Tuesday, 2 May 2017

क्या है अमरीका का थाड मिसाइल सिस्टम?

उत्तर कोरिया के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमरीकी सेना ने अपने विवादित थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की दक्षिण कोरिया में तैनाती कर दी है.
यह डिफेंस सिस्टम उत्तर कोरिया के मिसाइलों को रोकने में सक्षम होगा. हालांकि अभी भी ये मिसाइल सिस्टम पूरी तरह से ऑपरेशनल नहीं है और इसमें कुछ महीने लगेंगे.
पिछले कुछ महीनों में उत्तर कोरिया ने लगातार चेतावनी देता रहा है इतना ही नहीं अमरीकी युद्धपोत और पनडुब्बियां भी इस इलाके में तैनात हैं और तनाव का माहौल है.
उत्तर कोरिया ने ताज़ा अमरीकी सैन्य अभ्यास पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि अमरीका इस इलाक़े में परमाणु युद्ध जैसे हालात बनाने की कोशिश कर रहा है.
हालांकि एक दिन पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन से 'सही परिस्थितियों' में मिल कर सम्मानित महसूस करेंगे.
अमरीका ने पिछले हफ्ते ही कहा था कि वो थाड मिसाइल प्रणाली को लागू करेगा जबकि माना जा रहा था कि यह 2017 के अंत तक ही पूरी तरह ऑपरेशनल हो सकता है.
थाड मिसाइल सिस्टम यानी टर्मिनल हाइ एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस. इसे दक्षिण कोरिया के सियोंग्जू में स्थापित किया है और इसे लगाए जाने के दौरान लोगों ने इसके खिलाफ़ उग्र प्रदर्शन किए थे.
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अमरीकी बलों के प्रवक्ता का कहना है कि इस प्रणाली की मदद से कोरियाई गणतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी.
हालांकि अमरीका के ही एक अन्य रक्षा अधिकारी ने एएफपी को बताया कि यह प्रणाली अभी शुरूआती दौर में है और इसे पूरी तरफ फूलप्रूफ बनाने में कुछ महीनों का समय और लगेगा.
लेकिन विरोध कर रहे स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रणाली को लगाने से इलाक़े पर हमले की संभावनाएं बढ़ गई हैं.
चीन का विरोध
उधर चीन ने भी इस प्रणाली का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि यह प्रणाली चीन के सैन्य अभियानों में खलल पैदा कर रही है.
पिछले साल जब थाड प्रणाली को कोरिया में लगाने के बारे में अमरीका ने जानकारी दी थी तो उत्तर कोरिया ने इसकी आलोचना करते हुए कहा था कि इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा.
क्या है थाड मिसाइल प्रणाली
. यह प्रणाली मध्यम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइलों को उड़ान के शुरुआती दौर में ही गिराने में सक्षम है.
. इसकी टेक्नोलॉजी हिट टू किल है यानी सामने से आ रहे हथियार को रोकती नहीं बल्कि नष्ट कर देती है.
. यह 200 किलोमीटर दूर तक और 150 किलोमीटर की ऊंचाई तक मार करने में सक्षम है.
. अमरीका ने इससे पहले गुवाम और हैती में भी इसकी तैनाती की है ताकि उत्तर कोरिया के हमलों से इन इलाकों को बचाया जाए.

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