फडणवीस कैबिनेट का विस्तार, 10 नए मंत्री हुए शामिल
महाराष्ट्र
सरकार में आज फडणवीस कैबिनेट का विस्तार हुआ है। इस विस्तार में दस
मंत्रियों को शामिल किया गया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी कैबिनेट में
छह नए मंत्रियों को शामिल कराया है, जबकि चार नए राज्यमंत्रियों ने भी शपथ
ली है।नए कैबिनेट मंत्रियों में पांच बीजेपी के हैं, जबकि एक कैबिनेट
मंत्री राष्ट्रीय समाज पक्ष का है। राज्यमंत्रियों में बीजेपी के तीन और
शिवसेना के 2 मंत्री भी शामिल हैं। गौर करने की बात ये है कि इस कैबिनेट विस्तार
कार्यक्रम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल नहीं हुए।बीजेपी के
वरिष्ठ नेता और विदर्भ के खामगांव से विधायक पांडुरंग फुंडकर, प्रमोशन
मिलने के बाद राम शिंदे, जय कुमार रावल, मराठवाड़ा के निलंगा से विधायक और
पेशेवर पायलट संभाजी पाटिल-निलंगेकर, सुभाष देशमुख और राष्ट्रीय समाज पक्ष
के महादेव जानकर। बीजेपी ने अपने कोटे से एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का
पद सहयोगी दलों को दिया जिसके तहत स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के सदाभाऊ खोत
भी मंत्री बने, उनके साथ शिवसेना के अर्जुन खोतकर और गुलाबराव पाटिल। खोतकर
महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रावसाहब दानवे के जिले जालना से हैं। बीेजपी के
मदन येरावर और रविन्द्र चव्हाण को भी मंत्री बनाया गया। नये विस्तार के
बाद स्वीकृत मंत्रियों की संख्या 42 में 39 सीटें भर गई हैं। मंत्रिमंडल
विस्तार में पश्चिम महाराष्ट्र, विदर्भ, खांदेश, मराठवाड़ा से विधायकों को
शामिल करने क्षेत्रीय संतुलन बनाने के साथ ओबीसी, मराठा और राजपूत नेताओं
के तौर पर जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिश की गई है। अशांत क्षेत्रों
में सेना 'अत्याधिक बल' का इस्तेमाल नहीं कर सकती - यह बात सुप्रीम कोर्ट
ने सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कही
है। इसके अलावा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी राज्य में हुए 1500 कथित फर्जी
मुठभेड़ के मामलों की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। पिछले कई सालों से
उत्तर पूर्वी राज्य में AFSPA का कानून लागू है जिसका कड़ा विरोध किया गया
है।
महाराष्ट्र
सरकार में आज फडणवीस कैबिनेट का विस्तार हुआ है। इस विस्तार में दस
मंत्रियों को शामिल किया गया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अपनी कैबिनेट में
छह नए मंत्रियों को शामिल कराया है, जबकि चार नए राज्यमंत्रियों ने भी शपथ
ली है।नए कैबिनेट मंत्रियों में पांच बीजेपी के हैं, जबकि एक कैबिनेट
मंत्री राष्ट्रीय समाज पक्ष का है। राज्यमंत्रियों में बीजेपी के तीन और
शिवसेना के 2 मंत्री भी शामिल हैं। गौर करने की बात ये है कि इस कैबिनेट विस्तार
कार्यक्रम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे शामिल नहीं हुए।बीजेपी के
वरिष्ठ नेता और विदर्भ के खामगांव से विधायक पांडुरंग फुंडकर, प्रमोशन
मिलने के बाद राम शिंदे, जय कुमार रावल, मराठवाड़ा के निलंगा से विधायक और
पेशेवर पायलट संभाजी पाटिल-निलंगेकर, सुभाष देशमुख और राष्ट्रीय समाज पक्ष
के महादेव जानकर। बीजेपी ने अपने कोटे से एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री का
पद सहयोगी दलों को दिया जिसके तहत स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के सदाभाऊ खोत
भी मंत्री बने, उनके साथ शिवसेना के अर्जुन खोतकर और गुलाबराव पाटिल। खोतकर
महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रावसाहब दानवे के जिले जालना से हैं। बीेजपी के
मदन येरावर और रविन्द्र चव्हाण को भी मंत्री बनाया गया। नये विस्तार के
बाद स्वीकृत मंत्रियों की संख्या 42 में 39 सीटें भर गई हैं। मंत्रिमंडल
विस्तार में पश्चिम महाराष्ट्र, विदर्भ, खांदेश, मराठवाड़ा से विधायकों को
शामिल करने क्षेत्रीय संतुलन बनाने के साथ ओबीसी, मराठा और राजपूत नेताओं
के तौर पर जातिगत समीकरणों को भी साधने की कोशिश की गई है। अशांत क्षेत्रों
में सेना 'अत्याधिक बल' का इस्तेमाल नहीं कर सकती - यह बात सुप्रीम कोर्ट
ने सेना द्वारा फर्जी एनकाउंटर के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कही
है। इसके अलावा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी राज्य में हुए 1500 कथित फर्जी
मुठभेड़ के मामलों की विस्तृत जानकारी भी मांगी है। पिछले कई सालों से
उत्तर पूर्वी राज्य में AFSPA का कानून लागू है जिसका कड़ा विरोध किया गया
है।
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