Tuesday, 12 July 2016

KASHMIR घाटी में हिंसा के चौथे दिन तक 30 मौतें, CORFU जारी

KASHMIR  घाटी में हिंसा के चौथे दिन तक 30 मौतें, CORFU जारी 

हिजबुल कमांडर एवं आतंकी बुरहान मुज़फ़्फ़र वानी के जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने से बौखलाए लोगों ने चौथे दिन भी घाटी के अनेक इलाकों में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कई जगहों पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं देखने को मिली। सुरक्षाकर्मियों के साथ भिड़त में मरने वालों की संख्या 30 हो गई है। श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों एवं पुलवामा जिले सहित घाटी के 10 जिलों में कर्फ्यू हटाया नहीं गया है। विरोध-प्रदर्शन में अब तक लगभग 800 लोग घायल हो चुके हैं जिनमें 100 पुलिसकर्मी हैं।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए एक युवक ने एक अस्पताल में दम तोड़ दिया है। आदिल अहमद मट्टू बिजबेहरा में गोलीबारी की एक घटना में घायल हो गया था। उसकी यहां एसएमएचएस अस्पताल में कल देर रात मौत हो गई। पुलवामा के उपायुक्त मुनीरल इस्लाम ने कहा कि यदि मंगलवार का दिन शांतिपूर्वक निकल जाता है तो सरकार बुधवार को राशन की सभी दुकानें खोल देगी। अधिकारी ने कहा कि प्राधिकारियों ने शहर एवं घाटी के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में प्रदर्शन रोकने के लिए जमीनी स्तर पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी मजबूत कर दी है।उन्होंने बताया कि चौथे दिन भी घाटी में मोबाइल, इंटरनेट एवं ट्रेन सेवाएं निलंबित रहीं। दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में मोबाइल टेलीफोन को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अलगाववादी समूहों के कारण आहूत हड़ताल के कारण घाटी में जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों को खाने-पीने की चीज़ों, और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में आ रही मुश्किलों की ख़बरें आ रही हैं।गर्मी की छुट्टियां होने के चलते सभी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। कश्मीर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, इस्लामिक युनिवर्सिटी आफ साइंसेज एंड टेक्नोलाजी और जम्मू एंड कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाएं टाल दी हैं। सय्यद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारक और मोहम्मद यासीन मलिक सहित ज्यादातर अलगाववादी नेता या तो हिरासत में हैं या नजरबंद हैं।

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