राजकीय सम्मान के साथ हुआ वीर सपूत हनमनथप्पा का अंतिम संस्कार
लांस नायक हनमनथप्पा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ धारवाड़ में उनके पैतृक गांव बेदातुर में शुक्रवार को किया गया। उन्हें सेना के जवानों ने बंदूकें दागकर सलामी दी। उनके अंतिम संस्कार में भारी संख्या में दर्शानार्थी मौजूद थे। वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। देश के अन्य जगहों पर देशवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद लांस नायक का शव गुरुवार रात हुब्बली लाया गया था। कर्नाटक के हुब्बली स्थित नेहरू स्टेडियम में हनमनथप्पा को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।उनके निधन की खबर से उनके गांव और परिवार में शोक की लहर है। सिचाचिन ग्लेशियर में 30 फुट बर्फ के मलबे के अंदर से चमत्कारिक रूप से निकाले जाने के तीन दिन बाद गुरुवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह छह दिनों तक बर्फ के ढेर के अंदर दबे रहे थे।उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब गया। हनुमनथप्पा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मोदी ने कहा वह हमें उदास और व्यथित छोड़ गए। लांस नायक हनुमनथप्पा को भगवान शांति दें। आपके अंदर का सैनिक अमर रहेगा। गर्व है कि आपकी तरह के शहीद ने भारत की सेवा की।’ कोप्पड का पार्थिव शरीर बरार स्कवायर में रखा गया जहां रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कई सारे सैन्य अधिकारियों तथा अन्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
लांस नायक हनमनथप्पा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ धारवाड़ में उनके पैतृक गांव बेदातुर में शुक्रवार को किया गया। उन्हें सेना के जवानों ने बंदूकें दागकर सलामी दी। उनके अंतिम संस्कार में भारी संख्या में दर्शानार्थी मौजूद थे। वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। देश के अन्य जगहों पर देशवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद लांस नायक का शव गुरुवार रात हुब्बली लाया गया था। कर्नाटक के हुब्बली स्थित नेहरू स्टेडियम में हनमनथप्पा को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।उनके निधन की खबर से उनके गांव और परिवार में शोक की लहर है। सिचाचिन ग्लेशियर में 30 फुट बर्फ के मलबे के अंदर से चमत्कारिक रूप से निकाले जाने के तीन दिन बाद गुरुवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। वह छह दिनों तक बर्फ के ढेर के अंदर दबे रहे थे।उनके निधन से पूरा देश शोक में डूब गया। हनुमनथप्पा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। मोदी ने कहा वह हमें उदास और व्यथित छोड़ गए। लांस नायक हनुमनथप्पा को भगवान शांति दें। आपके अंदर का सैनिक अमर रहेगा। गर्व है कि आपकी तरह के शहीद ने भारत की सेवा की।’ कोप्पड का पार्थिव शरीर बरार स्कवायर में रखा गया जहां रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कई सारे सैन्य अधिकारियों तथा अन्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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