Thursday, 4 February 2016

कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता, लोकसभा के पूर्व स्पीकर बलराम जाखड़ का निधन!

कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता, लोकसभा के पूर्व स्पीकर बलराम जाखड़ का निधन!

कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ का बुधवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे।उनके बेटे सुनील जाखड़ ने बताया कि उनका निधन आज सुबह करीब सात बजे अपने आवास पर हुआ। उनके अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को पंजाब के अबोहर ले जाया जाएगा।उन्होंने बताया कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव पंचकोशी में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलराम जाखड़ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक लोकप्रिय नेता थे, जिन्होंने संसदीय लोकतंत्र को समृद्ध बनाया।भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री व केन्द्रीय मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री सुंदरलाल पटवा, श्री कैलाश जोशी, वरिष्ठ नेता श्री कैलाश नारायण सारंग, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन प्रभारी डा. विनय सहस्रबुद्धे, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्रसिंह तोमर, श्रीमती नजमा हेपतुल्लाह, श्री थावरचन्द्र गेहलोत, श्री प्रकाश जावड़ेकर व सुश्री उमा भारती, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद श्री प्रभात झा, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय, पार्टी की राष्ट्रीय सचिव व सासंद श्रीमती ज्योति धुर्वे, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री फग्गनसिंह कुलस्ते, वरिष्ठ नेता श्री विक्रम वर्मा, सासंद डा. सत्यनारायण जटिया, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री श्री अरविन्द मेनन ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष व मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री बलराम जाखड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश संगठन प्रभारी डा. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि श्री बलराम जाखड़ सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होनें कुशलता के साथ अपने राजनीतिक जीवन में लोकसभा अध्यक्ष, मध्यप्रदेश के राज्यपाल सहित विभिन्न पदों को सुशोभित किया। उनके अवसान से एक श्रेष्ठ राजनेता की कमी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष श्री नंदकुमारसिंह चैहान ने कहा कि श्री बलराम जाखड़ का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा है। उन्होनें राज्यपाल पद पर रहते हुए मध्यप्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अवसान से एक सरल और सहज राजनेता की क्षति हुई प्रदेश संगठन महामंत्री श्री अरविन्द मेनन ने कहा कि श्री बलराम जाखड़ के निधन से कुशल राजनीतिज्ञ की क्षति हुई है जो कि अपूरणीय है। परमपिता परमेश्वर श्री जाखड़ के परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।23 अगस्त, 1923 को पंजाब राज्य के फिरोजपुर जिले में पंचकोसी गांव में जन्मे डॉ. बलराम जाखड़ को लगातार दो बार सर्वसम्मति से लोकसभा स्पीकर चुने जाने के लिए याद किया जाता है। वह एक किसान से राजनीतिज्ञ बने थे। वह सातवीं लोकसभा में निर्वाचन के तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष के लिए चुने गए थे। डॉ. जाखड़ को अंग्रेजी, संस्कृत, हिन्दी, उर्दू और पंजाबी का गहन ज्ञान था।फॉरमेन क्रिश्चियन कॉलेज, लाहौर से संस्कृत ऑनर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद भी उन्होंने खेती किसानी में अपनी दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के कैबिनेट में कृषिमंत्री के तौर पर भी सेवाएं दीं। बलराम जाखड़ 30 जून, 2004 से 30 मई, 2009 तक मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।

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