सोनिया गांधी ने इस्तांबुल में आतंकी हमले की निन्दा की
कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने इस्तांबुल के अतातुर्क इंटरनेशनल
एयरपोर्ट पर हुए आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति
गहरा दु:ख व्यक्त किया है और कहा कि मनुष्य की आत्मा और संकल्प ऐसे कायर
प्रयासों से कभी नहीं डरेगी।सोनिया गांधी ने बुधवार को तुर्की में
इस्तांबुल शहर के अतातुर्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए आतंकवादी हमले में 36
लोगों के मारे जाने 150 लोगों के घायल होने के बारे में सुनकर बहुत दु:ख
हुआ। उन्होंने मृतकों और घायलों के
परिजनों के प्रति एकजुटता और शोक व्यक्त करते हुए कहा ‘मृतकों के परिजनों
के प्रति मेरी संवेदना है और मैं हमले में घायल लोगों के जल्दी ही स्वस्थ
होने की कामना करती हूं’।कांग्रेस अध्यक्षा ने कहा कि यह तुर्की के लोगों
के लिए बहुत दर्दनाक है , जो इस वर्ष उन्हें उग्रवादियों और आतंकवादियों के
हमलों की श्रृंखला का सामना करना पड़ा है। मनुष्य की आत्मा और संकल्प ऐसे
कायर प्रयासों से कभी विचलित नहीं होगा। उन्होंने कहा ‘इस दु:ख की घड़ी में
मैं उन सभी परिवारों के साथ हूं जो इस हमले से प्रभावित हुए हैं’।इस्लामिक
स्टेट के संदिग्ध आतंकवादियों ने इस्तांबुल के अतातुर्क हवाईअड्डे के
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल को निशाना बनाया जिसमें कम से कम 36 लोग मारे गए हैं
और अनेक घायल हुए हैं।तुर्की सरकार के कानून मंत्री बेकिर बोजडाग के
अनुसार इस हमले में हमलावरों ने कलाशिनकोव रायफल का इस्तेमाल किया है।इससे
पहले इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने कहा कि अधिकारियों से मिली
जानकारी के अनुसार तीन आत्मघाती हमलावरों ने इस हमले को अंजाम दिया है।
पुलिस अतातुर्क हवाईअड्डे पर आगमन हॉल की सुरक्षा चौकी के पास दो हमलावरों
को रोकने के लिए गोलियां चलाईं लेकिन दोनों ने खुद को उड़ा लिया।तुर्की के
राष्ट्रपति तईप एरडोगन ने कहा कि इस्तांबुल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय
हवाईअड्डे पर आत्मघाती हमले में निर्दोष लोगों की हत्या करके तुर्की की
ताकत को कम करके आंकने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हमला
किसी परिणाम को प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं किया गया है, बल्कि
निर्दोष लोगों की हत्या कर देश के खिलाफ प्रचार करने की कोशिश है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है हमले के मद्देनजर आतंकवादी समूहों
के खिलाफ दुनिया एक 'निर्णायक रुख' अख्तियार करेगी।
कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने इस्तांबुल के अतातुर्क इंटरनेशनल
एयरपोर्ट पर हुए आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति
गहरा दु:ख व्यक्त किया है और कहा कि मनुष्य की आत्मा और संकल्प ऐसे कायर
प्रयासों से कभी नहीं डरेगी।सोनिया गांधी ने बुधवार को तुर्की में
इस्तांबुल शहर के अतातुर्क इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए आतंकवादी हमले में 36
लोगों के मारे जाने 150 लोगों के घायल होने के बारे में सुनकर बहुत दु:ख
हुआ। उन्होंने मृतकों और घायलों के
परिजनों के प्रति एकजुटता और शोक व्यक्त करते हुए कहा ‘मृतकों के परिजनों
के प्रति मेरी संवेदना है और मैं हमले में घायल लोगों के जल्दी ही स्वस्थ
होने की कामना करती हूं’।कांग्रेस अध्यक्षा ने कहा कि यह तुर्की के लोगों
के लिए बहुत दर्दनाक है , जो इस वर्ष उन्हें उग्रवादियों और आतंकवादियों के
हमलों की श्रृंखला का सामना करना पड़ा है। मनुष्य की आत्मा और संकल्प ऐसे
कायर प्रयासों से कभी विचलित नहीं होगा। उन्होंने कहा ‘इस दु:ख की घड़ी में
मैं उन सभी परिवारों के साथ हूं जो इस हमले से प्रभावित हुए हैं’।इस्लामिक
स्टेट के संदिग्ध आतंकवादियों ने इस्तांबुल के अतातुर्क हवाईअड्डे के
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल को निशाना बनाया जिसमें कम से कम 36 लोग मारे गए हैं
और अनेक घायल हुए हैं।तुर्की सरकार के कानून मंत्री बेकिर बोजडाग के
अनुसार इस हमले में हमलावरों ने कलाशिनकोव रायफल का इस्तेमाल किया है।इससे
पहले इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने कहा कि अधिकारियों से मिली
जानकारी के अनुसार तीन आत्मघाती हमलावरों ने इस हमले को अंजाम दिया है।
पुलिस अतातुर्क हवाईअड्डे पर आगमन हॉल की सुरक्षा चौकी के पास दो हमलावरों
को रोकने के लिए गोलियां चलाईं लेकिन दोनों ने खुद को उड़ा लिया।तुर्की के
राष्ट्रपति तईप एरडोगन ने कहा कि इस्तांबुल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय
हवाईअड्डे पर आत्मघाती हमले में निर्दोष लोगों की हत्या करके तुर्की की
ताकत को कम करके आंकने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हमला
किसी परिणाम को प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं किया गया है, बल्कि
निर्दोष लोगों की हत्या कर देश के खिलाफ प्रचार करने की कोशिश है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है हमले के मद्देनजर आतंकवादी समूहों
के खिलाफ दुनिया एक 'निर्णायक रुख' अख्तियार करेगी।
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