अब रेलवे टिकटों पर सब्सिडी की रकम बताएगी सरकार
भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सरकार यात्रियों को उनके टिकटों पर सब्सिडी की जानकारी दी जा रही है । रेलवे ऐसा सब्सिडी भार के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कर रही है। यानि कि अगर यात्री का रेल टिकट 57 रुपए का है और उसकी यात्रा का वास्तविक खर्च सौ रुपए है तो दोनों तरह के किरायों को टिकट पर दर्ज किया जा रहा है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ जब टिकटों पर यात्रा का लागत मूल्य और किराया दर्ज किया गया हो। रेलवे ने अपने सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकटों पर एक पंक्ति लिखना शुरु की है कि भारतीय रेलवे यात्रियों द्वारा अदा किए गए किराए से औसतन 57 प्रतिशत लागत ही निकाल पाती है। यह पंक्ति गत सप्ताह से सभी प्रकार के टिकटों में अंकित की जा रही है।रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि इस कदम के माध्यम से रेलवे यात्रियों को इस बारे में जागरुक करना चाहती है कि उनसे लिया जा रहा किराया लागत से बहुत कम है और किराए के अनुपात में उन्हें अधिकतम सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में कहा है कि गैस सब्सिडी को छोड़ने की अपील का जिस प्रकार से जनता ने स्वागत किया और सकारात्मक उत्तर दिया है। वैसे ही अब रेल यात्रियों को भी स्वेच्छा से रियायतों को छोड़ने के लिए कहा जाना चाहिए। रेलवे बोर्ड के इस कदम को रियायतों को घटाने और यात्री किरायों में वृद्धि किए जाने के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब सरकार यात्रियों को उनके टिकटों पर सब्सिडी की जानकारी दी जा रही है । रेलवे ऐसा सब्सिडी भार के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कर रही है। यानि कि अगर यात्री का रेल टिकट 57 रुपए का है और उसकी यात्रा का वास्तविक खर्च सौ रुपए है तो दोनों तरह के किरायों को टिकट पर दर्ज किया जा रहा है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ जब टिकटों पर यात्रा का लागत मूल्य और किराया दर्ज किया गया हो। रेलवे ने अपने सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकटों पर एक पंक्ति लिखना शुरु की है कि भारतीय रेलवे यात्रियों द्वारा अदा किए गए किराए से औसतन 57 प्रतिशत लागत ही निकाल पाती है। यह पंक्ति गत सप्ताह से सभी प्रकार के टिकटों में अंकित की जा रही है।रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि इस कदम के माध्यम से रेलवे यात्रियों को इस बारे में जागरुक करना चाहती है कि उनसे लिया जा रहा किराया लागत से बहुत कम है और किराए के अनुपात में उन्हें अधिकतम सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में कहा है कि गैस सब्सिडी को छोड़ने की अपील का जिस प्रकार से जनता ने स्वागत किया और सकारात्मक उत्तर दिया है। वैसे ही अब रेल यात्रियों को भी स्वेच्छा से रियायतों को छोड़ने के लिए कहा जाना चाहिए। रेलवे बोर्ड के इस कदम को रियायतों को घटाने और यात्री किरायों में वृद्धि किए जाने के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।

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