कर्मचारियों ने किया हड़ताल का ऐलान, रेलवे भी शामिल
सातवें
वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 23 फीसदी वेतन बढ़ाने की सरकार से
मंजूरी मिलने के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों ने इसका विरोध भी करना शुरू
कर दिया है। सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशें तो मान लीं लेकिन केंद्रीय
कर्मचारी इससे खुश नहीं हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की नेशनल
ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन ने धमकी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो 11
जुलाई से हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल की धमकी देने वाले 32 लाख केंद्रीय कर्मचारियों
में रेलवे के कर्मचारी भी शामिल हैं। अगर यह हड़ताल होती है तो 42 साल बाद
पहली बार रेलवे कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल में शामिल होंगे।केंद्रीय
कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से कई मंत्रालयों का कामकाज
ठप पड़ सकता है जबकि रेल सेवा अगर प्रभावित हुई तो लाखों लोगों पर इसका
सीधा असर पड़ेगा। यूनियन का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री ने दखल दिया तो
हड़ताल वापस ली जा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “जब
पांचवां वेतन आयोग आया था तब सरकार को फैसला लेने में 19 महीने लगे थे।
छठवें वेतन आयोग को लागू होने में 32 महीने लगे थे। सातवें वेतन आयोग की
सभी सिफारिशों को सरकार ने मान लिया है।” कैबिनेट ने कर्मचारियों के वेतन
में 23.6 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। बढ़ा हुआ वेतन
कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से मिलेगा यानी कर्मचारियों को बढ़ी हुई
सैलरी का एरियर मिलेगा। कैबिनेट ने मूल वेतन में 14.27 और महंगाई और दूसरे
भत्तों को मिलाकर कुल 23.6 फीसदी बढ़ोतरी को हरी झंडी दिखाई है। इसका सीधा
असर करीब एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके
पूर्वकर्मियों के पेंशन पर पड़ेगा। जस्टिस माथुर की अध्यक्षता में गठित
सातवें वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपनी
रिपोर्ट सौंपी थी।
सातवें
वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर 23 फीसदी वेतन बढ़ाने की सरकार से
मंजूरी मिलने के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों ने इसका विरोध भी करना शुरू
कर दिया है। सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशें तो मान लीं लेकिन केंद्रीय
कर्मचारी इससे खुश नहीं हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों की नेशनल
ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन ने धमकी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गई तो 11
जुलाई से हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल की धमकी देने वाले 32 लाख केंद्रीय कर्मचारियों
में रेलवे के कर्मचारी भी शामिल हैं। अगर यह हड़ताल होती है तो 42 साल बाद
पहली बार रेलवे कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल में शामिल होंगे।केंद्रीय
कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से कई मंत्रालयों का कामकाज
ठप पड़ सकता है जबकि रेल सेवा अगर प्रभावित हुई तो लाखों लोगों पर इसका
सीधा असर पड़ेगा। यूनियन का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री ने दखल दिया तो
हड़ताल वापस ली जा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, “जब
पांचवां वेतन आयोग आया था तब सरकार को फैसला लेने में 19 महीने लगे थे।
छठवें वेतन आयोग को लागू होने में 32 महीने लगे थे। सातवें वेतन आयोग की
सभी सिफारिशों को सरकार ने मान लिया है।” कैबिनेट ने कर्मचारियों के वेतन
में 23.6 फीसदी बढ़ोतरी की सिफारिश पर मुहर लगा दी है। बढ़ा हुआ वेतन
कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से मिलेगा यानी कर्मचारियों को बढ़ी हुई
सैलरी का एरियर मिलेगा। कैबिनेट ने मूल वेतन में 14.27 और महंगाई और दूसरे
भत्तों को मिलाकर कुल 23.6 फीसदी बढ़ोतरी को हरी झंडी दिखाई है। इसका सीधा
असर करीब एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके
पूर्वकर्मियों के पेंशन पर पड़ेगा। जस्टिस माथुर की अध्यक्षता में गठित
सातवें वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपनी
रिपोर्ट सौंपी थी।
No comments:
Write comments