INS VIKRAMADITYA में गैस रिसाव के कारण दो लोगों की मौत
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य पर गैस रिसाव होने से एक नौसैनिक और एक आम नागरिक की मौत हो गई। यह हादसा उस दौरन हुआ जब आईएनएस विक्रमादित्य का कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे पर मरम्मत का काम चल रहा था।
एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार को तब घटित हुआ जब
कर्मचारियों का एक समूह बीस मंजिला इमारत जितनी लंबाई वाले इस एयरक्राफ्ट
कैरियर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक पाइप को बदलने का काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी सीवेज वॉटर लीकेज और हाइड्रोजन सल्फाइड के
धुएं से जुड़ी समस्या को दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे थे।हादसे में जिन दो लोगों की मौत हुई है उनकी पहचान जहाज कारीगर राकेश
कुमार और रॉयल मरीन के कर्मचारी मोहनदास कोलंबकार के रूप में हुई है।
नौसेना ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि आईएनएस विक्रमादित्य का यह पहला सबसे बड़ा मरम्मत कार्य है। इस वॉरशिप को नवंबर 2013 में रूस के साथ दो अरब 33 करोड़ डॉलर के समझौते से हासिल कर नौसेना में शामिल किया गया था।
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य पर गैस रिसाव होने से एक नौसैनिक और एक आम नागरिक की मौत हो गई। यह हादसा उस दौरन हुआ जब आईएनएस विक्रमादित्य का कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे पर मरम्मत का काम चल रहा था।
एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार को तब घटित हुआ जब
कर्मचारियों का एक समूह बीस मंजिला इमारत जितनी लंबाई वाले इस एयरक्राफ्ट
कैरियर के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक पाइप को बदलने का काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी सीवेज वॉटर लीकेज और हाइड्रोजन सल्फाइड के
धुएं से जुड़ी समस्या को दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे थे।हादसे में जिन दो लोगों की मौत हुई है उनकी पहचान जहाज कारीगर राकेश
कुमार और रॉयल मरीन के कर्मचारी मोहनदास कोलंबकार के रूप में हुई है।
नौसेना ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।उल्लेखनीय है कि आईएनएस विक्रमादित्य का यह पहला सबसे बड़ा मरम्मत कार्य है। इस वॉरशिप को नवंबर 2013 में रूस के साथ दो अरब 33 करोड़ डॉलर के समझौते से हासिल कर नौसेना में शामिल किया गया था।
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