Saturday, 7 November 2015

असहनशीलता के मुद्दे पर अनुपम खेर का राष्ट्रपति भवन तक मार्च, बोले- देश की छवि ख़राब नहीं होने दे ।

देश में कथित असहनशीलता के विरोध में जहां एक ओर लेखकों, साहित्यकारों और फ़िल्मकारों का एक बड़ा धड़ा शामिल है, वहीं एक धड़ा सरकार के साथ भी खड़ा है। असहनशीलता के नाम पर सम्मान वापसी से नाराज़ अभिनेता अनुपम खेर की अगुवाई में आज दिल्ली के जनपथ से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला जा रहा है। मधुर भंडारकर, गायक अनूप जलोटा, मालिनी अवस्थी, साहित्यकार नरेंद्र कोहली, दयाप्रकाश सिंह समेतकई बड़े नाम मार्च में शामिल हुए। इसे 'मार्च फॉर इंडिया' का नाम दिया गया है। ये लोग राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपेंगे।
अनुपम खेर का कहना है कि 'वो देश की छवि खराब करने के लिए की जा रही साज़िश को सफल नहीं होने देंगे। भारत एक सहनशील देश है और इसी संदेश के साथ हम राष्‍ट्रपति से मिलेंगे।' खेर ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने का अनुरोध किया है ताकि मार्च फॉर इंडिया में शामिल हो रहे लोग अपने विचार पीएम से साझा कर सकें।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने असहिष्णुता के माहौल पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला था और राष्ट्रपति से दखल देने के लिए अपील की थी।
अनुपम खेर ने कल ट्विटर पर बताया था कि भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के मद्देनजर 'मार्च फॉर इंडिया' का स्थान इंडिया गेट से बदलकर जनपथ स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय कर दिया गया है। कालाकारों का जुलूस वहां से राष्ट्रपति भवन की ओर कूच करेगा। इससे पहले खेर ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक श्रोता बनकर करोड़ों भारतीयों के विचार सुनने का अनुरोध किया था। अभिनेता ने कहा कि वह सहिष्णुता पर चर्चा के लिए राष्ट्रपति भवन तक एक मार्च का नेतृत्व करेंगे था ।

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