शिवराज टीम में 9 नए मंत्री शामिल, बाबूलाल गौर व सरताज सिंह को दिखाया बाहर का रास्ता
तीन साल के लम्बे इंतजार के बाद गुरुवार को मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपने तीसरे कार्यकाल में पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया। मुख्यमंत्री शिवराज की टीम में बड़े फेरबदल के साथ मंत्रीमण्डल में 9 नये चहरों का जगह दी गई है। इनमें चार को कैबिनेट मंत्री और पांच को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। शाम 5 बजे सभी नए मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल रामनरेश यादव ने गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, गृह एंव जेल मंत्री बाबूलाल गौर और पीडब्लयूडी मंत्री सरताज सिंह की मंत्रीमण्डल से बहार का रास्ता दिखाया गया है। दिन भर चले घटनाक्रम के बाद बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को मंत्रीमण्डल से बहार का रास्ता दिखाया गया है। शिवराज और प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे दोनों के घर उन्हें पहुंचे और हाईकमान का आदेश बताते हुए इस्तीफा देने के लिेए मनाया। वहीं सरताज सिंह का कहना है कि उन्होंने काम करने में कोई कमी नहीं की है। कम से कम हाईकमान को मेरी बात भी सुननी चाहिए। हालांकि काफी मान मनोब्बूल के बाद सरताज सिंह और बाबूलाल गौर ने अपना इस्तीफा मुख्य्मंत्री शिवराज सिंह को भेज दिया।जब हाईकमान के आदेश पर शिवराज सिंह चौहान और प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे बाबूलाल गौर के घर उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए मनाने पहुंचे तो बाबूलाल गौर ने इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन शाम होते ही बाबूलाल गौर ने ये कहते हुए अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया कि जिस पार्टी ने मुझे मुख़्यमंत्री बनाया उसके आदेश का पालन कर रहा हूँ।
तीन साल के लम्बे इंतजार के बाद गुरुवार को मुख़्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपने तीसरे कार्यकाल में पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया। मुख्यमंत्री शिवराज की टीम में बड़े फेरबदल के साथ मंत्रीमण्डल में 9 नये चहरों का जगह दी गई है। इनमें चार को कैबिनेट मंत्री और पांच को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। शाम 5 बजे सभी नए मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल रामनरेश यादव ने गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, गृह एंव जेल मंत्री बाबूलाल गौर और पीडब्लयूडी मंत्री सरताज सिंह की मंत्रीमण्डल से बहार का रास्ता दिखाया गया है। दिन भर चले घटनाक्रम के बाद बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को मंत्रीमण्डल से बहार का रास्ता दिखाया गया है। शिवराज और प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे दोनों के घर उन्हें पहुंचे और हाईकमान का आदेश बताते हुए इस्तीफा देने के लिेए मनाया। वहीं सरताज सिंह का कहना है कि उन्होंने काम करने में कोई कमी नहीं की है। कम से कम हाईकमान को मेरी बात भी सुननी चाहिए। हालांकि काफी मान मनोब्बूल के बाद सरताज सिंह और बाबूलाल गौर ने अपना इस्तीफा मुख्य्मंत्री शिवराज सिंह को भेज दिया।जब हाईकमान के आदेश पर शिवराज सिंह चौहान और प्रभारी महासचिव विनय सहस्त्रबुद्धे बाबूलाल गौर के घर उन्हें पद से इस्तीफा देने के लिए मनाने पहुंचे तो बाबूलाल गौर ने इस्तीफा देने से साफ इंकार कर दिया। लेकिन शाम होते ही बाबूलाल गौर ने ये कहते हुए अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया कि जिस पार्टी ने मुझे मुख़्यमंत्री बनाया उसके आदेश का पालन कर रहा हूँ।

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