कांग्रेस 'पॉलिसी ग्रुप' बनाकर भाजपा सरकार की पॉलिसी का देगी जवाब
देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस जल्दी ही एक पॉलिसी ग्रुप बनाने जा रही है। जनता के बीच अपने जनाधार को दोबारा बनाने के लिए कांग्रेस ने यह फैसला किया है। इस पॉलिसी ग्रुप की जिम्मेदारी पार्टी महासचिव के. राजू को दी जाएगी। साथ ही पॉलिसी में विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।सूत्रों के अनुसार कांग्रेस जल्दी ही पार्टी एक पॉलिसी ग्रुप का ऐलान करेगी, इसमें किसी क्षेत्र विशेष में रुचि और जानकारी रखने वाले नेताओं को शामिल किया जाएगा। फिर उस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े जानकारों को उससे जोड़ा जाएगा। उनको भी आधिकारिक तौर पर पॉलिसी ग्रुप में रखकर समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर नीति तैयार की जाएगी।कांग्रेस पार्टी के नेताओं और किसी विषय के जानकारों के बीच राय बनाने के लिए चर्चा कराने और फिर पार्टी की नीति को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी के. राजू को दी जाएगी। वो एक तरीके से ग्रुप के संयोजक की भूमिका में होंगे। आखिर में उस पर अंतिम मुहर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगाएंगे।कांग्रेस को लगता है कि भाजपा सरकार अपनी नई शिक्षा नीति में तमाम बदलाव कर कांग्रेस के आइकॉन का कद घटा सकती है, इतिहास में नेहरू, इंदिरा समेत तमाम लोगों की भूमिका कमजोर की जा सकती है। इसलिए सबसे पहले पार्टी इसी दिशा में पहल करने जा रही है। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, वीरप्पा मोइली समेत शिक्षा के क्षेत्र में दखल रखने वाले नेताओं के साथ जेएनयू, बीएचयू समेत तमाम शिक्षण संस्थानों के जानकारों समेत शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का सहारा लिया जाएगा, इसके बाद पार्टी अपनी शिक्षा नीति सामने लेकर आएगी।सूत्रों की मानें तो ये व्यवस्था सिर्फ शिक्षा नीति तक ही सीमित नहीं रहेगी। फिर चाहे विदेश नीति हो, रक्षा नीति हो, आर्थिक नीति हो या फिर समाज से जुड़े और तमाम मुद्दे हों, कांग्रेस अपनी पॉलिसी इसी सहभागिता के जरिए ही सामने लाएगी। यानी पार्टी के उस खास क्षेत्र से जुड़े या उसमें रुचि या जानकारी रखने वाले नेता और उस क्षेत्र विशेष के जानकार मिलकर पार्टी की नीति तय करेंगे।
देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस जल्दी ही एक पॉलिसी ग्रुप बनाने जा रही है। जनता के बीच अपने जनाधार को दोबारा बनाने के लिए कांग्रेस ने यह फैसला किया है। इस पॉलिसी ग्रुप की जिम्मेदारी पार्टी महासचिव के. राजू को दी जाएगी। साथ ही पॉलिसी में विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।सूत्रों के अनुसार कांग्रेस जल्दी ही पार्टी एक पॉलिसी ग्रुप का ऐलान करेगी, इसमें किसी क्षेत्र विशेष में रुचि और जानकारी रखने वाले नेताओं को शामिल किया जाएगा। फिर उस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े जानकारों को उससे जोड़ा जाएगा। उनको भी आधिकारिक तौर पर पॉलिसी ग्रुप में रखकर समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर नीति तैयार की जाएगी।कांग्रेस पार्टी के नेताओं और किसी विषय के जानकारों के बीच राय बनाने के लिए चर्चा कराने और फिर पार्टी की नीति को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी के. राजू को दी जाएगी। वो एक तरीके से ग्रुप के संयोजक की भूमिका में होंगे। आखिर में उस पर अंतिम मुहर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगाएंगे।कांग्रेस को लगता है कि भाजपा सरकार अपनी नई शिक्षा नीति में तमाम बदलाव कर कांग्रेस के आइकॉन का कद घटा सकती है, इतिहास में नेहरू, इंदिरा समेत तमाम लोगों की भूमिका कमजोर की जा सकती है। इसलिए सबसे पहले पार्टी इसी दिशा में पहल करने जा रही है। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल, वीरप्पा मोइली समेत शिक्षा के क्षेत्र में दखल रखने वाले नेताओं के साथ जेएनयू, बीएचयू समेत तमाम शिक्षण संस्थानों के जानकारों समेत शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का सहारा लिया जाएगा, इसके बाद पार्टी अपनी शिक्षा नीति सामने लेकर आएगी।सूत्रों की मानें तो ये व्यवस्था सिर्फ शिक्षा नीति तक ही सीमित नहीं रहेगी। फिर चाहे विदेश नीति हो, रक्षा नीति हो, आर्थिक नीति हो या फिर समाज से जुड़े और तमाम मुद्दे हों, कांग्रेस अपनी पॉलिसी इसी सहभागिता के जरिए ही सामने लाएगी। यानी पार्टी के उस खास क्षेत्र से जुड़े या उसमें रुचि या जानकारी रखने वाले नेता और उस क्षेत्र विशेष के जानकार मिलकर पार्टी की नीति तय करेंगे।

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