Thursday, 7 July 2016

INDIA AND MOZAMBIQUE को एक दूसरे की जरूरतों का ख्याल रखना होगा:PM MODI

INDIA AND  MOZAMBIQUE  को एक दूसरे की जरूरतों का ख्याल रखना होगा:PM MODI 


भारत और मोज़ाम्बीक के बीच गुरुवार को तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें युवा मामले एवं खेल के क्षेत्र में समझौता, मोज़ाम्बीक से दालों की खरीद के लिए दीर्घकालिक समझौता और दवा की मांग में कमी करना एवं मादक दवाओं के अवैध व्यापार पर रोक लगाने पर समझौता शामिल है। मोज़ाम्बीक के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वहां के राष्ट्रपति फिलिपे न्यूसी की उपस्थिति में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों के बीच की बैठक मोजाम्बीक में कृषि क्षेत्र का विस्तार करने और दालों के आयात पर केंद्रित रही। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए भी पर्याप्त कदम उठाने पर सहमति बनी।राष्ट्रपति फिलिपे न्यूसी के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद एक साझा प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मोज़ाम्बीक में उन चीजों की भरमार है जिसकी जरूरत भारत को है और जिन चीजों की आवश्यकता मोज़ाम्बीक को है वह भारत में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय बैठक में राष्ट्रपति फिलिपे न्यूसी ने कृषि क्षेत्र में विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताई। इसको देखते हुए हमारे विशेषज्ञों ने कई चर्चाएं की कि किस प्रकार हम मोज़ाम्बीक में कृषि के बुनियादी ढांचे और उत्पादकता में सुधार लाने के लिए एक साथ काम कर सकते हैं । दाल आयात से भारत की जरूरतें पूरी होंगी और यहां के किसानों का फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक में कृषि क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति बनी। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा पर भी साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनी है। भारत मोज़ाम्बीक से दालों का आयात करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिससे भारत की भी जरूरतें पूरी होगी। उन्होंने कहा कि समझौते से व्यावसायिक खेती में लंबी अवधि के निवेश की सुविधा तो मिलेगी ही इसके साथ इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बनेंगे और किसानों की आय भी बढ़ेगी। दाल के आयात से दोनों का फायदा होगाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके आतिथ्य के लिए वह राष्ट्रपति न्यूसी, यहां की सरकार और लोगों को धन्यवाद देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय साझेदारी पर उनकी भावनाओं को समझने के लिए राष्ट्रपति फिलिपे न्यूसी का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहे मोज़ाम्बीक के साथ भारत कदम से कदम मिलाकर चलेगा।उन्होंने कहा कि पिछले 34 सालों में मोज़ाम्बीक का दौरा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। अफ्रीका में कुल भारत का एक चौथाई हिस्सा मोज़ाम्बीक में निवेश किया जाता है। भारत का उद्देश्य मोज़ाम्बीक के साथ हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में भी सहयोग को बढ़ाना है। कतर और आस्ट्रेलिया के बाद मोज़ाम्बीक प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक है। ओएनजीसी जैसी कंपनियों ने उस देश के हाइड्रोकार्बन और पेट्रोलियम के क्षेत्र में निवेश किया।

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