इंतजार की घडिया ख़त्म,देश के किसानों को मिलेगा खाद और यूरिया मोदी जी!
पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के शेरपुर में किसान सम्मेलन को
संबोधित किया उन्होंने पहले यूरिया की किल्लत का जिक्र करते हुए कहा कि
केंद्र सरकार की व्यवस्था का ही नतीजा है कि 2015 में देश के किसी भी राज्य
के मुख्यमंत्री ने उन्हें यूरिया के लिए पत्र नहीं लिखा. किसानों को कहीं
भी खाद या यूरिया के लिए कतार में नहीं लगना पड़ा.जबकि पहली बार किसानों को
यूरिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा. जबकि 2014 से पहले
यूरिया ब्लैक मार्केट से खरीदना पड़ता था.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
कहा है कि आगामी अंबेडकर जयंती पर (14 अप्रैल) को नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट
का शुभारंभ किया जाएगा. जिसके तहत देशभर की कृषि मंडियां ऑनलाइन जुड़
जाएंगीं.उन्होंने कहा कि, अब किसान अपने मोबाइल फ़ोन पर देख सकेगा कि फसल
देश में कहां और किस दाम पर बिक रही है. कृषि मंडियां ऑनलाइन हो जाने से
किसान अपने मोबाइल पर फसल की रेट रोज देख पाएगा और जिस जगह ज्यादा कीमत
मिलेगी, वहां जाकर उपज को बेच सकेगा.इससे पूर्व, मोदी ने शेरपुर में
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर इसकी औपचारिक
शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा, 'किसानों का पिछली सरकार की बीमा
योजना में यकीन नहीं था, यही कारण है कि 20 प्रतिशत किसान भी बीमा नहीं
कराते थे.उन्होंने कहा कि पहले बीमा मंज़ूर होने में चार-चार मौसम निकल
जाते थे. अब 25 फ़ीसदी की बीमा राशि का लाभ तत्काल मिलेगा. इससे पहले इतना
फसल बीमा लाभ किसानों को नहीं मिला.अब जितने किसान बीमा कराएंगे, सरकार की
तिजोरी उतनी भरेगी. प्रधानमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि बीमा
से जुड़ने के बाद किसानों का हर संकट दूर होगा.
पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश में सीहोर जिले के शेरपुर में किसान सम्मेलन को
संबोधित किया उन्होंने पहले यूरिया की किल्लत का जिक्र करते हुए कहा कि
केंद्र सरकार की व्यवस्था का ही नतीजा है कि 2015 में देश के किसी भी राज्य
के मुख्यमंत्री ने उन्हें यूरिया के लिए पत्र नहीं लिखा. किसानों को कहीं
भी खाद या यूरिया के लिए कतार में नहीं लगना पड़ा.जबकि पहली बार किसानों को
यूरिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ा. जबकि 2014 से पहले
यूरिया ब्लैक मार्केट से खरीदना पड़ता था.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
कहा है कि आगामी अंबेडकर जयंती पर (14 अप्रैल) को नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट
का शुभारंभ किया जाएगा. जिसके तहत देशभर की कृषि मंडियां ऑनलाइन जुड़
जाएंगीं.उन्होंने कहा कि, अब किसान अपने मोबाइल फ़ोन पर देख सकेगा कि फसल
देश में कहां और किस दाम पर बिक रही है. कृषि मंडियां ऑनलाइन हो जाने से
किसान अपने मोबाइल पर फसल की रेट रोज देख पाएगा और जिस जगह ज्यादा कीमत
मिलेगी, वहां जाकर उपज को बेच सकेगा.इससे पूर्व, मोदी ने शेरपुर में
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर इसकी औपचारिक
शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने कहा, 'किसानों का पिछली सरकार की बीमा
योजना में यकीन नहीं था, यही कारण है कि 20 प्रतिशत किसान भी बीमा नहीं
कराते थे.उन्होंने कहा कि पहले बीमा मंज़ूर होने में चार-चार मौसम निकल
जाते थे. अब 25 फ़ीसदी की बीमा राशि का लाभ तत्काल मिलेगा. इससे पहले इतना
फसल बीमा लाभ किसानों को नहीं मिला.अब जितने किसान बीमा कराएंगे, सरकार की
तिजोरी उतनी भरेगी. प्रधानमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि बीमा
से जुड़ने के बाद किसानों का हर संकट दूर होगा.
No comments:
Write comments