KAMALNATH पर अचानक क्यों जागी BJP: CONGRESS
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने स्वयं को पंजाब इकाई का प्रभारी बनाए जाने की खबर का खंडन करते हुए भाजपा के आरोपों को अचानक नींद से जागने जैसा बताया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यह आरोप अब क्यों लगाए जा रहे हैं? कांग्रेस के अनुसार कमलनाथ का विरोध साफ़ तौर पर धारणाएं बनाने और राजनीति का खेल है।कांग्रेस आलाकमान द्वारा कमलनाथ को पंजाब चुनाव के लिए कांग्रेस का प्रभारी बनाने की खबर सामने आने के बाद बीजेपी और आप दोनों ही इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही हैं। इनका आरोप है कि कमलनाथ 84 दंगों के आरोपी रहे हैं और उन्हें पंजाब की कमान देना सिख समुदाय के जख्मों को कुरेदने जैसा है जबकि कांग्रेस की दलील है कि कमलनाथ के खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ है।कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने सोमवार को कहा कि नानावती कमीशन की रिपोर्ट, जो इंटरनेट पर भी है, में मुझे सभी आरोपों से बरी कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि न तो मैंने हिंसा भड़काई और न ही हिंसा में शामिल था। बात यहीं ख़त्म होती है। मेरे ख़िलाफ़ कभी कोई आरोप नहीं था। यह मुद्दा संसद में भी उठा, अकाली दल की ओर से भी कोई आरोप नहीं लगा, एक दिन पहले तक इतने सालों में अकाली दल की ओर से कोई आरोप नहीं था।उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि ये साफ़तौर पर धारणाएं बनाने का खेल है और यह राजनीति है। संभवत: भाजपा और आप पार्टी पंजाब में पिछड़ रहे हैं इसलिए उन्हें ये मुद्दा उठाना पड़ा। कांग्रेस इससे निपट लेंगी क्योंकि ये पूरी तरह से साफ़ है कि हिंसा में वह कभी और किसी भी तरीक़े से शामिल नहीं रहे।इससे पहले शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने अपने बयान में कहा था कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपी कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने सिख समुदाय को आहत किया है और कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने 'जले पर नमक' छिड़कने का काम किया है।वहीं आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि अब तक सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला है और ऐसे में कांग्रेस ने कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी बनाकर सिखों की भावनाओं को चोट पहचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता आगामी चुनाव में कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
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