मंत्रीमण्डल विस्तार कल 4 मंत्री तय, 9 में पेंच, लोगों का उत्साह चरम पर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। वे अपने साथ जो सूची ले गए हैं उसमें करीब 13 नाम हैं। जिनमें से चार विधायकों का कल लगभग मंत्री बनना तय हो चुका है। उनमें रुस्तम सिंह, जयभान सिंह पवैया, अर्चना चिटनिस और विश्वास सारंग शामिल हैं। बाकी के नौ नाम में से चार नाम तय होना है। जानकारी के मुताबिक इंदौर से विधायक महेंद्र हार्डिया और नारायण सिंह कुशवाहा में से किसी एक को मंत्रिमंडल में लिया जाना है। वहीं इंदौर से सुदर्शन गुप्ता और रमेश मैंदोला में भी मंत्री बनने की जंग जारी है। इन दोनों में से किसी एक को मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा आदिवासी विधायकों में रामलाल रोतेले, ओमप्रकाश धुर्वे, रंजना बघेल और नागर सिंह में से किसी एक को मौका मिलेगा। यदि रंजना बघेल को मंत्री बनाया जाता है तो फिर धार से मंत्री पद की दावेदार नीना वर्मा को निराशा हाथ लगेगी। क्योंकि धार जिले से मुख्यमंत्री दो नाम ले गए हैं। नीना वर्मा और रंजना बघेल। लेकिन रंजना बघेल का नाम आदिवासी विधायकों की लिस्ट में भी है। उधर तेंदूखेड़ा से संजय शर्मा और एससी वर्ग से जगदीश देवड़ा की दावेदारी भी अहम मानी जा रही है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में कौन शामिल होगा, अब इसका फैसला दिल्ली से होगा। कल संगठन नेताओं से आधी रात तक मंत्रणा करने के बाद सीएम आज सुबह दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे सीधे संघ कार्यालय केशवकुंज पहुंचे और उन्होंने संघ के सह सरकार्यवाह भैय्या जी जोशी समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की। वहीं दोपहर बाद अमित शाह और राष्टÑीय संगठन महामंत्री से मुलाकात करेंगे। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संगठन और सत्ता के लिए बेहद चुनौतीभरा हो गया है। दिल्ली से नेताओं के सिफारिश और संघ द्वारा भेजे गए नामों पर पार्टी के शीर्ष नेता उलझ गए हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने में संगठन को पसीना आ रहा है। कल राष्टÑीय उपाध्यक्ष और प्रदेश संगठन प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, संगठन महमंत्री सुहास भगत के साथ हुई मैराथन बैठक में करीब डेढ़ दर्जन नामों पर चर्चा हुई पर फाइनल सूची तैयार नहीं हो पाई। तय यह किया गया कि अब दिल्ली में राष्टÑीय नेतृत्व से बात कर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। वे अपने साथ जो सूची ले गए हैं उसमें करीब 13 नाम हैं। जिनमें से चार विधायकों का कल लगभग मंत्री बनना तय हो चुका है। उनमें रुस्तम सिंह, जयभान सिंह पवैया, अर्चना चिटनिस और विश्वास सारंग शामिल हैं। बाकी के नौ नाम में से चार नाम तय होना है। जानकारी के मुताबिक इंदौर से विधायक महेंद्र हार्डिया और नारायण सिंह कुशवाहा में से किसी एक को मंत्रिमंडल में लिया जाना है। वहीं इंदौर से सुदर्शन गुप्ता और रमेश मैंदोला में भी मंत्री बनने की जंग जारी है। इन दोनों में से किसी एक को मंत्री बनाया जाएगा। इसके अलावा आदिवासी विधायकों में रामलाल रोतेले, ओमप्रकाश धुर्वे, रंजना बघेल और नागर सिंह में से किसी एक को मौका मिलेगा। यदि रंजना बघेल को मंत्री बनाया जाता है तो फिर धार से मंत्री पद की दावेदार नीना वर्मा को निराशा हाथ लगेगी। क्योंकि धार जिले से मुख्यमंत्री दो नाम ले गए हैं। नीना वर्मा और रंजना बघेल। लेकिन रंजना बघेल का नाम आदिवासी विधायकों की लिस्ट में भी है। उधर तेंदूखेड़ा से संजय शर्मा और एससी वर्ग से जगदीश देवड़ा की दावेदारी भी अहम मानी जा रही है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में कौन शामिल होगा, अब इसका फैसला दिल्ली से होगा। कल संगठन नेताओं से आधी रात तक मंत्रणा करने के बाद सीएम आज सुबह दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे सीधे संघ कार्यालय केशवकुंज पहुंचे और उन्होंने संघ के सह सरकार्यवाह भैय्या जी जोशी समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की। वहीं दोपहर बाद अमित शाह और राष्टÑीय संगठन महामंत्री से मुलाकात करेंगे। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संगठन और सत्ता के लिए बेहद चुनौतीभरा हो गया है। दिल्ली से नेताओं के सिफारिश और संघ द्वारा भेजे गए नामों पर पार्टी के शीर्ष नेता उलझ गए हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने में संगठन को पसीना आ रहा है। कल राष्टÑीय उपाध्यक्ष और प्रदेश संगठन प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, संगठन महमंत्री सुहास भगत के साथ हुई मैराथन बैठक में करीब डेढ़ दर्जन नामों पर चर्चा हुई पर फाइनल सूची तैयार नहीं हो पाई। तय यह किया गया कि अब दिल्ली में राष्टÑीय नेतृत्व से बात कर सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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