असहिष्णुता और बढ़ती आबादी पर गरजे गिरिराज !
केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने असहिष्णुता, बढ़ती जनसंख्या को लेकर फिर तीखे बयान दिए हैं। गिरिराज ने पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा कि आखिर किन हालातों में वहां हिंदुओं की आबादी 1 फीसदी रह गई। उन्होंने आबादी नियंत्रण के लिए सभी धर्मों पर सख्ती से लागू होने वाला कानून बनाने की मांग की।गिरिराज सिंह ने बनारस में कहा कि हम पाकिस्तान में 22 फीसदी से 1 फीसदी हो गए, क्यों। इसलिए हो गए क्योंकि हमारी मां-बहनों को वहां सुरक्षित नहीं रख पाए। न पुलिस कुछ कर पाई न प्रशासन कर पाया। भारत के अंदर सहिष्णुता का सवाल उठाते हैं। भारत में सहिष्णुता कूट-कूट कर भरी हुई है। क्योंकि हमारे संतों ने पूर्वजों ने सिखाया कि सर्वे भवन्तु सुखिन:।भारत में सहिष्णुता नहीं होती तो याकूब मेमन जैसे आतंकी के लिए रात को सुप्रीम कोर्ट नहीं बैठता। याकूब मेमन की शव यात्रा के साथ सैकड़ों लोग थे, वो कौन थे। भारत माता के सपूत की शव यात्रा थी या आतंकी की? अगर सामाजिक संतुलन को बनाए रखना है तो भारत के अंदर समान जनसंख्या नीति बनानी होगी। चाहे हिंदू हो, बौद्ध हो, सिख हो, ईसाई चाहे वो मुसलमान ही क्यों ना हो, सबके लिए ये नीति होनी चाहिए। जो ना माने उसके खिलाफ कार्रवाई हो, कानूनी कार्रवाई हो। बिना जनसंख्या पर नियंत्रण करे भारत विकसित नहीं होगा।अगर चाइना जनसंख्या पर नियंत्रण नहीं करता तो आज चाइना विकसित नहीं होता।
हिंदुओं ने इस नीति को अपनाया है। अनुसूचित जाति के लोगों ने भी जनसंख्या नीति को अपनाया है। लेकिन कुछ लोगों ने इसके विपरीत रास्ता बनाया है। आज मेट्रो की हालत देखेंगे तो चाहे मेट्रो में रामदेव हों ना हों, लेकिन सब लोग रामदेव के आसन के रूप में एक पैर पर खड़े नजर आएंगे। हम सहिष्णु हैं। जिस दिन सनातन की आबादी गिर जाएगी उस दिन भारत का संतुलन बिगड़ जाएगा।अल्पसंख्यक की परिभाषा क्यों नहीं होनी चाहिए। इस पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए? क्योंकि संविधान में इसके बारे में बात नहीं होनी चाहिए। जो लोग असहिष्णुता पर बहस कर रहे हैं, उन्हें बहस करनी चाहिए अल्पसंख्यक की परिभाषा पर। 75 जिलों में से 60 जिले हैं जहां सनातनी की संख्या गिर गई है। बिहार में 38 जिले हैं जहां सनातनी की संख्या गिरी है। केरल में 5 जिले हैं जहां सनातन अल्पमत में आ गए हैं। पाकिस्तान की स्थिति दिख रही है। भारत के अंदर ये तस्वीर दिख रही है। और हम लोग इस पर चर्चा करने पर डरते हैं।
गिरिराज ने कहा, किसी ने कहा कि ऋषि मुनि भी गौ-मांस खाते थे, ये एक गाली है, मुझे बुरा लगा। लेकिन मैं मंत्री बाद में हूं पहले सनातनी हूं। मैं मंत्री पद छोड़ सकता हूं, पार्टी छोड़ सकता हूं, लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ सकता। पूरी दुनिया में प्यू रिसर्च सेंटर हैं। अंतर्राष्ट्रीय सेंटर है। मैं डंके की चोट पर जिन बातों को कहता हूं दिखाएं, लेकिन कट-पेस्ट ना करें। प्यू रिसर्च सेंटर ने कहा है कि आने वाले दिनों में भारत मुस्लिम आबादी वाला सबसे बड़ा देश हो जाएगा। मुस्लिम युवा सबसे जवान हैं। 