संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से, 26 दिनों में होंगी कुल 20 बैठकें
संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई को शुरू होगा और 12 अगस्त तक चलेगा। 26
दिनों की अवधि में कुल 20 सिटिंग होंगी। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री
वेंकैया नायडू ने बुधवार को यहाँ दी I पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने
कहा कि संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सरकारी कामकाज की
अत्यावश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस साल का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12
अगस्त तक आयोजित करने की सिफारिश की। यह फैसला कैबिनेट बैठक के बाद संपन्न
हुए सीसीपीए की बैठक में लिया गया I विधायी एजेंडे पर तीस मंत्रियों के
साथ इस बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा देते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि
लोकसभा में कुल 11 और राज्यसभा में कुल 45 विधेयक लंबित हैं। उन्होंने कहा
कि मंत्रियों से लंबित और नये विधेयकों पर, जो अगले माह के तीसरे पखवाडे
में पेश किए जाएंगे, आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है ताकि कम से कम
20 से 25 विधेयकों पर काम किया जा सके।उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा
कि जीएसटी विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान पारित किया जा सकता
है। उन्होंने कहा “जीएसटी विधेयक पर लगभग सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक
दलों के बीच व्यापक सहमति बन गई है। यदि किसी राजनीतिक दल को अभी भी कोई
समस्या है तो सरकार इस पर चर्चा को तैयार है। विधेयक के महत्व को देखते हुए
यह उचित होगा कि जीएसटी विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाए ।
उन्होंने कहा ''संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते मैं अन्य विकल्पों पर काम
करने से पहले इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक पर आम सहमति पसंद करता हूं।
जीएसटी बिल का पास होना राष्ट्रीय हित में है और मैं सभी दलों से अपील करता
हूं कि वे इसके लिए समर्थन करें"।
संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई को शुरू होगा और 12 अगस्त तक चलेगा। 26
दिनों की अवधि में कुल 20 सिटिंग होंगी। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री
वेंकैया नायडू ने बुधवार को यहाँ दी I पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने
कहा कि संसदीय कार्यों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सरकारी कामकाज की
अत्यावश्यकता को ध्यान में रखते हुए इस साल का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12
अगस्त तक आयोजित करने की सिफारिश की। यह फैसला कैबिनेट बैठक के बाद संपन्न
हुए सीसीपीए की बैठक में लिया गया I विधायी एजेंडे पर तीस मंत्रियों के
साथ इस बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा देते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि
लोकसभा में कुल 11 और राज्यसभा में कुल 45 विधेयक लंबित हैं। उन्होंने कहा
कि मंत्रियों से लंबित और नये विधेयकों पर, जो अगले माह के तीसरे पखवाडे
में पेश किए जाएंगे, आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है ताकि कम से कम
20 से 25 विधेयकों पर काम किया जा सके।उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा
कि जीएसटी विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान पारित किया जा सकता
है। उन्होंने कहा “जीएसटी विधेयक पर लगभग सभी राज्य सरकारों और राजनीतिक
दलों के बीच व्यापक सहमति बन गई है। यदि किसी राजनीतिक दल को अभी भी कोई
समस्या है तो सरकार इस पर चर्चा को तैयार है। विधेयक के महत्व को देखते हुए
यह उचित होगा कि जीएसटी विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया जाए ।
उन्होंने कहा ''संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते मैं अन्य विकल्पों पर काम
करने से पहले इस तरह के महत्वपूर्ण विधेयक पर आम सहमति पसंद करता हूं।
जीएसटी बिल का पास होना राष्ट्रीय हित में है और मैं सभी दलों से अपील करता
हूं कि वे इसके लिए समर्थन करें"।
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