Wednesday, 23 December 2015

DDCA में कथित भ्रष्टाचार के मामले का कीर्ति आजाद ने किया खुलासा

DDCA में कथित भ्रष्टाचार के मामले का कीर्ति आजाद ने किया खुलासा
डीडीसीए विवाद को लेकर भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने रविवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए कई खुलासे किए। मीडिया को संबोधित करते हुए कीर्ति आजाद ने विकीलिक्‍स फॉर इंडिया के हवाले से किए गए ऑपरेशन की सीडी दिखाई। आजाद ने इससे पहले कहा कि मैं प्रधानमंत्री का फैन हूं जो भ्रष्‍टाचार मिटाने का काम कर रहे हैं। मेरा यह खुलासा भ्रष्‍टाचार को लेकर है और कोई भी इसे निजी तौर पर ना लें कीर्ति आजाद ने बताया कि उनके पास एक सीडी है जो एजीएम की है। यह पांच पैकेज में बनी हुई है। इसमें भ्रष्‍टाचार से संबंधित प्रमुख खुलासे जानने को मिल जाएंगे। सीडी दिखाते समय वीकीलीक्‍स फॉर इंडिया और सन स्‍टार नेशनल हिंदी डेली का स्‍क्रॉल चलता दिखाई दिया।सीडी में कहा गया कि वह सभी डीडीसीए के बारे में ऐसे अहम खुलासे करने जा रही है जो अब तक किसी के सामने नहीं आए है। सीडी में उन पतों की सच्‍चाई के बारे में बताया गया है जिन्‍हें ठेके देने की आरोप लगे हैं। इसके अनुसार जिन फर्जी पतों वाली कंपनियों को करोड़ों के ठेके दिए गए जबकि जांच में यह पते फर्जी निकले।इसके अलावा भाजपा सांसद ने कहा कि डीडीसीए में प्रिंटर, लैपटॉप भी किराये पर लिए गए और इन पर जमकर फिजुल खर्ची हुई है।बिलों को पास करने से पहले ऐग्जिक्युटिव स्तर की कोई भी बैठक नहीं हुई। कंपनियों को करोड़ों रुपए दे दिए गए, लेकिन उन्हें उनका नेचर ऑफ वर्क नहीं बताया गया।फ़िरोज़शाह कोटला स्टेडियम 2002 से 2007 के बीच क़रीब पांच साल में बना... इसका शुरुआती बजट 24 करोड़ था, लेकिन बाद में इसमें 114 करोड़ का खर्च आया...
स्टेडियम के निर्माण के लिए जो ठेके दिए गए उसके सही उचित रिकॉर्ड नहीं हैं
एमसीडी और दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन की इजाज़त के बिना ग़ैर क़ानूनी निर्माण किया गया...भारी वित्तीय अनियमितताओं के सबूत
2013-14 में कुछ कंपनियों को फ़र्ज़ी और ग़ैर क़ानूनी पेमेंट दिए गए
DDCA ओवरस्टाफ्ड है... काफ़ी पैसा अनावश्यक कर्मचारियों पर खर्च किया गयाओवरटाइम के तौर पर बड़े पैमाने पर पैसा दिया गया
नौ फर्मों को पेमेंट किया गया... जांच में पता चला कि इन सभी का रजिस्टर्ड ऑफ़िस एक ही था, एक ही ईमेल आईडी था, सब में वही डायरेक्टर थे...
डुप्लीकेट बिल दिए गए और पेमेंट की झूठी वजह बताई गईं
ऐसी कंपनियों को पेमेंट किया गया, जिन्होंने कभी कोई काम नहीं किया, जिन्हें कोई काम नहीं दिया गयाजेटली के रहते कोई घोटाला नहीं
हम कुछ भी नहीं छुपा रहेस्टेडियम बनाने में 114 करोड़ लगेफ़्लड लाइट लगाने में 1.16 करोड़ ख़र्चमुंबई, चेन्नई के स्टेडियम 300 करोड़ में बनेदूसरों के मुक़ाबले कम ख़र्च में कामस्टैंडर्ड, मल्टीनेशनल कंपनी ने काम किएकॉर्पोरेट बॉक्स से हमने पैसे जुटाए कॉर्पोरेट बॉक्स से करीब 35 करोड़ मिले

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