KANHIYA KUMAR को चुनौती दे चुकी जाह्न्वी का एलान, लाल चौक पर फहराऊंगी तिरंगा, रोककर दिखाएं अलगाववादी
पंजाब के लुधियाना की 15 साल की जाह्न्वी बहल ने कहा है कि वह 15 अगस्त
को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराएगी। जाह्न्वी वही लड़की है जिसने
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस
की चुनौती दी थी। जाह्न्वी ने बताया, ”मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को
पत्र लिखा और कहा है कि सभी सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में
राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। उन्होंने मेरे
प्रस्ताव को मान लिया है और मुझे इस बात की खुशी है। उनके जैसा बेस्ट
प्रधानमंत्री ही ऐसा कर सकता है। मैं श्रीनगर के लाल चौक पर 15 अगस्त को
तिरंगा फहराऊंगी क्योंकि इसी जगह पर राष्ट्र ध्वज का अपमान हुआ था। मैं
अलगाववादियों और पाकिस्तान सभी को चुनौती देती हूं कि हिम्मत है तो मुझे
रोककर दिखाए।”जाह्न्वी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए सम्मानित भी हो चुकी
हैं। उन्होंने जेएनयू मामले पर कहा, ”कन्हैयाजी ने पीएम नरेंद्र मोदी के
बारे में जो कहा वो पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य है। बेहतर होता कि वे
पीएम मोदी के बजाए उन देशद्रोहियों के खिलाफ बोलते जिन्होंने देश विरोधी
नारे लगाए। घर पर बैठकर बोलना आसान होता है। उन्होंने पीएम की तरह कार्य
करने में ध्यान देना चाहिए न कि भाषण देना चाहिए। मैं उनसे बहस के लिए
तैयार हूं, जहां भी और जैसे भी वे चाहें।” जाह्न्वी इससे पहले भी कई
सामाजिक मुद्दों को उठा चुकी हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शनों के
दौरान रास्ता ब्लॉक करने के मुद्दे पर वे कोर्ट भी जा चुकी हैं।
पंजाब के लुधियाना की 15 साल की जाह्न्वी बहल ने कहा है कि वह 15 अगस्त
को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराएगी। जाह्न्वी वही लड़की है जिसने
जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस
की चुनौती दी थी। जाह्न्वी ने बताया, ”मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को
पत्र लिखा और कहा है कि सभी सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में
राष्ट्रीय ध्वज फहराएं। उन्होंने मेरे
प्रस्ताव को मान लिया है और मुझे इस बात की खुशी है। उनके जैसा बेस्ट
प्रधानमंत्री ही ऐसा कर सकता है। मैं श्रीनगर के लाल चौक पर 15 अगस्त को
तिरंगा फहराऊंगी क्योंकि इसी जगह पर राष्ट्र ध्वज का अपमान हुआ था। मैं
अलगाववादियों और पाकिस्तान सभी को चुनौती देती हूं कि हिम्मत है तो मुझे
रोककर दिखाए।”जाह्न्वी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए सम्मानित भी हो चुकी
हैं। उन्होंने जेएनयू मामले पर कहा, ”कन्हैयाजी ने पीएम नरेंद्र मोदी के
बारे में जो कहा वो पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य है। बेहतर होता कि वे
पीएम मोदी के बजाए उन देशद्रोहियों के खिलाफ बोलते जिन्होंने देश विरोधी
नारे लगाए। घर पर बैठकर बोलना आसान होता है। उन्होंने पीएम की तरह कार्य
करने में ध्यान देना चाहिए न कि भाषण देना चाहिए। मैं उनसे बहस के लिए
तैयार हूं, जहां भी और जैसे भी वे चाहें।” जाह्न्वी इससे पहले भी कई
सामाजिक मुद्दों को उठा चुकी हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शनों के
दौरान रास्ता ब्लॉक करने के मुद्दे पर वे कोर्ट भी जा चुकी हैं।
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