Tuesday, 5 January 2016

साल 2016 में लाखों जॉब भी मिलेंगी, वेतन भी बढ़ेगा

साल 2016 में लाखों जॉब भी मिलेंगी, वेतन भी बढ़ेगा
रोजगार बाजार के लिए नया साल कई सौगात लेकर आया है।
नियुक्तियों में मदद करने वाले और मानव संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि नए कर्मचारियों को काम पर रखे जाने के लिहाज से 2015 में तेजी का रुख रहा। तेज आर्थिक विकास दर के साथ-साथ रिटेल, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में स्टार्टअप्स आने के कारण आने साल में भी लाखों की तादाद में नई नौकरियां और अच्छी-खासी वेतनवृद्घि की उम्मीद हैआएंगी नई ग्लोबल कंपनियांनई ग्लोबल कंपनियों के आने से रोजगार बाजार को और बल मिल सकता है। ये कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के साथ-साथ उन क्षेत्रों में भी आ सकती हैं, जिन्हें हाल ही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए खोला गया है।माइहायरिंगक्लब और जॉबपोर्टल के सीईओ राजेश कुमार ने कहा, 'भारत का संगठित क्षेत्र कैलेंडर वर्ष 2016 में लगभग 10 लाख नए रोजगार सृजित करने के लिए तैयार है।' इसके साथ ही देश में वेतन वृद्घि और बोनस भी दहाई अंक में रहने की उम्मीद है।माइहायरिंगक्लब के एक ताजा सर्वे के मुताबिक ज्यादातर नियोक्ता 2016 में नियुक्ति योजनाओं को लेकर आशान्वित हैं। यह सर्वे 12 प्रमुख शहरों में 12 औद्योगिक क्षेत्रों की 5,480 कंपनियों के बीच किया गया।टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग में मिलेंगे मौकेटाइम्सजॉब्स पोर्टल के रोजगार आउटलुक 2016 सर्वे के अनुसार देशभर में लगभग 60 प्रतिशत नियोक्ता संगठनों ने नियुक्तियों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। यह सर्वे 1,614 नियोक्ताओं पर आधारित है।टाइम्सजॉब्स के सीओओ विवेक मधुकर ने कहा, 'सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया कार्यक्रमों पर जोर दिए जाने के बीच 2016 में टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में श्रमबल की मांग बढ़ने की उम्मीद है।' उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और स्टार्टअप इस साल बड़ी संख्या में नई नौकरियां देंगेमानव संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि नए साल में कर्मचारियों के वेतन में अच्छी-खासी वृद्घि की जाएगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने का असर भी निजी क्षेत्र पर भी पड़ेगा। ग्लोबलहंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने कहा, '2016 में औसत वेतन वृद्घि 12-14 प्रतिशत रहेगी, जबकि उम्दा प्रदर्शन करने वालों का वेतन 25-30 प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है।
तेज आर्थिक विकास दर और रिटेल, फाइनेंस व टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में स्टार्टअप्स की भरमार।
मैन्युफैक्चरिंग के अलावा उन क्षेत्रों में भी नई ग्लोबल कंपनियां आएंगी, जिन्हें FDI के लिए खोला गया है।
डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया की बदौलत टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में श्रमबल की मांग बढ़ेगी।
एक ताजा सर्वे के मुताबिक ज्यादातर नियोक्ता 2016 में नियुक्ति योजनाओं को लेकर आशान्वित हैं।
2016 में कंपनियां 10 लाख से अधिक नई नौकरियां देने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा सही प्रतिभाओं को 10-30 प्रतिशत वेतन वृद्घि की उम्मीद भी की जा रही है।

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