33 THOUSANDS CAROR रुपये में बिका YAHOO , VERIZON ने खरीदा
एक जमाने
में इंटरनेट की दुनिया का सबसे मशहूर सर्च इंजन याहू अब इतिहास बनने की
कगार पर आ चुका है. अमेरिका की टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी वेराइजन कम्यूनिकेशन
483 करोड़ डॉलर यानी 32, 56866585.00 में याहू के कोर बिजनस को खरीद चुका
है. वेराइजन 33,568 करोड़ रुपये में याहू को खरीदने का ऐलान कर दिया है.
बताया जा रहा है कि साल 2017 की पहली तिमाही में ये सौदा पूरा हो जाएगा.
जानकारी के मुताबिक याहू के सीईओ मारिसा मेयर ने याहू के कर्मचारियों
को ई-मेल के जरिए आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान कर दिया है और इसे याहू के
लिए बेहद बड़ा दिन बताया है.वेराइजन कम्यूनिकेशन इंक ने 5 बिलियन डॉलर में
याहू को खरीदने के करार की घोषणा कर दी है. वेराइजन याहू का कोर इंटरनेट
बिजनेस खरीदने वाली है लेकिन इसमें याहू के पेटेंट शामिल नहीं होंगे.
हालांकि याहू अपने नॉन कोर इंटेक्लेचुएल प्रॉपर्टी राइट्स को भी इस सौदे से
अलग से बेचेगा. इस सौदे में याहू के जापान के शेयर, अलीबाबा के शेयर और
याहू के कन्वर्टिबल नोट्स भी शामिल नहीं होंगे. इस सौदे में याहू के रियल
एस्टेट ऐसेट्स को शामिल किया गया है जो सौदे की बड़ी बात है.वेराइजन ने
पिछले साल ही एओएल को खरीदा था. वहीं याहू को खरीदने के बाद इसके विज्ञापन
टूल्स को इंटरनेट व्यवसाय में इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है. याहू के
सर्च इंजन, ई-मेल, मैसेंजर से टूल्स वेराइजन के लिए इस सेक्टर में काफी
मददगार साबित होंगे. इस सौदे के पक्का हो जाने के बाद याहू का अस्तित्व
पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इस डील के बाद याहू का नाम बदल जाएगा और उसका एओएल
में मर्जर हो जाएगा. ध्यान रहे कि याहू को पिछले कुछ सालों से गूगल और
फेसबुक से कड़ा मुकाबला मिल रहा है जिसके बाद इसके लिए मुश्किलें बढ़ गई
थीं. वेराइजन कंपनी अमेरिका की मशहूर कंपनी है जिसका मार्केट कैप करीब
23,000 करोड़ रुपये है.1994 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने
जेरी यांग और डेविड फिलो ने याहू की स्थापना की थी. गूगल के आने से पहले
याहू ही एक मात्र सर्च इंजन था. 24,700 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली ये
कंपनी सबसे पहले मेल और मेसेंजर सेवाएं देने वाली कंपनी थी जिसने आने के
कुछ सालों के भीतर ही इंटरनेट की दुनिया पर अपना सिक्का जमा लिया था. लेकिन
गूगल के आने के बाद इसे कड़ी टक्कर मिली और आज दुनिया का सबसे बड़ा सर्च
इंजन गूगल ही है. याहू के साथ इस सौदे से वेराइजन को याहू के लाखों यूजर्स
का फायदा मिलेगा.सबसे पहले इस सौदे की जानकारी ब्लूमबर्ग बिजनेस टीवी चैनल
ने दी थी और बताया था कि सोमवार को 4.8 मिलियन डॉलर के इस सौदे का एलान हो
सकता है. रॉयटर्स ने शुक्रवार को बताया था कि याहू की बोली लगाने वालों में
वेराइजन सबसे आगे रहा और करीब 5 बिलियन डॉलर में ये सौदा पक्का हुआ है.
आपको बता दें कि साल 2008 में याहू ने माइक्रोसॉफ्ट की 44 बिलियन डॉलर की
डील ठुकरा दी थी. गूगल, फेसबुक इंक, ऐमजॉन और अन्य नई कंपनियों से याहू को
कड़ी टक्कर मिल रही है और याहू इस प्रतिस्पर्धा में काफी पिछड़ गया
है.बताया जा रहा है कि याहू मैसेंजर भी बंद करने का फैसला ले लिया गया है.
एक समय में याहू मैसेंजर ही ऑनलाइन चैट का एकमात्र विकल्प होता था.
