Sunday, 10 April 2016

परंपरा टूटी, शनि शिंगणापुर में महिलाओं ने पूजा की

परंपरा टूटी, शनि शिंगणापुर में महिलाओं ने पूजा की
अहमदनगर (महाराष्ट्र) के प्रसिद्द शनि शिंगणापुर मंदिर में शुक्रवार को लगभग 400 साल पुरानी परंपरा टूट गई जब कुछ महिलाओं ने मंदिर परिसर में पूजा कीI महिलाओं को मंदिर परिसर में पूजा की अनुमति के बाद कुछ महिलाएं बैरिकेड के ऊपर से परिसर के भीतर चली गईं परन्तु उन्हें किसी ने भी नहीं रोका I इससे पहले मंदिर प्रशासन ने वहां महिलाओं को पूजा करने की अनुमति दे दी थी और मंदिर के ट्रस्ट ने निर्णय लिया कि मंदिर परिसर सबके लिए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, खोल दिया जायेगा I शनि शिंगणापुर मंदिर में अभी तक महिलाओं को पूजा करने की अनुमति नहीं थी I इसके विरोध में कुछ महिला संगठनों ने ज़बरदस्ती पूजा स्थल में घुसने का प्रयत्न किया थाI महिलाओं का कहना था कि भारत का संविधान प्रत्येक देशवासी को पूजा करने की अनुमति देता हैI इन महिलाओं ने अदालत का द्वार भी खटखटायाI अदालत में राज्य सरकार ने माना कि मंदिर में महिलाओं के जाने पर किसी भी तरह की रोक नहीं है। अदालत ने कहा कि मंदिरों में महिलाओं और पुरुषों को पूजा करने का समान अधिकार है। शुक्रवार सवेरे कुछ पुरुषों ने मंदिर में पूजा की और शिला को नहलायाI इस घटना के पश्च्यात मंदिर के ट्रस्ट ने निर्णय लिया कि महिलाओं को भी यहाँ पूजा करने की अनुमति दे दी जायेI यह विवाद पिछले वर्ष शुरू हुआ जब एक महिला भीड़ तोड़कर शिला के पास चली गयी और शिला पर तेल अर्पण कियाI महिला के तेल चढ़ाने के पश्च्यात मंदिर का 'शुद्धिकरण' किया गया जिसकी देश भर में निंदा हुयीI इसके पश्च्यात कुछ महिला संगठन सक्रिय हुए और उन्होंने ज़बरदस्ती पूजा करने का प्रयास कियाI उस समय तो प्रशासन और पुलिस ने यह सब रोक दिया परन्तु मामला बढ़ने पर अदालत तक पहुंचाI शुक्रवार के घटनाक्रम के पश्च्यात महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने मंदिर के इस निर्णय का स्वागत किया और कहा कि धर्म कभी भी जाति या लिंग के आधार पर भेद-भाव नहीं करताI उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शुरू से यही कहा था और उच्च न्यायालय में एक हलफनामा भी दायर किया था कि कोई भी भेदभाव नहीं होना चाहिएI उन्होंने कहा कि धर्म कभी भी जाति या लिंग के आधार पर भेदभाव या पक्षपात नहीं करताI

No comments:
Write comments

Recommended Posts × +