नेपाल के नए प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने शुक्रवार को कहा कि भारत से लगी सीमा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर कथित नाकेबंदी ‘युद्ध से भी ज्यादा अमानवीय’ है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में नेपाल में कथित मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा उठाने को लेकर भी भारत की आलोचना की।
ओली ने नेपाली पत्रकार संघ (एफएनजे) के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में कहा, ‘किसी युद्ध के दौरान भी मानवीय पहलू के तहत खाद्य सामग्री एवं संरक्षण को प्राथमिकता दी जाती है। प्रवेश बिंदुओं पर नाकेबंदी करके पड़ोसी देश ने हमारे देश को और मुश्किल में डाल दिया है जबकि यह 25 अप्रैल को तबाही लेकर आए भूकंप से पहले ही बुरी तरह प्रभावित है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह आपत्तिजनक है।’ उन्होंने कहा कि नाकेबंदी की मौजूदा समस्या ‘कुछ तत्वों द्वारा आयातित एजेंडा’ का नतीजा है।
स्थानीय मीडिया ने प्रधानमंत्री को उद्धृत करते हुए कहा, ‘नेपाल अभी अनाधिकारिक नाकेबंदी का शिकार है। लेकिन यह हमारे लिए विकल्प तलाशने का समय है।’ ओली ने इस बात पर भी असंतोष जाहिर किया कि भारत ने कथित मानवाधिकार हनन को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में नेपाल को निशाना बनाया।उन्होंने कहा, ‘पड़ोसी देश एक तरफ तो हम पर धौंस दिखा रहा है और दूसरी तरफ मानवाधिकार के मुद्दे उठा रहा है।’

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