प्रदेश के इस स्टूडेंट ने रचा इतिहास, नेशनल एकेडमी में हुआ सिलेक्ट
मध्यप्रदेश में रहने वाले और जोसेफ्स को-एड स्कूल में सातवीं क्लास के स्टूडेंट नकुल ने शहर का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के लिए स्टूडेंट्स का सिलेक्शन किया जा रहा था। इस कॉलेज में सिर्फ 25 सीटें हैं जिसके लिए पूरे देश से स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं। इस सिलेक्शन में प्रदेश के इकलौते स्टूडेंट नकुल सक्सेना का सिलेक्शन हुआ है।नकुल के सिलेक्ट होने से बेहद खुश उनके पिता मनीष सक्सेना का कहना था कि यह कॉम्पिटीशन काफी कठिन था। नकुल ने इसके लिए बहुत मेहनत की थी। जब वह छठवीं क्लास में था तभी से उसने इस कॉम्पिटीशन की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उसने पिछले 20 साल की परीक्षाओं के पेपर्स भी सॉल्व किए। जब नकुल को शॉर्ट लिस्ट कर लिया गया तो उसके बाद उसका इंटरव्यू और मेडिकल हुआ जिसके बाद सिलेक्शन की फाइनल लिस्ट में नकुल का नाम आया।इस कॉलेज में सिलेक्शन हो जाने पर स्टूडेंट्स को 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई एकेडमी में ही रहकर करनी होती है। इस दौरान उन्हें नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन नेवल एकेडमी के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि जब एडमिशन का वक्त आता है तो और स्टूडेंट्स की तरह इन स्टूडेंट्स को भी यूपीएससी द्वारा आयोजित परिक्षाओं और इंटरव्यू के बाद ही एडमिशन मिलता है। इस कॉलेज में सिर्फ लड़कों को ही एडमिशन दिया जाता है।
मध्यप्रदेश में रहने वाले और जोसेफ्स को-एड स्कूल में सातवीं क्लास के स्टूडेंट नकुल ने शहर का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के लिए स्टूडेंट्स का सिलेक्शन किया जा रहा था। इस कॉलेज में सिर्फ 25 सीटें हैं जिसके लिए पूरे देश से स्टूडेंट्स अप्लाई करते हैं। इस सिलेक्शन में प्रदेश के इकलौते स्टूडेंट नकुल सक्सेना का सिलेक्शन हुआ है।नकुल के सिलेक्ट होने से बेहद खुश उनके पिता मनीष सक्सेना का कहना था कि यह कॉम्पिटीशन काफी कठिन था। नकुल ने इसके लिए बहुत मेहनत की थी। जब वह छठवीं क्लास में था तभी से उसने इस कॉम्पिटीशन की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान उसने पिछले 20 साल की परीक्षाओं के पेपर्स भी सॉल्व किए। जब नकुल को शॉर्ट लिस्ट कर लिया गया तो उसके बाद उसका इंटरव्यू और मेडिकल हुआ जिसके बाद सिलेक्शन की फाइनल लिस्ट में नकुल का नाम आया।इस कॉलेज में सिलेक्शन हो जाने पर स्टूडेंट्स को 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई एकेडमी में ही रहकर करनी होती है। इस दौरान उन्हें नेशनल डिफेंस एकेडमी और इंडियन नेवल एकेडमी के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि जब एडमिशन का वक्त आता है तो और स्टूडेंट्स की तरह इन स्टूडेंट्स को भी यूपीएससी द्वारा आयोजित परिक्षाओं और इंटरव्यू के बाद ही एडमिशन मिलता है। इस कॉलेज में सिर्फ लड़कों को ही एडमिशन दिया जाता है।
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