15 THOUSANDS CARER की PROPERTY हथियाने के चक्कर में हुआJAWAHAR BAG HATYAKAND SHCHARACHARYA
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने आज वृन्दावन में पत्रकारों से बातचीत करते कहा कि बाबा जयगुरूदेव द्वारा अर्जित 15 हजार करोड़ की संपत्ति को उनके तथाकथित चेलों ने हथियाने का प्रयास किया जिसमें उमाकांत तिवारी, पंकज यादव, शिवपाल यादव के श्रेय एवम राजनीतिक प्रभाव का लाभ लिया गया। मथुरा-दिल्ली हाईवे पर 150 एकड़ भूमि को आश्रमों के नाम से घेरा गया है।उन्होंने कहा कि जयगुरूदेव के नाम से व्यक्ति विशेष द्वारा सुभाषचन्द्र बोस के नाम का दुरूपयोग कर गरीब जनता से लगभग 15 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा का साम्राज्य और एकत्रित की गयी थी। वही सम्पत्ति जवाहरबाग काण्ड का प्रमुख कारण रहा। उक्त बाबा जयगुरूदेव की संपत्ति पर उप्र शासन में सत्ता पक्ष द्वारा हथियाने हेतु प्रशासन का लाभ लेकर प्रयास किया गया जिसमें सत्ता पक्ष के दो मंत्रियों शिवपाल यादव व रामगोपाल यादव का प्रमुख योगदान रहा।बाबा जयगुरूदेव के ड्राइवर को शिवपाल यादव द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर पंकज को उक्त सम्पत्ति का बेईमानीपूर्वक झूठा एवं दिखावटी मालिक बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामवृक्ष ने रामगोपाल यादव को 2014 में हुये चुनाव में करीब 3000 समर्थकों का समर्थन देकर विजयी बनाया था। इस कारण वह सदैव रामगोपाल यादव का कृपापात्र रहा और प्रशासन से सुरक्षित भी रहा। रामवृक्ष ने धरने के नाम से उप्र सरकार की मिलीभगत से स्वतंत्रता सेनानी सुभाषचन्द्र बोस का सहारा लेकर मथुरा में 300 एकड़ के भूखण्ड को हथियाया हुआ था। यह एक पूर्व नियोजित षडयंत्र था।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने आज वृन्दावन में पत्रकारों से बातचीत करते कहा कि बाबा जयगुरूदेव द्वारा अर्जित 15 हजार करोड़ की संपत्ति को उनके तथाकथित चेलों ने हथियाने का प्रयास किया जिसमें उमाकांत तिवारी, पंकज यादव, शिवपाल यादव के श्रेय एवम राजनीतिक प्रभाव का लाभ लिया गया। मथुरा-दिल्ली हाईवे पर 150 एकड़ भूमि को आश्रमों के नाम से घेरा गया है।उन्होंने कहा कि जयगुरूदेव के नाम से व्यक्ति विशेष द्वारा सुभाषचन्द्र बोस के नाम का दुरूपयोग कर गरीब जनता से लगभग 15 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा का साम्राज्य और एकत्रित की गयी थी। वही सम्पत्ति जवाहरबाग काण्ड का प्रमुख कारण रहा। उक्त बाबा जयगुरूदेव की संपत्ति पर उप्र शासन में सत्ता पक्ष द्वारा हथियाने हेतु प्रशासन का लाभ लेकर प्रयास किया गया जिसमें सत्ता पक्ष के दो मंत्रियों शिवपाल यादव व रामगोपाल यादव का प्रमुख योगदान रहा।बाबा जयगुरूदेव के ड्राइवर को शिवपाल यादव द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर पंकज को उक्त सम्पत्ति का बेईमानीपूर्वक झूठा एवं दिखावटी मालिक बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामवृक्ष ने रामगोपाल यादव को 2014 में हुये चुनाव में करीब 3000 समर्थकों का समर्थन देकर विजयी बनाया था। इस कारण वह सदैव रामगोपाल यादव का कृपापात्र रहा और प्रशासन से सुरक्षित भी रहा। रामवृक्ष ने धरने के नाम से उप्र सरकार की मिलीभगत से स्वतंत्रता सेनानी सुभाषचन्द्र बोस का सहारा लेकर मथुरा में 300 एकड़ के भूखण्ड को हथियाया हुआ था। यह एक पूर्व नियोजित षडयंत्र था।

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