ASSAM में भी बाढ़ से 57 हजार लोग प्रभावित,UTTARAKHAND में राहत-बचाव कार्य तेज
एक ओर उत्तराखंड में जहां कुदरत का कहर दिख रहा है वहीं, दूसरी ओर असम के
लखीमपुर, धेमाजी और सोनितपुर जिलों में भी 57 हजार से अधिक लोग बाढ़ से
प्रभावित हो गए हैं ।असम के करीब सौ से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए
हैं। बाढ़ के पानी से लगभग एक हजार पांच सौ हेक्टेयर फसल की भूमि जलमग्न हो
गई है। इसके अलावा बाढ़ ने कई जिलों में गंभीर मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड
के पिथौरागढ़ में भारी बारिश से प्रभावित हुए गांवों
में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी,
सेना और राज्य की पुलिस इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए गांवों में मलबे
के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मलबे में
से अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं जबकि 12 लोग अभी भी लापता हैं ।उत्तराखंड
में लगातार हो रही बारिश, बादल फटने और बाढ़ से अब तक 29 लोगों की मौत हो
गई है। मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की आशंका जताई जा रही है।
पिथौरागढ़ और चमोली में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जिनमें तीन
बच्चे भी शामिल हैं। कई लोग अब भी लापता हैं। पिथौरागढ़ में ही पिछले
हफ्ते बादल फटा था, जिससे भारी तबाही हुई थी।बारिश के कारण शारदा सहित
राज्य की कई नदियां जो उफ़ान पर थी, पहले के मुकाबले अब उनके स्तर में
थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री
दोनों धार्मिक स्थलों के राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के समाशोधन के साथ
वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है ।
एक ओर उत्तराखंड में जहां कुदरत का कहर दिख रहा है वहीं, दूसरी ओर असम के
लखीमपुर, धेमाजी और सोनितपुर जिलों में भी 57 हजार से अधिक लोग बाढ़ से
प्रभावित हो गए हैं ।असम के करीब सौ से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए
हैं। बाढ़ के पानी से लगभग एक हजार पांच सौ हेक्टेयर फसल की भूमि जलमग्न हो
गई है। इसके अलावा बाढ़ ने कई जिलों में गंभीर मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड
के पिथौरागढ़ में भारी बारिश से प्रभावित हुए गांवों
में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी,
सेना और राज्य की पुलिस इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए गांवों में मलबे
के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मलबे में
से अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं जबकि 12 लोग अभी भी लापता हैं ।उत्तराखंड
में लगातार हो रही बारिश, बादल फटने और बाढ़ से अब तक 29 लोगों की मौत हो
गई है। मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने की आशंका जताई जा रही है।
पिथौरागढ़ और चमोली में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जिनमें तीन
बच्चे भी शामिल हैं। कई लोग अब भी लापता हैं। पिथौरागढ़ में ही पिछले
हफ्ते बादल फटा था, जिससे भारी तबाही हुई थी।बारिश के कारण शारदा सहित
राज्य की कई नदियां जो उफ़ान पर थी, पहले के मुकाबले अब उनके स्तर में
थोड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। उत्तरकाशी में गंगोत्री और यमुनोत्री
दोनों धार्मिक स्थलों के राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के समाशोधन के साथ
वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी गई है ।
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