22 वर्ष के मुस्लिम, 27 वर्ष के हिंदू, 29 साल के ईसाई हैं। 5 फीसदी मुस्लिम महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं।आज हमारी जनसंख्या 3 गुना बढ़ी है। मुस्लिम साढ़े तीन करोड़ से साढ़े 17 करोड़ हो गए। जब पूरी दुनिया में 2 फीसदी से कम होते हैं तो बड़े सहिष्णु होते हैं। आज देश को जरूरत है एक समान कानून जनसंख्या की। अगर ये समान कानून नहीं आया तो सनातन तो सनातन है, उसका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। लेकिन मैं ऋषि-मुनियों से ये विनती कर रहा हूं मंदिर-मठों से निकलकर समाज में निकलना होगा। समाज को बांटने वाले लोगों से आपको बचाना होगा।
हिंदुओं ने इस नीति को अपनाया है। अनुसूचित जाति के लोगों ने भी जनसंख्या नीति को अपनाया है। लेकिन कुछ लोगों ने इसके विपरीत रास्ता बनाया है। आज मेट्रो की हालत देखेंगे तो चाहे मेट्रो में रामदेव हों ना हों, लेकिन सब लोग रामदेव के आसन के रूप में एक पैर पर खड़े नजर आएंगे। हम सहिष्णु हैं। जिस दिन सनातन की आबादी गिर जाएगी उस दिन भारत का संतुलन बिगड़ जाएगा।अल्पसंख्यक की परिभाषा क्यों नहीं होनी चाहिए। इस पर चर्चा क्यों नहीं होनी चाहिए? क्योंकि संविधान में इसके बारे में बात नहीं होनी चाहिए। जो लोग असहिष्णुता पर बहस कर रहे हैं, उन्हें बहस करनी चाहिए अल्पसंख्यक की परिभाषा पर। 75 जिलों में से 60 जिले हैं जहां सनातनी की संख्या गिर गई है। बिहार में 38 जिले हैं जहां सनातनी की संख्या गिरी है। केरल में 5 जिले हैं जहां सनातन अल्पमत में आ गए हैं। पाकिस्तान की स्थिति दिख रही है। भारत के अंदर ये तस्वीर दिख रही है। और हम लोग इस पर चर्चा करने पर डरते हैं।
गिरिराज ने कहा, किसी ने कहा कि ऋषि मुनि भी गौ-मांस खाते थे, ये एक गाली है, मुझे बुरा लगा। लेकिन मैं मंत्री बाद में हूं पहले सनातनी हूं। मैं मंत्री पद छोड़ सकता हूं, पार्टी छोड़ सकता हूं, लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ सकता। पूरी दुनिया में प्यू रिसर्च सेंटर हैं। अंतर्राष्ट्रीय सेंटर है। मैं डंके की चोट पर जिन बातों को कहता हूं दिखाएं, लेकिन कट-पेस्ट ना करें। प्यू रिसर्च सेंटर ने कहा है कि आने वाले दिनों में भारत मुस्लिम आबादी वाला सबसे बड़ा देश हो जाएगा। मुस्लिम युवा सबसे जवान हैं। 22 वर्ष के मुस्लिम, 27 वर्ष के हिंदू, 29 साल के ईसाई हैं। 5 फीसदी मुस्लिम महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं।आज हमारी जनसंख्या 3 गुना बढ़ी है। मुस्लिम साढ़े तीन करोड़ से साढ़े 17 करोड़ हो गए। जब पूरी दुनिया में 2 फीसदी से कम होते हैं तो बड़े सहिष्णु होते हैं। आज देश को जरूरत है एक समान कानून जनसंख्या की। अगर ये समान कानून नहीं आया तो सनातन तो सनातन है, उसका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। लेकिन मैं ऋषि-मुनियों से ये विनती कर रहा हूं मंदिर-मठों से निकलकर समाज में निकलना होगा। समाज को बांटने वाले लोगों से आपको बचाना होगा।

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