'पाकिस्तान ने नहीं दिया वीज़ा',पाक अधिकारियों ने मुझे बुलाने से रोका अनुपम खेर!
कराची साहित्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए जाने वाले अभिनेता अनुपम खेर
को पाकिस्तान सरकार ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया है। उन्हें 5 फ़रवरी से
शुरू होने वाले कराची लिट्रेचर फेस्टिवल में शिरकत करने जाना था। वीज़ा देने
से इनकार किए जाने पर अनुपम खेर ने कहा है कि 'मैं वीज़ा नहीं मिलने से
बहुत हैरान हूं। लिट्रेचर फेस्टिवल में 18 लोगों को जाना है जिसमें से 17
लोगों को वीज़ा दिया गया लेकिन मुझे वीज़ा नहीं दिया
गया।'मैं बॉलिवुड का पहला व्यक्ति था जिसने पेशावर स्कूल पर हुए हमले की
निंदा की थी। मैं जानना चाहता हूं मेरे अलावा जिन लोगों को कराची बुलाया
गया था वो मुझे वीजा ना दिए जाने को लेकर क्या सोचते हैं। मुझे अगर
भविष्य में वीजा दिया जाता है तो मैं पाक जाने को तैयार हूं। वहीं इस
मामले पर पाक उच्चायुक्त ने कहा है कि 'अनुपम खेर ने वीज़ा के लिए अर्ज़ी ही
नहीं दी थी। उनसे पूछिए क्या उनके पास कोई रसीद है।' बताया जा रहा है कि
2015 में भी अनुपम को पाकिस्तान ने वीज़ा देने से इंकार कर दिया था।पिछले
कुछ समय से अनुपम खेर विवादों में घिरे हुए हैं। उनके और कांग्रेस नेता
शशि थरूर के बीच तीखी बहस देखने को मिली। खेर ने अपने एक बयान में कहा था
कि इन दिनों उन्हें यह जाहिर करने में डर लगता है कि वह एक हिंदू हैं। इसके
बाद थरूर ने ट्विटर पर लिखा ‘अनुपम। मैं तो बहुत ही गर्व से कहता हूं कि
मैं हिंदू हूं। हां बस संघ की तरह का हिंदू नहीं हूं।’ इसके बाद 60 वर्षीय
खेर ने थरूर को ‘कांग्रेसी चमचा’ कह दिया।उन्होंने कहा कि मेरे वीजा के
लिए आयोजक की तरफ से आवेदन दिया गया था, लेकिन उसे नकार दिया गया। अनुपम ने
आशंका जताई कि हो सकता है उन्हें वीजा उनके कश्मीरी पंडितों को लेकर
नजरिये या फिर पीएम मोदी का समर्थन करने की वजह से नहीं दिया गया हो।वहीं
आयोजकों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वीजा के लिए आवेदन देने पर यह
कहते हुए उसे लौटा दिया गया कि इसके लिए इस्लामाबाद से क्लियरेंस नहीं
मिला है।
कराची साहित्य सम्मेलन में भाग लेने के लिए जाने वाले अभिनेता अनुपम खेर
को पाकिस्तान सरकार ने वीज़ा देने से इनकार कर दिया है। उन्हें 5 फ़रवरी से
शुरू होने वाले कराची लिट्रेचर फेस्टिवल में शिरकत करने जाना था। वीज़ा देने
से इनकार किए जाने पर अनुपम खेर ने कहा है कि 'मैं वीज़ा नहीं मिलने से
बहुत हैरान हूं। लिट्रेचर फेस्टिवल में 18 लोगों को जाना है जिसमें से 17
लोगों को वीज़ा दिया गया लेकिन मुझे वीज़ा नहीं दिया
गया।'मैं बॉलिवुड का पहला व्यक्ति था जिसने पेशावर स्कूल पर हुए हमले की
निंदा की थी। मैं जानना चाहता हूं मेरे अलावा जिन लोगों को कराची बुलाया
गया था वो मुझे वीजा ना दिए जाने को लेकर क्या सोचते हैं। मुझे अगर
भविष्य में वीजा दिया जाता है तो मैं पाक जाने को तैयार हूं। वहीं इस
मामले पर पाक उच्चायुक्त ने कहा है कि 'अनुपम खेर ने वीज़ा के लिए अर्ज़ी ही
नहीं दी थी। उनसे पूछिए क्या उनके पास कोई रसीद है।' बताया जा रहा है कि
2015 में भी अनुपम को पाकिस्तान ने वीज़ा देने से इंकार कर दिया था।पिछले
कुछ समय से अनुपम खेर विवादों में घिरे हुए हैं। उनके और कांग्रेस नेता
शशि थरूर के बीच तीखी बहस देखने को मिली। खेर ने अपने एक बयान में कहा था
कि इन दिनों उन्हें यह जाहिर करने में डर लगता है कि वह एक हिंदू हैं। इसके
बाद थरूर ने ट्विटर पर लिखा ‘अनुपम। मैं तो बहुत ही गर्व से कहता हूं कि
मैं हिंदू हूं। हां बस संघ की तरह का हिंदू नहीं हूं।’ इसके बाद 60 वर्षीय
खेर ने थरूर को ‘कांग्रेसी चमचा’ कह दिया।उन्होंने कहा कि मेरे वीजा के
लिए आयोजक की तरफ से आवेदन दिया गया था, लेकिन उसे नकार दिया गया। अनुपम ने
आशंका जताई कि हो सकता है उन्हें वीजा उनके कश्मीरी पंडितों को लेकर
नजरिये या फिर पीएम मोदी का समर्थन करने की वजह से नहीं दिया गया हो।वहीं
आयोजकों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वीजा के लिए आवेदन देने पर यह
कहते हुए उसे लौटा दिया गया कि इसके लिए इस्लामाबाद से क्लियरेंस नहीं
मिला है।
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