UTRAKHAND में बादल फटने से 30 लोगों की मौत,25 अन्य लापता
उत्तराखंड में
पिछले 24 घंटों से हो रही बारिश से कई शहरों में हालात बिगड़ गए हैं। चमोली
और पिथौरागढ़ में बादल फटने से हुई तबाही में कम से कम तीस लोगों के मरने
की आशंका है। भारी बारिश के कारण नदियों में आए उफान से कई लोग, मकान और
जानवर बह गए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ की
टीम प्रभावित इलाकों में पहुंच गई है और बचाव कार्य शुरु कर दिया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने
वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा
की है।मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों में नैनीताल, उधमसिंह नगर और चंपावत में
भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश से हुए भूस्खलन से यमुनोत्री
हाइवे को नुकसान पहुंचा है। गंगोलगांव में भूस्खलन के बाद केदारनाथ हाइवे
पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ नैशनल हाइवे
(एनएच-58) भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया है। चमोली में 9 और पिथौरागढ़
में 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बद्रीनाथ से गौचर के बीच में करीब
तीन हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। बारिश से चमोली और
पिथौरागढ़ जिले में भारी तबाही हुई है। राज्य में बीएसएनल की संचार सेवा भी
ठप हो गई है।पिथौरागढ़ जिले के बतसड़ी, सिगली और नोल्डा में बादल फटने से
कई घर भी गिर गए हैं। मलबे में दबे घायलों और लापता लोगों के लिए बचाव
अभियान जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन के मुताबिक यहां बीस लोग लापता
हैं।चमोली के गोपेश्वर में मंदाकिनी नदी के पास भी बादल फटने से कई घर बह
गए हैं और कई के बहने का खतरा बना हुआ है। चमोली में घाट ब्लॉक के जाखड़ी
गांव में बादल फटने के बाद गांव के पांच लोग लापता हैं। दसोली ब्लॉक के
सिरों गांव से जाने वाले नाले में उफान आने से दो लोग बह गए हैं।केंद्रीय
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम प्रभावित इलाकों में
पहुंच गई है और बचाव कार्य शुरु कर दिया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की
अतिरिक्त टीमें भी अलर्ट हैं जरुरत पड़ने पर उन्हें भी प्रभावित क्षेत्रों
में उतारा जाएगा।
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