सुरेश प्रभु ने किया पहले ग्रीन रेल कॉरिडोर का उद्घाटन
रेलवे
ट्रैक को गंदगी मुक्त बनाने की मुहिम में रेल मंत्री सुरेश प्रभु रविवार को
देश के पहले ग्रीन रेल कॉरिडोर का शुभारंभ किया। 114 किमी लंबे
रामेश्वरम-मनमदुरै ट्रैक पर चलने वाली दस ट्रेनों के सभी 286 कोच में बॉयो
टायलेट की सुविधा उपलब्ध होगी।रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,
'स्वच्छ भारत मिशन के तहत रामेश्वरम-मनमदुरै ट्रैक को चुना गया था। सुरेश
प्रभु चेन्नई स्टेशन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देश के पहले गंदगी मुक्त
रेल रूट का उद्घाटन किया।अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू
किए गए स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने इस मिशन को पूरा
करने का बीड़ा उठाया है। रेलवे ने सितंबर, 2019 तक देश की ट्रेनों के सभी
कोचों में बॉयो टॉयलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।बॉयो-टॉयलेट लगने से
ट्रेनों से मानव अपशिष्ट का ट्रैक पर गिरना पूर्णतया बंद हो जाएगा। इससे
साफ-सफाई और स्वच्छता में सुधार लाने के अलावा पटरियों का क्षरण रोकने में
भी मदद मिलेगी। रेलवे इस वर्ष जून तक ट्रेनों में 40,750 बॉयो टॉयलेट लगा
चुका है। उसकी योजना इस वित्तीय वर्ष में 30,000 और बॉयो टॉयलेट लगाने की
है।अधिकारी के अनुसार रामेश्वरम-मनमदुरै के बाद ओखा-कनालास जंक्शन (141
किमी), पोरबंदर-वांसजालिया (34 किमी) तथा जम्मू-कटरा (78 किमी) ट्रैक को
बॉयो-टॉयलेट युक्त ट्रेनों का तोहफा देने की योजना है।
रेलवे
ट्रैक को गंदगी मुक्त बनाने की मुहिम में रेल मंत्री सुरेश प्रभु रविवार को
देश के पहले ग्रीन रेल कॉरिडोर का शुभारंभ किया। 114 किमी लंबे
रामेश्वरम-मनमदुरै ट्रैक पर चलने वाली दस ट्रेनों के सभी 286 कोच में बॉयो
टायलेट की सुविधा उपलब्ध होगी।रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,
'स्वच्छ भारत मिशन के तहत रामेश्वरम-मनमदुरै ट्रैक को चुना गया था। सुरेश
प्रभु चेन्नई स्टेशन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देश के पहले गंदगी मुक्त
रेल रूट का उद्घाटन किया।अधिकारी ने बताया, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू
किए गए स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने इस मिशन को पूरा
करने का बीड़ा उठाया है। रेलवे ने सितंबर, 2019 तक देश की ट्रेनों के सभी
कोचों में बॉयो टॉयलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।बॉयो-टॉयलेट लगने से
ट्रेनों से मानव अपशिष्ट का ट्रैक पर गिरना पूर्णतया बंद हो जाएगा। इससे
साफ-सफाई और स्वच्छता में सुधार लाने के अलावा पटरियों का क्षरण रोकने में
भी मदद मिलेगी। रेलवे इस वर्ष जून तक ट्रेनों में 40,750 बॉयो टॉयलेट लगा
चुका है। उसकी योजना इस वित्तीय वर्ष में 30,000 और बॉयो टॉयलेट लगाने की
है।अधिकारी के अनुसार रामेश्वरम-मनमदुरै के बाद ओखा-कनालास जंक्शन (141
किमी), पोरबंदर-वांसजालिया (34 किमी) तथा जम्मू-कटरा (78 किमी) ट्रैक को
बॉयो-टॉयलेट युक्त ट्रेनों का तोहफा देने की योजना है।
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