एक जमाने
में इंटरनेट की दुनिया का सबसे मशहूर सर्च इंजन याहू अब इतिहास बनने की
कगार पर आ चुका है. अमेरिका की टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी वेराइजन कम्यूनिकेशन
483 करोड़ डॉलर यानी 32, 56866585.00 में याहू के कोर बिजनस को खरीद चुका
है. वेराइजन 33,568 करोड़ रुपये में याहू को खरीदने का ऐलान कर दिया है.
बताया जा रहा है कि साल 2017 की पहली तिमाही में ये सौदा पूरा हो जाएगा.
जानकारी के मुताबिक याहू के सीईओ मारिसा मेयर ने याहू के कर्मचारियों
को ई-मेल के जरिए आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान कर दिया है और इसे याहू के
लिए बेहद बड़ा दिन बताया है.वेराइजन कम्यूनिकेशन इंक ने 5 बिलियन डॉलर में
याहू को खरीदने के करार की घोषणा कर दी है. वेराइजन याहू का कोर इंटरनेट
बिजनेस खरीदने वाली है लेकिन इसमें याहू के पेटेंट शामिल नहीं होंगे.
हालांकि याहू अपने नॉन कोर इंटेक्लेचुएल प्रॉपर्टी राइट्स को भी इस सौदे से
अलग से बेचेगा. इस सौदे में याहू के जापान के शेयर, अलीबाबा के शेयर और
याहू के कन्वर्टिबल नोट्स भी शामिल नहीं होंगे. इस सौदे में याहू के रियल
एस्टेट ऐसेट्स को शामिल किया गया है जो सौदे की बड़ी बात है.वेराइजन ने
पिछले साल ही एओएल को खरीदा था. वहीं याहू को खरीदने के बाद इसके विज्ञापन
टूल्स को इंटरनेट व्यवसाय में इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है. याहू के
सर्च इंजन, ई-मेल, मैसेंजर से टूल्स वेराइजन के लिए इस सेक्टर में काफी
मददगार साबित होंगे. इस सौदे के पक्का हो जाने के बाद याहू का अस्तित्व
पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इस डील के बाद याहू का नाम बदल जाएगा और उसका एओएल
में मर्जर हो जाएगा. ध्यान रहे कि याहू को पिछले कुछ सालों से गूगल और
फेसबुक से कड़ा मुकाबला मिल रहा है जिसके बाद इसके लिए मुश्किलें बढ़ गई
थीं. वेराइजन कंपनी अमेरिका की मशहूर कंपनी है जिसका मार्केट कैप करीब
23,000 करोड़ रुपये है.1994 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने
जेरी यांग और डेविड फिलो ने याहू की स्थापना की थी. गूगल के आने से पहले
याहू ही एक मात्र सर्च इंजन था. 24,700 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली ये
कंपनी सबसे पहले मेल और मेसेंजर सेवाएं देने वाली कंपनी थी जिसने आने के
कुछ सालों के भीतर ही इंटरनेट की दुनिया पर अपना सिक्का जमा लिया था. लेकिन
गूगल के आने के बाद इसे कड़ी टक्कर मिली और आज दुनिया का सबसे बड़ा सर्च
इंजन गूगल ही है. याहू के साथ इस सौदे से वेराइजन को याहू के लाखों यूजर्स
का फायदा मिलेगा.सबसे पहले इस सौदे की जानकारी ब्लूमबर्ग बिजनेस टीवी चैनल
ने दी थी और बताया था कि सोमवार को 4.8 मिलियन डॉलर के इस सौदे का एलान हो
सकता है. रॉयटर्स ने शुक्रवार को बताया था कि याहू की बोली लगाने वालों में
वेराइजन सबसे आगे रहा और करीब 5 बिलियन डॉलर में ये सौदा पक्का हुआ है.
आपको बता दें कि साल 2008 में याहू ने माइक्रोसॉफ्ट की 44 बिलियन डॉलर की
डील ठुकरा दी थी. गूगल, फेसबुक इंक, ऐमजॉन और अन्य नई कंपनियों से याहू को
कड़ी टक्कर मिल रही है और याहू इस प्रतिस्पर्धा में काफी पिछड़ गया
है.बताया जा रहा है कि याहू मैसेंजर भी बंद करने का फैसला ले लिया गया है.
एक समय में याहू मैसेंजर ही ऑनलाइन चैट का एकमात्र विकल्प होता था.
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