काला हिरण शिकार मामले में बरी हुए BOLLYWOOD ACTOR SULTAN (SAL-MAN KHAN )
बॉलीवुड सुपरस्टार को जोधपुर हाईकोर्ट ने काला हिरण शिकार के दोनों मामलों में बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने सलमान खान पर लगी पांच साल और एक साल की सजा को भी खत्म कर दिया है. अब सलमान खान जेल नहीं जाएंगे. 18 साल पुराने इस मामले में अब ‘सुल्तान’ को बड़ी राहत मिल गई है.आज कोर्ट में सलमान खान मौजूद नहीं थे. इस मामले पर सुनवाई के लिए आज सलमान की बहन अलविरा जोधपुर हाईकोर्ट पहुंची थीं.राजस्थान उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को वर्ष 1998 में जोधपुर में चिंकारा के शिकार संबंधी दो मामलों में आज बरी कर दिया.सलमान ने उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी थी. सत्र अदालत ने मथानिया के मामले में याचिका खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया था जहां राज्य सरकार की दो याचिकाएं पहले से ही ही लंबित थीं. इन दोनों याचिकाओं पर सुनवाई उच्च न्यायालय में 16 नवंबर 2015 को शुरू हुई थी और यह 13 मई 2016 को पूरी हुई थी जिसके बाद न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.बचाव पक्ष के वकील महेश बोरा ने उच्च न्यायालय में दलील पेश करते हुए कहा था कि सलमान को एक अहम गवाह हरीश दुलानी के बयानों पर ही इन मामलों में गलत फंसाया गया है. दुलानी उस वाहन का चालक था जिसका इस्तेमाल इन दोनों मामलों में शिकार में कथित रूप से किया गया था.बोरा ने दलील दी कि दुलानी कभी भी उन्हें जिरह के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया और इसलिए सलमान को दोषी ठहराने के लिए केवल उसके बयानों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता.
बॉलीवुड सुपरस्टार को जोधपुर हाईकोर्ट ने काला हिरण शिकार के दोनों मामलों में बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने सलमान खान पर लगी पांच साल और एक साल की सजा को भी खत्म कर दिया है. अब सलमान खान जेल नहीं जाएंगे. 18 साल पुराने इस मामले में अब ‘सुल्तान’ को बड़ी राहत मिल गई है.आज कोर्ट में सलमान खान मौजूद नहीं थे. इस मामले पर सुनवाई के लिए आज सलमान की बहन अलविरा जोधपुर हाईकोर्ट पहुंची थीं.राजस्थान उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को वर्ष 1998 में जोधपुर में चिंकारा के शिकार संबंधी दो मामलों में आज बरी कर दिया.सलमान ने उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी थी. सत्र अदालत ने मथानिया के मामले में याचिका खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया था जहां राज्य सरकार की दो याचिकाएं पहले से ही ही लंबित थीं. इन दोनों याचिकाओं पर सुनवाई उच्च न्यायालय में 16 नवंबर 2015 को शुरू हुई थी और यह 13 मई 2016 को पूरी हुई थी जिसके बाद न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.बचाव पक्ष के वकील महेश बोरा ने उच्च न्यायालय में दलील पेश करते हुए कहा था कि सलमान को एक अहम गवाह हरीश दुलानी के बयानों पर ही इन मामलों में गलत फंसाया गया है. दुलानी उस वाहन का चालक था जिसका इस्तेमाल इन दोनों मामलों में शिकार में कथित रूप से किया गया था.बोरा ने दलील दी कि दुलानी कभी भी उन्हें जिरह के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया और इसलिए सलमान को दोषी ठहराने के लिए केवल उसके बयानों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता.

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