विदा ले रहे SIHASTHA के अंतिम शाही स्नान के लिए हजारों भक्त UJJAIN पहुंचे
इस सदी के दूसरे सिंहस्थ का आज अंतिम दिन था। अंतिम तथा तीसरे शाही स्नान में शामिल होने के लिए रतलाम सहित आसपास के इलाकों के काफी संख्या में लोग शुक्रवार से ही जाना प्रारंभ हो गए थे। आज भी बसों और ट्रेनों में काफी भीड़ थी। कई यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में घंटों इंतजार करना पड़ा। तब कही जाकर ट्रेने उपलब्ध हुई।सडक़ मार्ग से जाने वाले यात्रियों को यह कहकर जाने से रोका गया कि कई किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। चार पहिया वाहन तो ठीक दो पहिया वाहन भी मेला क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिए गए है। उसके बाद भी यात्री बसों से जैसे-तैसे कर उज्जैन पहुंचे और अंतिम शाही स्नान में शामिल हुए।विदा ले रहे सिंहस्थ में शामिल होने के लिए जिले से लगभग 1 लाख से अधिक भक्त उज्जैन पहुंचे थे। शाही स्नान के दिनों में तो यात्रियों की भीड़ स्टेशन और बस स्टेण्ड पर देखने लायक थी। भले ही सिंहस्थ 21 मई को समाप्त हो रहा है लेकिन मेला अवधि 28मई तक बड़ा दिए जाने से भक्तों का उज्जैन जाने का क्रम निरंतर जारी रहने की संभावना है। भले ही हजारों की संख्या में यात्री उज्जैन नहीं पहुंचे, लेकिन क्षिप्रा नदी में स्नान का मोह भक्तों का बरकरार रहेगा।जानकारों ने अगले सिंहस्थ की तारीख भी घोषित कर दी है, जो 9 अप्रैल 2028 से शुरू होकर 8 मई तक चलेगा। अमृत स्नान 9 अप्रैल, 27 अप्रैल तथा 8 मई एवं पर्व स्नान, 20,22,24 अप्रैल और 5 व 6 मई को होंगे।
इस सदी के दूसरे सिंहस्थ का आज अंतिम दिन था। अंतिम तथा तीसरे शाही स्नान में शामिल होने के लिए रतलाम सहित आसपास के इलाकों के काफी संख्या में लोग शुक्रवार से ही जाना प्रारंभ हो गए थे। आज भी बसों और ट्रेनों में काफी भीड़ थी। कई यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में घंटों इंतजार करना पड़ा। तब कही जाकर ट्रेने उपलब्ध हुई।सडक़ मार्ग से जाने वाले यात्रियों को यह कहकर जाने से रोका गया कि कई किलोमीटर तक जाम लगा हुआ है। चार पहिया वाहन तो ठीक दो पहिया वाहन भी मेला क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिए गए है। उसके बाद भी यात्री बसों से जैसे-तैसे कर उज्जैन पहुंचे और अंतिम शाही स्नान में शामिल हुए।विदा ले रहे सिंहस्थ में शामिल होने के लिए जिले से लगभग 1 लाख से अधिक भक्त उज्जैन पहुंचे थे। शाही स्नान के दिनों में तो यात्रियों की भीड़ स्टेशन और बस स्टेण्ड पर देखने लायक थी। भले ही सिंहस्थ 21 मई को समाप्त हो रहा है लेकिन मेला अवधि 28मई तक बड़ा दिए जाने से भक्तों का उज्जैन जाने का क्रम निरंतर जारी रहने की संभावना है। भले ही हजारों की संख्या में यात्री उज्जैन नहीं पहुंचे, लेकिन क्षिप्रा नदी में स्नान का मोह भक्तों का बरकरार रहेगा।जानकारों ने अगले सिंहस्थ की तारीख भी घोषित कर दी है, जो 9 अप्रैल 2028 से शुरू होकर 8 मई तक चलेगा। अमृत स्नान 9 अप्रैल, 27 अप्रैल तथा 8 मई एवं पर्व स्नान, 20,22,24 अप्रैल और 5 व 6 मई को होंगे।

No comments:
Write comments