेल की पटेलों में अच्छी पकड़ है। प्रदेश में कानपुर
से वाराणसी तक पटेलों की अच्छी खासी जनसंख्या है।उधर, शाहजहांपुर से सांसद
कृष्णा राज को राज्यमंत्री बनाकर भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रूहेलखंड
में उन्हें दलित चेहरे के रूप में प्रोजेक्ट कर उनका फायदा उठा सकती है।
कृष्णा राज पासी समाज की हैं। ऐसे में वह सीधे तौर पर बसपा के कोर वोट बैंक
में सेंध लगा सकती हैं।आगरा से सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया को
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिपरिषद से बाहर कर दिया है। मोदी ने अपने
मंत्रिपरिषद के पहले विस्तार में नवम्बर 2014 में मानव संसाधन विकास
राज्यमंत्री बनाया था। वह आगरा से दूसरी बार सांसद चुने गये हैं। उप्र में
वह भाजपा के दलित चेहरा के रूप में जाने जाते रहे हैं। पिछले दिनों उन्हें
उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाये जाने की चर्चा रही है। सियासी पंडितों
का कहना है कि अपने विवादित बयानों के चलते उन्हें मंत्रिपषिद से हटाया
गया। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जगह
देगी। पूर्व में भी वह पार्टी संगठन में थे और दो राज्यों पंजाब व छत्तीसगढ़
के प्रभारी थे।
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