सरकार झुकी, ईपीएफ पर नहीं लगेगा टैक्स,60% पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव वापस
कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ पर चौतरफा दबाव के बाद केंद्र सरकार ने
प्रस्तावित ईपीएफ टैक्स को वापस ले लिया है। संसद में आज वित्त मंत्री अरुण
जेटली ने कहा कि सरकार ईपीएफ के 60 प्रतिशत हिस्से पर लगाए जाने वाले
टैक्स के प्रावधान को फिलहाल वापस ले रही है। यानी, अब से ईपीएफ की जितनी
भी रकम निकालेंगे, उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। बता दें कि बजट में बजट में
EPF पर टैक्स का ऐलान हुआ था। उन्होंने हालांकि कहा कि
राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े लोगों को राशि निकालने के समय 40 प्रतिशत
की छूट बनी रहेगी। अपने बजट प्रस्ताव में जेटली ने प्रस्ताव किया था कि
ईपीएफ की 40 प्रतिशत राशि निकालना कर मुक्त होगा और शेष 60 फीसदी राशि भी
इसी श्रेणी में आएगी अगर उसे पेंशन योजना में निवेश किया जाता है।बजट में
इस प्रस्ताव की विभिन्न राजनीतिक दलों और कर्मचारी संघों ने आलोचना की थी
और कहा था कि यह कर्मचारियों को पेंशन योजना में निवेश करने के लिए मजबूर
करने वाली बात है। कराधान प्रस्ताव का औचित्य बताते हुए जेटली ने कहा कि
कर्मचारियों के पास यह विकल्प होना चाहिए कि वे कहां निवेश करें।पिछले
दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से इस मामले
पर दोबारा विचार करने को कहा था। कहा जा रहा था कि इस बदलाव से देश के करीब
छह करोड़ वेतनभोगी प्रभावित होते। ऐसे में कयास लगाए ही जा रहे थे कि
जेटली आज संसद में यह प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं। सोमवार को
कांग्रेस ने सरकार के फ़ैसले के विरोध में जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया
था।
40% से ऊपर ईपीएफ़ निकालने पर टैक्स
अप्रैल से जमा 60% रकम पर लग सकता है टैक्स
पेंशन स्कीम में निवेश पर नहीं लगेगा टैक्स
15000 रुपये महीने से कम आय पर टैक्स नहीं
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के 3.7 करोड़ उपभोक्ता हैं। इस प्रस्ताव से 15 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन वाले 3.26 करोड़ ईपीएफओ उपभोक्ताओं पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ पर चौतरफा दबाव के बाद केंद्र सरकार ने
प्रस्तावित ईपीएफ टैक्स को वापस ले लिया है। संसद में आज वित्त मंत्री अरुण
जेटली ने कहा कि सरकार ईपीएफ के 60 प्रतिशत हिस्से पर लगाए जाने वाले
टैक्स के प्रावधान को फिलहाल वापस ले रही है। यानी, अब से ईपीएफ की जितनी
भी रकम निकालेंगे, उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। बता दें कि बजट में बजट में
EPF पर टैक्स का ऐलान हुआ था। उन्होंने हालांकि कहा कि
राष्ट्रीय पेंशन योजना से जुड़े लोगों को राशि निकालने के समय 40 प्रतिशत
की छूट बनी रहेगी। अपने बजट प्रस्ताव में जेटली ने प्रस्ताव किया था कि
ईपीएफ की 40 प्रतिशत राशि निकालना कर मुक्त होगा और शेष 60 फीसदी राशि भी
इसी श्रेणी में आएगी अगर उसे पेंशन योजना में निवेश किया जाता है।बजट में
इस प्रस्ताव की विभिन्न राजनीतिक दलों और कर्मचारी संघों ने आलोचना की थी
और कहा था कि यह कर्मचारियों को पेंशन योजना में निवेश करने के लिए मजबूर
करने वाली बात है। कराधान प्रस्ताव का औचित्य बताते हुए जेटली ने कहा कि
कर्मचारियों के पास यह विकल्प होना चाहिए कि वे कहां निवेश करें।पिछले
दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से इस मामले
पर दोबारा विचार करने को कहा था। कहा जा रहा था कि इस बदलाव से देश के करीब
छह करोड़ वेतनभोगी प्रभावित होते। ऐसे में कयास लगाए ही जा रहे थे कि
जेटली आज संसद में यह प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा कर सकते हैं। सोमवार को
कांग्रेस ने सरकार के फ़ैसले के विरोध में जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया
था।40% से ऊपर ईपीएफ़ निकालने पर टैक्स
अप्रैल से जमा 60% रकम पर लग सकता है टैक्स
पेंशन स्कीम में निवेश पर नहीं लगेगा टैक्स
15000 रुपये महीने से कम आय पर टैक्स नहीं
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के 3.7 करोड़ उपभोक्ता हैं। इस प्रस्ताव से 15 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन वाले 3.26 करोड़ ईपीएफओ उपभोक्ताओं पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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