Thursday, 9 June 2016

PM MODI के दौरे से INDIA-MAXI CO रिश्ते और मजबूत होंगे

PM MODI के दौरे से INDIA-MAXI CO  रिश्ते और मजबूत होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीटो ने दोनों देशों के बीच 21वीं सदी में नए अवसरों पर बल दिया। ताकि दोनों देशों के बीच आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक, राजनिति के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी के मैक्सिको दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सूचना तकनीकी, ऑटो उद्योग, अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीकी, कृषि अनुसंधान, ायोटेक्नोलॉजी, कचरा तथा आपदा प्रबंधन, और सौर ऊर्जा जैसे मुद्दों पर सहमति और समझौते हुए। इसके साथ ही मैक्सिको ने एनएसजी में भारत को शामिल किए जाने पर भी अपनी सहमति जताई।दोनों नेताओं ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को इसी साल मैक्सिको में आयोजित होने वाले सातवीं मैक्सिको-भारत संयुक्त आयोग की बैठक के संदर्भ में 21वीं सदी के लिए उपयुक्त विशेष भागीदारी का रोडमैप विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत-मैक्सिको को इस साल विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संयुक्त समिति की छठी बैठक, व्यापार, निवेश और सहयोग पर उच्च स्तरीय दल की चौथी बैठक के नतीजों का इंतजार रहेगा। दोनों नेताओं के बीच आपसी हित के क्षेत्रीय मुद्दों जैसे लैटिन अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक विकास, एशिया प्रशांत क्षेत्र के वर्तमान की स्थिति के बारे में भी चर्चा की गई।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी को लेकर अपने संबंध विकसित करने, इन्हें और बेहतर बनाने के लिए भारत और मैक्सिको बीच सहमति बनी है। यह बात इससे भी समझी जा सकती है कि हम दो साल में तीसरी बार मिल रहे हैं। यह हमारी दोस्ती की सही तस्वीर है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको के राष्ट्रपति के साथ मेरी बातचीत बेहद प्रेरणादायक रही है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में गहराई आई है।उन्होंने कहा कि भारत और मैक्सिको के बीच स्पेस, विज्ञान एवं तकनीक को आपसी सहयोग से और बढ़ाया जाएगा। हम बायर सोलर रिलेशनशिप से आगे जाना चाहते हैं। आईटी, एनर्जी, फार्मा और ऑटोमोटिव ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें विकास की आपार संभावनाएं हैं। इसके अलावा हमें एग्रीकल्चर रिसर्च, बॉयो टेक्नोलॉजी, कचरा प्रबंधन, मैनेजमेंट, आपदा चेतावनी और सौर ऊर्जा के सेक्टर में अपने उत्पादों की प्राथमिकता तय करनी होगी।मोदी ने कहा कि मैक्सिको पहला ऐसा लैटिन अमेरिकी देश है, जिसने भारत को पहचाना। हम मैक्सिको के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। ये संबंध क्रेता-विक्रेता होने के अलावा आगे के होंगे, जिसमें परस्पर दोनों देशों के बीच एक दीर्घकालिक साझेदारी होगी। उन्होंने कहा कि हमने हमारे संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी में बदलने के लिए ठोस परिणामों का एक रोडमैप तैयार किया है।

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