एक साथ 20 SATELLITE SPACE में LAUNCH , ISRO ने तोड़े अपने सभी RECORD ,PRESIDENT ने बधाई दी
INDIAN SPACE RESEARCH ORGANIZATION (ISRO) (इसरो) ने आज सत्रह विदेशी सेटेलाइट सहित कुल 20 सेटेलाइट एक साथ सफल प्रक्षेपण किया.आज सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर इसरो का अंतरिक्ष यान पीएसएलवी सी—34 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रिकॉर्ड 20 उपग्रहों का प्रक्षेपण किया.आज जो सेटेलाइस प्रक्षेपित हुए उनमें भारत के कारटोसैट—2 और भारतीय विश्वविद्यालयों के 2 सैटेलाइटों का प्रक्षेपण हुआ. साथ में 17 छोटे विदेशी सैटेलाइट भी भेजे गए. इन 20 सैटेलाइटों का कुल वजन 1,228 किलोग्राम है. एक साथ कई सैटेलाइट भेजने के मामले में इसरो ने पिछला रिकॉर्ड जून, 2008 में बनाया थातब इसरो ने 10 सैटेलाइटों को प्रक्षेपित किया था. इस लांच में सबकी नजर पृथ्वी की निगरानी करने वाले 727.5 किलोग्राम के भारतीय ‘कारटोसैट-2’ पर होगी. इसके अलावा ‘सत्यभामासैट’ और ‘स्वयं’ नाम भारतीय सैटेलाइटों का भी प्रक्षेपण किया जाएगा. ‘सत्यभामासैट’ को चेन्नई की सत्यभामा यूनिवर्सिटी ने और ‘स्वयं’ को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे के छात्रों ने बनाया है.इसरो अब तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रहों को लांच कर चुका है. 2016 से 2017 तक इसरो का लक्ष्य 25 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजना है. इसरो की कमर्शियल इकाई, एंट्रिक्स ने अब तक के 57 लांच से करीब 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है.काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह के साथ जिन अन्य उपग्रहों को भेजा गया उनमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ भारतीय विश्वविद्यालयों के भी दो उपग्रह हैं.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को श्रीहरिकोटा से एक ही उड़ान में एक साथ 20 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च कर नया कीर्तिमान रचने पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी है।
INDIAN SPACE RESEARCH ORGANIZATION (ISRO) (इसरो) ने आज सत्रह विदेशी सेटेलाइट सहित कुल 20 सेटेलाइट एक साथ सफल प्रक्षेपण किया.आज सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर इसरो का अंतरिक्ष यान पीएसएलवी सी—34 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रिकॉर्ड 20 उपग्रहों का प्रक्षेपण किया.आज जो सेटेलाइस प्रक्षेपित हुए उनमें भारत के कारटोसैट—2 और भारतीय विश्वविद्यालयों के 2 सैटेलाइटों का प्रक्षेपण हुआ. साथ में 17 छोटे विदेशी सैटेलाइट भी भेजे गए. इन 20 सैटेलाइटों का कुल वजन 1,228 किलोग्राम है. एक साथ कई सैटेलाइट भेजने के मामले में इसरो ने पिछला रिकॉर्ड जून, 2008 में बनाया थातब इसरो ने 10 सैटेलाइटों को प्रक्षेपित किया था. इस लांच में सबकी नजर पृथ्वी की निगरानी करने वाले 727.5 किलोग्राम के भारतीय ‘कारटोसैट-2’ पर होगी. इसके अलावा ‘सत्यभामासैट’ और ‘स्वयं’ नाम भारतीय सैटेलाइटों का भी प्रक्षेपण किया जाएगा. ‘सत्यभामासैट’ को चेन्नई की सत्यभामा यूनिवर्सिटी ने और ‘स्वयं’ को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे के छात्रों ने बनाया है.इसरो अब तक लगभग 20 अलग-अलग देशों के 57 उपग्रहों को लांच कर चुका है. 2016 से 2017 तक इसरो का लक्ष्य 25 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजना है. इसरो की कमर्शियल इकाई, एंट्रिक्स ने अब तक के 57 लांच से करीब 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमाई की है.काटरेसैट-2 श्रृंखला के उपग्रह के साथ जिन अन्य उपग्रहों को भेजा गया उनमें अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ-साथ भारतीय विश्वविद्यालयों के भी दो उपग्रह हैं.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को श्रीहरिकोटा से एक ही उड़ान में एक साथ 20 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्च कर नया कीर्तिमान रचने पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बधाई दी है।

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