आरक्षण-फसल बीमा पर बवाल, कांग्रेस का वॉकआउट
किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ देने में बरती गई लेतलाली और 12वीं की परीक्षा में आरक्षण संबंधी प्रश्न को लेकर आज फिर विधानसभा में हंगामा हुआ। दोनों मामलों में सरकार द्वारा दिए गए जबाव से असंतुष्ट सदस्यों ने दो बार सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान कांग्रेसी सदस्यों की कुछ गौरीशंकर शेजवार समेत कुछ मंत्रियों से तीखी तकरार भी हुई। गुरुवार को प्रश्नकाल समाप्त होते ही कांग्रेस के रामनिवास रावत ने आरक्षण संबंधी मामला उठाते हुए कहा कि वे दो दिन पहले इस मामले पर स्थगन दे चुके हैं। उन्होंने अध्यक्ष से चर्चा कराने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि मामले में संसदीय कार्यमंत्री अपना वक्तव्य देना चाहते हैं। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की है, पेपर को शून्य करके एवरेज अंक देते हुए इसकी जांच का फैसला लिया है। एसीएस दीपक खांडेकर को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पेपर सेटर का पारिश्रमिक भी रोक दिया गया है। लिहाजा चर्चा का कोई औचित्य ही नहीं है।कांग्रेस के रामनिवास रावत ने कहा केवल दो ही लोग कैसे दोषी हो सकते हैं। माशिमं के सचिव, पेपर सिलेक्टर और विधि अधिकारी की भी भूमिका तय कर कार्यवाही की जानी चाहिए। छात्रों को हिंदी के पेपर में दस में दस अंक देने की मांग की।जनश्री & आम आदमी बीमा बंद करेगी सरकारविधानसभा में मंत्री भार्गव बोले-प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं में होग विलय विधानसभा में आज सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनपद और ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही जनश्री और आम आदमी बीमा योजना को सरकार जल्द बंद करने का विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आम आदमी के लिए लागू की गई बीमा योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाया जाएगा।राज्य विधानसभा में भाजपा की पारुल साहू के एक सवाल के जबाव में सहकारिता मंत्री ने यह बात कही। पारुल साहू का कहना था कि सरकार ने की यह योजनाएं अफसरों की उदासीनता का शिकार हो गई है। जनपद और ग्राम पंचायतों में इस योजना का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है जिससे लोगों को इसका लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की भी मांग की। मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में आम लोगों के लिए शुरू की गई तीन बीमा योजनाओं के बाद इन दोनों बीमा योजनाओं का औचित्य समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब इन योजनाओं के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं का लाभ फिलहाल लोगों को मिले इसके लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए गए है।कांग्रेस के शैलेन्द्र पटेल ने किसानों को लाइट ट्रैप देने के मामले में भारी भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कीट नियंत्रण के लिए किसानों को लाइट ट्रैप वितरित किए गए हैं पर इन्हें कैसे चलाना है और कैसे इनका संधारण करना है इसकी ट्रैनिंग ही किसानों को नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी को लाखों का फायदा पहुंचाने के लिए आनन-फानन में यह काम किया गया है। उनका यह भी कहना था कि ग्रामीण अंचलों में किसानों को बिजली ही प्रापर नहीं मिल रही है तो इन उपकरणों की क्या उपयोगिता है।मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि उपकरण बेहद साधारण है और इसको चलाने के लिए किसी तरह की ट्रैनिंग की न तो जरूरत है और न ही इसका कोई प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने पांच अफसरों का दल बनाया है जो इन उपकरणों के ज्यादा से ज्यादा प्रयोग को सुनिश्चित करेगा।किसानों का ऋण और ब्याज माफ करने से सरकार का इंकार,सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि भोपाल में कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक और सहकारिता विभाग के अफसरों की मिलीभगत से किसानों की जमीन रसूखदार लोगों के मामले में अफसरों पर कार्यवाही की गई है पर उन्होंने किसानों का ऋण और ब्याज माफ करने से इंकार करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। कांग्रेस के आरिफ अकील के सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि इस मामले में बैंक के अधिकारी, कर्मचारियों और सहकारिता विभाग के संयुक्त पंजीयक से लेकर आडीटर और निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सरकार ने उनके खिलाफ कार्यवाही भी की है। किसान ने जो बैंक से ऋण लिया था वे वे उसे और उसका मामूली ब्याज चुका कर जमीन अपने नाम करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऋण और ब्याज माफ करने से सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का उल्लधंन होगा और इससे गलत परिपाटी का भी निर्माण होगाविधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायक जीतू पटवारी ने तेंदूखेड़ा में हुई घटना का जिक्र कर कहा कि सरकार दलितों पर अत्याचार नहीं रोक पा रही है। पटवारी ने कहा कि तेंदूखेड़ा में एक दलित बच्चे को हैंडपम्प का पानी नहीं पीने दिया गया। इस घटना में उसके साथ हुए अत्याचार के चलते उसकी मौत हो गई। सरकार दलितों पर अत्याचार करने वालों का बचाव कर रही है।
किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ देने में बरती गई लेतलाली और 12वीं की परीक्षा में आरक्षण संबंधी प्रश्न को लेकर आज फिर विधानसभा में हंगामा हुआ। दोनों मामलों में सरकार द्वारा दिए गए जबाव से असंतुष्ट सदस्यों ने दो बार सदन से वॉकआउट किया। इस दौरान कांग्रेसी सदस्यों की कुछ गौरीशंकर शेजवार समेत कुछ मंत्रियों से तीखी तकरार भी हुई। गुरुवार को प्रश्नकाल समाप्त होते ही कांग्रेस के रामनिवास रावत ने आरक्षण संबंधी मामला उठाते हुए कहा कि वे दो दिन पहले इस मामले पर स्थगन दे चुके हैं। उन्होंने अध्यक्ष से चर्चा कराने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि मामले में संसदीय कार्यमंत्री अपना वक्तव्य देना चाहते हैं। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमने दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की है, पेपर को शून्य करके एवरेज अंक देते हुए इसकी जांच का फैसला लिया है। एसीएस दीपक खांडेकर को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पेपर सेटर का पारिश्रमिक भी रोक दिया गया है। लिहाजा चर्चा का कोई औचित्य ही नहीं है।कांग्रेस के रामनिवास रावत ने कहा केवल दो ही लोग कैसे दोषी हो सकते हैं। माशिमं के सचिव, पेपर सिलेक्टर और विधि अधिकारी की भी भूमिका तय कर कार्यवाही की जानी चाहिए। छात्रों को हिंदी के पेपर में दस में दस अंक देने की मांग की।जनश्री & आम आदमी बीमा बंद करेगी सरकारविधानसभा में मंत्री भार्गव बोले-प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं में होग विलय विधानसभा में आज सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनपद और ग्राम पंचायतों में चलाई जा रही जनश्री और आम आदमी बीमा योजना को सरकार जल्द बंद करने का विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आम आदमी के लिए लागू की गई बीमा योजनाओं का लाभ लोगों को दिलाया जाएगा।राज्य विधानसभा में भाजपा की पारुल साहू के एक सवाल के जबाव में सहकारिता मंत्री ने यह बात कही। पारुल साहू का कहना था कि सरकार ने की यह योजनाएं अफसरों की उदासीनता का शिकार हो गई है। जनपद और ग्राम पंचायतों में इस योजना का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है जिससे लोगों को इसका लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस योजना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की भी मांग की। मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में आम लोगों के लिए शुरू की गई तीन बीमा योजनाओं के बाद इन दोनों बीमा योजनाओं का औचित्य समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब इन योजनाओं के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन योजनाओं का लाभ फिलहाल लोगों को मिले इसके लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए गए है।कांग्रेस के शैलेन्द्र पटेल ने किसानों को लाइट ट्रैप देने के मामले में भारी भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कीट नियंत्रण के लिए किसानों को लाइट ट्रैप वितरित किए गए हैं पर इन्हें कैसे चलाना है और कैसे इनका संधारण करना है इसकी ट्रैनिंग ही किसानों को नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी को लाखों का फायदा पहुंचाने के लिए आनन-फानन में यह काम किया गया है। उनका यह भी कहना था कि ग्रामीण अंचलों में किसानों को बिजली ही प्रापर नहीं मिल रही है तो इन उपकरणों की क्या उपयोगिता है।मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि उपकरण बेहद साधारण है और इसको चलाने के लिए किसी तरह की ट्रैनिंग की न तो जरूरत है और न ही इसका कोई प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने पांच अफसरों का दल बनाया है जो इन उपकरणों के ज्यादा से ज्यादा प्रयोग को सुनिश्चित करेगा।किसानों का ऋण और ब्याज माफ करने से सरकार का इंकार,सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि भोपाल में कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक और सहकारिता विभाग के अफसरों की मिलीभगत से किसानों की जमीन रसूखदार लोगों के मामले में अफसरों पर कार्यवाही की गई है पर उन्होंने किसानों का ऋण और ब्याज माफ करने से इंकार करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। कांग्रेस के आरिफ अकील के सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि इस मामले में बैंक के अधिकारी, कर्मचारियों और सहकारिता विभाग के संयुक्त पंजीयक से लेकर आडीटर और निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। सरकार ने उनके खिलाफ कार्यवाही भी की है। किसान ने जो बैंक से ऋण लिया था वे वे उसे और उसका मामूली ब्याज चुका कर जमीन अपने नाम करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऋण और ब्याज माफ करने से सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का उल्लधंन होगा और इससे गलत परिपाटी का भी निर्माण होगाविधानसभा में शून्यकाल के दौरान विधायक जीतू पटवारी ने तेंदूखेड़ा में हुई घटना का जिक्र कर कहा कि सरकार दलितों पर अत्याचार नहीं रोक पा रही है। पटवारी ने कहा कि तेंदूखेड़ा में एक दलित बच्चे को हैंडपम्प का पानी नहीं पीने दिया गया। इस घटना में उसके साथ हुए अत्याचार के चलते उसकी मौत हो गई। सरकार दलितों पर अत्याचार करने वालों का बचाव कर रही है।

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