शहडोल लोकसभा उपचुनाव में टिकट के लिए कांग्रेस में शुरू हुई गुटबाजी
शहडोल लोकसभा उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती
है। इसके लिए पार्टी अपनी हर कमी को दूर करने की कवायद में जुटने वाली है।
इसी के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव इस महीने के अंतिम तीन दिन
शहडोल लोकसभा क्षेत्र में रहेंगे। दरअसल चुनाव से पहले ही टिकट के लिए
स्थानीय गुटबाजी यहां पर हावी होती नजर आ रही है।सूत्रों की मानी जाए तो
यहां पर अभी से पार्टी में टिकट को लेकर दौड़ भाग शुरू हो चुकी
है। पूर्व विधायक बिसाहूलाल सिंह इस दौड़ में सबसे आगे हैं। वहीं यहां की
सांसद रह चुकी राजेश नंदनी सिंह की बेटी हिमाद्री सिंह को मजबूत दावेदार
माना जा रहा है। इन दोनों के टिकट को लेकर स्थानीय स्तर पर जमकर गुटबाजी
शुरू हो चुकी है। हिमाद्री सिंह के पक्ष के लोगों का दावा है कि इस सीट से
तत्कालीन कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अजीत जोशी भी
चुनाव हार चुके हैं। भाजपा के मजबूत गढ़ में राजेश नंदनी सिंह ने सेंध लगाई
थी। बिसाहूलाल सिंह और हिमाद्री सिंह दोनों को दिग्विजय सिंह गुट का ही
माना जाता है। वहीं विधायक फुंदेलाल मार्को को उम्मीदवार बनाने के लिए
कमलनाथ समर्थक सक्रिय हैं। अब यादव स्थानीय स्तर पर इन दोनों के गुटों से
जुड़े लोगों से अलग से बातचीत कर किसी एक नाम पर एक राय बनाने की कोशिश
करेंगे।
शहडोल लोकसभा उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती
है। इसके लिए पार्टी अपनी हर कमी को दूर करने की कवायद में जुटने वाली है।
इसी के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव इस महीने के अंतिम तीन दिन
शहडोल लोकसभा क्षेत्र में रहेंगे। दरअसल चुनाव से पहले ही टिकट के लिए
स्थानीय गुटबाजी यहां पर हावी होती नजर आ रही है।सूत्रों की मानी जाए तो
यहां पर अभी से पार्टी में टिकट को लेकर दौड़ भाग शुरू हो चुकी
है। पूर्व विधायक बिसाहूलाल सिंह इस दौड़ में सबसे आगे हैं। वहीं यहां की
सांसद रह चुकी राजेश नंदनी सिंह की बेटी हिमाद्री सिंह को मजबूत दावेदार
माना जा रहा है। इन दोनों के टिकट को लेकर स्थानीय स्तर पर जमकर गुटबाजी
शुरू हो चुकी है। हिमाद्री सिंह के पक्ष के लोगों का दावा है कि इस सीट से
तत्कालीन कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अजीत जोशी भी
चुनाव हार चुके हैं। भाजपा के मजबूत गढ़ में राजेश नंदनी सिंह ने सेंध लगाई
थी। बिसाहूलाल सिंह और हिमाद्री सिंह दोनों को दिग्विजय सिंह गुट का ही
माना जाता है। वहीं विधायक फुंदेलाल मार्को को उम्मीदवार बनाने के लिए
कमलनाथ समर्थक सक्रिय हैं। अब यादव स्थानीय स्तर पर इन दोनों के गुटों से
जुड़े लोगों से अलग से बातचीत कर किसी एक नाम पर एक राय बनाने की कोशिश
करेंगे।
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