श्री श्री जेल जाने को तैयार लेकिन जुर्माना नहीं देंगे ,मोदी बनेगे कार्यक्रम का हिस्सा !
श्री श्री रविशंकर के शुक्रवार को यमुना किनारे होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई है।ससे पहले आर्ट ऑफ लिविंग के प्रवक्ता ने कहा कि 'नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए जुर्माने को न भरने की बात हमने नहीं कही। दरअसल, एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग को यमुना किनारे कार्यक्रम की सशर्त मंजूरी दे दी थी। एनजीटी ने पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के तौर पर आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।हम कोर्ट का आदेश मानेंगे और पैसों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है।आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने गुरुवार को विद्रोही रूख अख्तियार करते हुये कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा उनके संस्थान पर यमुना खादर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर पर्यावरण उल्लंघन के लिए जो जुर्माना लगाया है उसे चुकाने की बजाय वह जेल जाना पसंद करेंगे । रविशंकर ने कहा, ‘हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। हम निष्कलंक हैं और ऐसे ही रहेंगे। हम जेल चले जांएगे लेकिन जुर्माना नहीं चुकाएंगे।’ बुधवार को एनजीटी ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को हरी झंडी देते हुये पर्यावरण मुआवजे के रूप में एओएल पर पांच करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया था।संगठन के प्रमुख श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट भी किया कि एओएल एनजीटी के फैसले से ‘संतुष्ट’ नहीं है और इसके खिलाफ अपील करेगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से समारोह का ‘राजनीतिकरण’ नहीं करने का अनुरोध किया। श्री श्री रविशंकर ने इस बात का भी खंडन किया कि समारोह स्थल पर किसी पेड़ को गिराया गया और दावा किया कि पेड़ों की केवल छंटाई की गयी है और उन्होंने खादर को समतल किया है।’ उन्होंने कहा, ‘एक भी पेड़ को गिराया नहीं गया है। पेड़ों की केवल छंटाई की गयी है और हमने खादर को समतल किया है।’
श्री श्री रविशंकर के शुक्रवार को यमुना किनारे होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। सरकार की तरफ से जारी बयान में इसकी पुष्टि की गई है।ससे पहले आर्ट ऑफ लिविंग के प्रवक्ता ने कहा कि 'नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा लगाए गए जुर्माने को न भरने की बात हमने नहीं कही। दरअसल, एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग को यमुना किनारे कार्यक्रम की सशर्त मंजूरी दे दी थी। एनजीटी ने पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के तौर पर आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।हम कोर्ट का आदेश मानेंगे और पैसों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है।आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने गुरुवार को विद्रोही रूख अख्तियार करते हुये कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा उनके संस्थान पर यमुना खादर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर पर्यावरण उल्लंघन के लिए जो जुर्माना लगाया है उसे चुकाने की बजाय वह जेल जाना पसंद करेंगे । रविशंकर ने कहा, ‘हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। हम निष्कलंक हैं और ऐसे ही रहेंगे। हम जेल चले जांएगे लेकिन जुर्माना नहीं चुकाएंगे।’ बुधवार को एनजीटी ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को हरी झंडी देते हुये पर्यावरण मुआवजे के रूप में एओएल पर पांच करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया था।संगठन के प्रमुख श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट भी किया कि एओएल एनजीटी के फैसले से ‘संतुष्ट’ नहीं है और इसके खिलाफ अपील करेगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से समारोह का ‘राजनीतिकरण’ नहीं करने का अनुरोध किया। श्री श्री रविशंकर ने इस बात का भी खंडन किया कि समारोह स्थल पर किसी पेड़ को गिराया गया और दावा किया कि पेड़ों की केवल छंटाई की गयी है और उन्होंने खादर को समतल किया है।’ उन्होंने कहा, ‘एक भी पेड़ को गिराया नहीं गया है। पेड़ों की केवल छंटाई की गयी है और हमने खादर को समतल किया है।’

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