Sunday, 10 April 2016

महाकुंभ के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने काफी अच्छे कार्य किए हैं: स्वामी महेश्वरानंद

महाकुंभ के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने काफी अच्छे कार्य किए हैं: स्वामी महेश्वरानंद

ओम विश्वन दीप गुरु आश्रम एवं अनुसंधान केंद्र के विश्व गुरु परमहंस महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वररानंदपुरी जी महाराज के उज्जैन सिंहस्थ मेला परिसर स्थित श्री अलखपुरी सिद्धपीठा परंपरा के शिविर में महानिर्वाणी अखाड़ा के श्री महंत महामंडलेश्वर स्वामी विशोरानंद भारती ने अखाड़े की धर्म ध्वजा का पूजन कर ध्वजा रोहण किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर ज्ञानेश्वरपुरी जी, श्रीमहंत प्रेमानंदपुरी जी, बाल योगी अवतारपुरीजी, विनयानंद पुरी महाराज, सहदानंद, योगेश्पुरी, विक्रमसिंह गेहलोत एवं पं. मोतीलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वामीजी के देशी विदेशी शिष्य उपस्थित थे।ध्वजारोहण के बाद महामंडलेश्वर स्वामी महेश्वरानंदपुरी ने महाकालेश्वर मंदिर में विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया। महाकाल मंदिर परिसर में स्वामीजी से बड़ी संख्या में भक्तों ने आशीर्वाद लिया। स्वामीजी ने नवग्रह तथा हनुमानजी की पूजा अर्चना की व मंदिर परिसर स्थित श्री पंच महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशपुरी जी से भेंट कर उनकी कुशल क्षेम पूछी और स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर महेश्वरानंदजी ने कहा कि भारतीय समाज ने वसुदेव कुटुंबकम की भावनाओं का हमेशा स्वागत सम्मान किया है। सेवाभाव की उजली पंरपरा का निर्वाह किया। भारत भूमि पवित्र भूमि है यहां अवतारों, संतों, महात्माओं, महामंडलेश्वरों, आचार्यों धर्माचार्यों ने जन्म लिया है। समुद्र मंथन भी इसी देवभूमि पर हुआ है। अमृत कभी घटता भी नहीं है। कुंभ में सारी दुनिया के श्रद्धालु भाग लेने आते हैं। पवित्र शिप्रा में स्नान का बहुत बड़ा महत्व है। अमृत की प्राप्ति होती है। कुंभ के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने काफी अच्छे कार्य किए हैं। समूचा क्षेत्र प्रदूषण मुक्त रहेगा ऐसा मेरा विश्वास है। यहां आने वाला हर व्यक्ति अमृत प्राप्ति के लिए आता है प्रदूषण फैलाने नहीं।स्वामी महेश्वरानंदजी ने उज्जैन मेला क्षेत्र स्थित अपने शिविर में रहकर शिविर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए। स्वामीजी 18 अप्रैल को आयोजित होने वाली पेशवाई में शामिल होने के लिए 16 अप्रैल को पुन: उज्जैन आएंगे और अंतिम शाही स्नान 21 तक दत्त अखाड़ा क्षेत्र स्थित रानीबाग के पीछे अपने शिविर में विराजेंगे। स्वामी श्री महेश्वरानंदजी ने मध्यप्रदेश के मुखिया श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में साधु संतों के शुभ आशीर्वाद से सिंहस्थ महापर्व की सफलता की कामना भी की है।

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