स्वर्ण बांड योजना 5 नवंबर से
वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि सरकारी स्वर्ण बांड योजना पर 2.75 प्रतिशत
ब्याज मिलेगा और इसकी खरीद के लिये आवेदन 5 से 20 नवंबर के बीच स्वीकार
किया जाएगा। सोना खरीदने के विकल्प के
रूप में लायी गयी इस योजना के तहत निवेशकों के पास 2 ग्राम सोने के मूल्य
का बांड खरीदने का विकल्प होगा और अधिकतम 500 ग्राम तक सोना खरीद सकेंगे।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘बांड 26 नवंबर 2015 को
जारी किया जाएगा। बांड के लिये आवेदन 5 नवंबर से 20 नवंबर 2015 तक स्वीकार
किये जाएंगे।’ बयान के अनुसार, ‘बांड की बिक्री सूचना में बताये गये
बैंकों और अधिकृत डाकघरों के जरिये की जाएगी।’ यह स्वर्ण बांड की पहली
किस्त है और आगे की किस्त को बाद में अधिसूचित किया जाएगा।
बयान के अनुसार बांड की मियाद आठ साल होगी। इसमें ब्याज भुगतान की तारीख
पर 5वें साल से बाहर निकलने का विकल्प होगा। वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘बांड
की कीमत भारतीय रुपये में तय की जाएगी। कीमत पूर्व सप्ताह
(सोमवार-शुक्रवार) के आधार पर इंडियन बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन लिमिटेड
द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने की साधारण औसत बंद कीमत के आधार पर
होगी।’ बांड को भुनाने के समय के मूल्य का निर्धारण भी इसी प्रक्रिया से
होगी।
ऐसे बांड पर ब्याज 2.75 प्रतिशत सालाना नियत किया गया है जिसका भुगतान
शुरूआती निवेश मूल्य पर हर छह महीने पर किया जाएगा। स्वर्ण बांड पर मिलने
वाला ब्याज कर योग्य होगा। भौतिक रूप में दिये जाने वाले सोने के मामले में
पूंजीगत लाभ कर लगेगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार बांड का उपयोग कर्ज लेने के लिये भी किया जा
सकता है। इस पर कर्ज अनुपात रिजर्व बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित
साधारण स्वर्ण ऋण के बराबर होगा। बांड का एक्सचेंजों में कारोबार किया जा
सकेगा और यह सांविधिक तरलता अनुपात के लिये भी मान्य होगा।
इन बांडों की बिक्री भारतीय नागरिक, एचयूएफ (अविभाजित हिंदू परिवार)
ट्रस्टों, विश्वविद्यालयों तथा परमार्थ संस्थानों समेत भारतीय इकाइयों को
ही की जा सकेगी। बांड वितरण की अभिदान राशि पर एक प्रतिशत कमीशन दिया
जायेगा। स्वर्ण बांड के जरिये कर्ज सरकार के बाजार उधारी कार्यक्रम का
हिस्सा होगा। बांड रिजर्व बैंक जारी करेगा।
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